कान की सूजन दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

कान में तेज जलन की वजह से कान में सूजन पैदा हो जाती है। यह जलन वाली सूजन कान के बीच के हिस्से में होती है जिसमें काफी दर्द होता है।

कान की सूजन दूर करने के आयुर्वेदिक नुस्खे :

1. सिनुआर : 10 से 20 मिलीलीटर सिनुआर के पत्तों के रस को सुबह और शाम पीने से कान की नयी सूजन खत्म हो जाती है।

2. नागदन्ती : लगभग 3 से 6 ग्राम की मात्रा में नागदन्ती की मूलत्वक (जड़ का काढ़ा) सुबह और शाम सिनुआर के पत्तों के रस और करंज के साथ मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।

3. नीम : नीम, सिनुआर, करंज और धतूरे के पत्तों को पीसकर गर्म-गर्म ही नयी सूजन पर बांधने से सूजन में लाभ मिलता है।

4. कायफल : कायफल को किसी पत्थर पर पीसकर लेप करने से कान का दर्द और सूजन दोनों समाप्त हो जाते हैं।

5. हुरहुर : पीले फूलों वाली हुरहुर के पत्तों को पीसकर कान की सूजन पर बांधने से सूजन जल्दी ठीक हो जाती है।

6. चनसूर : चनसूर को नींबू के रस के साथ पीसकर और कपड़े में छानकर निकाले हुए रस की 2-3 बूंदें रोजाना हर 3-4 घंटे के बाद कान में डालने से कान की सूजन मिट जाती है या इसके लेप को कान की सूजन पर चारों तरफ लगाने से भी लाभ होता है। चनसूर अन्दर की सूजन और दर्द को मिटाने में बहुत ही लाभकारी है।

7. मैनफल : मैनफल के पेड़ की छाल को पीसकर लगाने से कान का दर्द और सूजन दोनों समाप्त हो जाते हैं।

8. विजयसार : कान की सूजन पर विजयसार के पत्तों को पीसकर लगाने से लाभ मिलता है।

9. मकोय : 10 से 20 मिलीलीटर मकोय की डालियों और पत्तों के रस को शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम खाने या इसके पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से आराम मिलता है। इसके रस को कान पर आई हुई सूजन पर लगाने से कान की सूजन कम हो जाती है।

10. प्याज : अलसी को प्याज के रस में पकाकर छान लें, इस की 4-8 बूंद कान में डालने से कान के अन्दर की सूजन समाप्त हो जाती है।

(अस्वीकरण : दवा, उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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