पीपल चूर्ण

peepal

पीपल के पेड़ की लकड़ी का मेधाशक्तिवर्धक प्रमाण शास्त्रों में वर्णित है। पीपल की पुरानी, सूखी लकड़ी से बने गिलास में रखे पानी को पीने से अथवा पीपल की लकड़ी का चूर्ण पानी भिगोकर छना …

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देसी गाय के घी के अद्भुत लाभ | Desi Gay ke Ghee ke Labh (fayde)

देसी गाय के घी के अद्भुत लाभ | Desi Gay ke Ghee ke Labh (fayde)

गाय के घी के फायदे : Gay ke Ghee ke Fayde ☛ गाय का घी गुणों में मधुर, शीतल, स्निग्ध, गुरु (पचने में भारी) एवं हृदय के लिए सदा पथ्य, श्रेयस्कर एवं प्रियकर होता है। …

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तक्र (छाछ)

तक्र (छाछ)

दूध में जोरन (थोड़ा दही) डालने से दही के जीवाणु बड़ी तेजी से बढ़ने लगते हैं और वह दूध 4-5 घंटों में ही जमकर दही बन जाता है। दही में पानी डालकर मथने पर मक्खन …

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Bael fal ke Gun | बेलफल के औषधीय गुण और फायदे

Indian bael

बेलफल क्या है ? : What is Wood Apple in Hindi बेल या बिल्व का अर्थ हैः रोगान् बिलति भिनत्ति इति बिल्वः। जो रोगों का नाश करे वह बिल्व। बेल के विधिवत् सेवन से शरीर …

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आनंद प्राप्ति कि कुंजी ( Pujya Asaram Bapu Ji )

सुख बाँटने की वस्तु है, रखने की नहीं। जो प्राणी सुखको रखने का प्रयत्न करता है, उससे सुख छिन जाता है, मिलता कुछ नहीं। और जो प्राणी सुख बाँट देता है, उसको आनन्द मिल जाता …

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वास्तविक सामर्थ का सूक्ष्म रहस्य ( Pujya Asaram Bapu Ji )

बड़े से बड़ा, सबल से सबल व्यक्ति, वर्ग तथा समाज उस समय तक हमें असमर्थ नहीं बना सकता, जबतक हम मिले हुए बलका दुरुपयोग तथा विवेकका अनादर नहीं करते। – Pujya Sant Shri Asaram Bapu Ji

ग्रहण में क्या करें, क्या न करें ? Grahan me kya kare kya na kare

ग्रहण में क्या करें, क्या न करें ? Grahan me kya kare kya na kare

★    चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है। श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करने …

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श्री गुरु नानक देव जी और कोड़ी (बोध कथा)

श्री गुरु नानक देव जी और कोड़ी (बोध कथा)

एक बार श्री गुरु नानक देव जी जगत का उद्धार करते हुए एक गाँव के बाहर पहुँचे और देखा वहाँ एक झोपड़ी बनी हुई थी। उस झोपड़े में एक आदमी रहता था, जिसे कुष्‍ठ का …

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दांतों के रोगों का सरल आयुर्वेदिक निदान

दांतों के रोगों का सरल आयुर्वेदिक निदान

१) नीम्बू के रस को ताजे जल में मिलाकर कुल्ले करने से दांतों के अनेक रोगों में लाभ होता है! मुख की दुर्गन्ध दूर होती है | (२) निचोड़े हुए ताजे नीम्बू के छिलके से …

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आयुर्वेदः निर्दोष एवं उत्कृष्ट चिकित्सा-पद्धति

ayurveda

आयुर्वेद एक निर्दोष चिकित्सा पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति से रोगों का पूर्ण उन्मूलन होता है और इसकी कोई भी औषध दुष्प्रभाव (साईड इफेक्ट) उत्पन्न नहीं करती। आयुर्वेद में अंतरात्मा में बैठकर समाधिदशा में खोजी …

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