हड्डियों को वज्र जैसा मजबूत बनायेंगे यह 18 देशी उपाय | Haddiyon ki Majabuti ke liye gharelu upay

हड्डियां क्यों कमजोर होती है ? : Haddiyon ke Kamjor Hone ke Karan

हमारी हड्डियां कैल्शियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन के अलावा कई तरह के मिनरल से मिल कर बनी होती हैं। अनियमित जीवनशैली की वजह से ये मिनरल खत्म होने लगते हैं, जिससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और धीरे- धीरे वे घिसने और कमजोर होने लगती हैं। कई बार यह कमजोरी इतनी होती है कि मामूली चोट पर भी फ्रैक्चर हो जाता है।

आइये जाने हड्डियों को मजबूत (Strong Bones) बनाने वाले कुछ असरकारक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे ।

हड्डियों की मजबूती के लिए घरेलू उपाय : Haddiyo Ko Majboot Banane Ke Aasan Gharelu Nuskhe

१). रिफाईनड तेल खाना छोड दें । रिफाइंड तेल में ज्यादा लाईपो कैमिकल होता है और यह शरीर के केल्सियम को मूत्र के जरिये बाहर निकालता है। केल्शियम अल्पता से अस्थि-भंगुरता होती है। रिफाइंड की बजाय कच्ची घाणी का तेल प्रचुरता से उपयोग करें।

२). प्रतिदिन बाजरा और तिल का तेल उपयोग करें। यह ओस्टियो पोरोसिस( अस्थि मृदुता) का उम्दा इलाज है।खोखली और कमजोर अस्थि-रोगी को यह उपचार अति उपादेय है।

३). एक चम्मच शहद नियमित तौर पर लेते रहें। यह आपको अस्थि भंगुरता से बचाने का बेहद उपयोगी नुस्खा है।

४). दूध केल्सियम की आपूर्ति के लिये श्रेष्ठ है। इससे हड्डिया ताकतवर बनती हैं। गाय या बकरी का दूध भी लाभकारी है।

५). विटामिन “डी ” अस्थि मृदुता में परम उपकारी माना गया है। विटामिन डी की प्राप्ति सुबह के समय धूपमें बैठने से हो सकती है। विटामिन ’डी” शरीर में केल्सियम संश्लेशित करने में सहायक होता है।शरीर का २५ प्रतिशत भाग खुला रखकर २० मिनिट धूपमें बैठने की आदत डालें।

strong-bones

६). एक गेहूं के दाने के समान चूना तरल पदार्थ में मिलाकर खाये, यह कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं ।(पथरी का रोगी चुना ना खाये)

७). तिल के उत्पाद अस्थि मृदुता निवारण में महत्वपूर्ण हैं। इससे औरतों में एस्ट्रोजिन हार्मोन का संतुलन बना रहता है। एस्ट्रोजिन हार्मोन की कमी महिलाओं में अस्थि मृदुता पैदा करती है।तिल का तेल उत्तम फ़लकारक होता है।

८). केफ़िन तत्व की अधिकता वाले पदार्थ के उपयोग में सावधानी बरतें। चाय और काफ़ी में अधिक केफ़िन तत्व होता है। चाय या काफ़ी की जगह अच्युताय हरिओम ओजस्वी पेय (आयुर्वेदिक चाय ) पियें ।

९). बादाम अस्थि मृदुता निवारण में उपयोगी है। ४-५ बादाम रात को पानी में गलादें। छिलके उतारकर गाय के २५० मिलि दूध के साथ मिक्सर या ब्लेन्डर में चलावें। नियमित उपयोग से हड्डियों को भरपूर केल्शियम मिलेगा और अस्थि भंगुरता का निवारण करने में मदद मिलेगी।

१०). बन्द गोभी में बोरोन तत्व पाया जाता है। हड्डियों की मजबूती में इसका अहम योगदान होता है। इससे खून में एस्ट्रोजीन का स्तर बढता है जो महिलाओं मे अस्थियों की मजबूती बढाता है। पत्ता गोभी की सलाद और सब्जी प्रचुरता से इस्तेमाल करें।

११). नये अनुसंधान में जानकारी मिली है कि मेंगनीज तत्व अस्थि मृदुता में अति उपयोगी है। यह तत्व साबुत गेहूं,पालक,अनानास,तिल और सूखे मेवों में पाया जाता है। इन्हें भोजन में शामिल करें।

१२). अच्युताय हरिओम सप्त धातु वर्धक बूटी का सेवन कमजोर हड्डियों को बलवान और मजबूत बनता है इसका सेवन अस्थि भंगुरता में लाभकारी है।

१३). सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि हड्डियों की मजबूती के लिये नियमित व्यायाम करें और स्वयं को घर के कामों में लगाये रखें।

१४). भोजन में नमक की मात्रा कम कर दें। भोजन में नमक ज्यादा होने से सोडियम अधिक मात्रा मे उत्सर्जित होगा और इसके साथ ही केल्शियम भी बाहर निकलेगा।

१५). २० ग्राम तिल थोडे से गुड के साथ मिक्सर में चलाकर तिलकुट्टा बनालें। रोजाना सुबह उपयोग करने से अस्थि मृदुता निवारण में मदद मिलती है।

१६). टमाटर का जूस आधा लिटर प्रतिदिन पीने से दो तीन माह में हड्डियां बलवान बनती है और अस्थि भंगुरता में आशातीत लाभ होता है।

१७). केवल एक मुट्ठी मूंगफली से आप हड्डियों से सम्बन्धित सभी परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं| मूंगफली आयरन, नियासीन,फोलेट,केल्सियम और जिंक का अच्छा स्रोत है। इसमें विटामिन ई , के और बी ६ प्रचुर मात्रा में होते हैं। केल्सियम और विटामिन डी अधिक मात्रा में होने से यह हड्डियों की कमजोरी दूर करती है। इससे दांत भी मजबूत होते हैं| इसमें पाया जाने वायलार विटामिन बी-३ हमारे दिमाग को तेज करने में मदद करता है। मूंगफली या मुमफली का तेल इस्तेमाल करना चाहिए इसमे में मौजूद फोलेट तत्त्व गर्भा में पल रहे बच्चे के लिए लाभकारी होता है।

१८). हड्डियों की मजबूती के लिए हमेशा तिल का तेल की मालिश करनी चाहिए, तिल तेल में दूध से ६ गुना अधिक कैल्शियम होता है और फांसफोर्सेस होता है जो कि हड्डियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण घटक होता है । हडि्डयों में दर्द होने पर तिल का तेल मे लहसुन की कलियां को जला कर मालिश करना चाहिए, यह वात रोग को दूर करने वाला होता है।

हड्डियों के लिए आवश्यक आयुर्वेदिक औषधियां…

शंख भस्म ,मोती भस्म आदि  को भी द्राक्षावलेह या च्यवनप्राश आदि में मिलाकर लिया जा सकते हैं |

(उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

Leave a Comment