लम्बाई बड़ाने के 10 सबसे तेज उपाय | Lambai Badhane Ke Upay

उम्र के अनुसार अगर शरीर की लम्बाई (lambai) न बढ़े तो हम उसे कद का छोटा होना या बौनापन कहते हैं। यह एक ऐसा रोग है जिसमें मनुष्य की मानसिक क्रिया उम्र के अनुसार ही ठीक रहती है लेकिन उसके शरीर का विकास ठीक से नहीं हो पाता जिसके कारण उसका शरीर छोटा रह जाता है।

लम्बाई न बढ़ने के कारण  :

बौनापन अक्सर वंशानुगत होता है। यदि किसी के माता-पिता में यह रोग हो तो उसके बच्चों में यह रोग होने की पूरी संभावना होती है।

लम्बाई बढ़ाने के उपाय (lambai badhane ke gharelu upay)

kad lamba kaise kare

1. चनसुर (चन्द्रशेखर, चिन्द्रका) :

  • शरीर की ऊंचाई (लम्बाई) बढ़ाने के लिये चनसुर 2.5 से 10 ग्राम प्रतिदिन सेवन करने से लम्बाई बढ़ती है।
  • चनसूर के बीजों का चूर्ण बनाकर दूध के साथ मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से शरीर की लम्बाई (lambai)में वृद्धि होती है।

2. प्याज : बाल अवस्था से ही प्याज और गुड़ का नियमित सेवन करने से यह शरीर की लम्बाई बढ़ाने में लाभकारी होता है।

3. अमर बेल (पीले धागे) : किसी पेड़ से अमर बेल उतारकर, छाया में सुखाकर एवं चूर्ण बनाकर रखें। इसे 1 से 3 ग्राम चूर्ण शहद के साथ मिलाकर प्रतिदिन लेने से कद बढ़ता है।

4. घी : 25 ग्राम घी लेकर उसे तेल के साथ गर्म करके 300 मिलीलीटर दूध छोंककर उतार लें और ठंड़ा करके उसमें खांड़ मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करें। इससे शरीर की लम्बाई बढ़ती है।

5. त्रिफला : त्रिफला चूर्ण “को प्रतिदिन लेने से कद बढ़ता है । 5 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन सुबह-शाम लेने से कद बढ़ता है।

6.अश्वगंधा :हर बीमारी या स्वास्थ्य संबधित समस्या का इलाज आयुर्वेद से संभव है। हाइट बढ़ाने के लिए Ashwagandha एक प्रभावी आयुर्वेदिक नुस्खा है। 18 साल से बाद भी हाइट बढ़ाने के लिए 2 चमच्च ” अश्वगंधा चूर्ण ” एक गिलास गाय के दूध में मिलकर रोजाना सोने से पहले पिए। (इसे भी पढ़े : आँखों की रौशनी बढ़ाने वाले सबसे कामयाब घरेलु नुस्खे )

7.ताड़ आसन :

  •  योग में ताड़ आसन होता है जिसको करकर आप अपने शरीर की लम्बाई अच्छी खासी बड़ा सकते हैं।
  • छोटे बच्चे और टीनेजर इस ताड़ आसन को रोज़ करे तो उनकी लम्बाई 6 फुट तक आसानी से हो सकती है।
  • ताड़ आसन को करने के लिए आपको सबसे पहले अपने दोनों हाथ ऊपर की और उठाने हैं और हाथ उठाते समय आपको सांस अन्दर लेनी हैं।
  • ऐसा करने के साथ साथ आपको अपने पैर के पंजो में भी कुछ सेकंड के लिए खड़ा होना है और इसके बाद आपको सांस बाहर छोड़ते छोड़ते हाथ नीचे करने है और दोनों पैर के पंजो को वापस सामान्य अवस्था में लाना है।
  • इस प्रक्रिया को आप 10 -15 बार करे और इसे बढ़ातें चले जाएँ।
  • इस आसन को करने के साथ साथ आपको अपने आहार का भी ध्यान रखना है आपको अपने आहार में ज्यादा से ज्यादा फल और मेवे खाने है।
  • अगर रोजाना ताड़ आसन करेंगे और आहार में फल और मेवे खायेंगे तो आप अपने कद को काफी अच्छा कर सकते हैं|

8.नागौरी अश्वगंधा :

  • कद बढ़ाने के लिये सूखी नागौरी अश्वगंधा की जड़ को कूटकर बारीक कर चूर्ण बना लें।
  • बराबर मात्रा में खांड मिलाकर किसी टाईट ढक्कन वाली कांच की शीशी में रखें।
  • इसे रात सोते समय रोज दो चम्मच गाय के दूध के साथ लें।
  • इससे दुबले व्यक्ति भी मोटे हो जायेंगे। कम कद वाले लोग लंम्बे हो सकते हैं।
  • इससे नया नाखून भी बनना शुरू होता है।
  • इस चूर्ण का सेवन करने से कमजोर व्यक्ति अपने अंदर स्फूर्ति महसूस करने लगता है।
  • इस चूर्ण को लगातार 40 दिन तक लेते रहें। इस चूर्ण को शीतकाल में लेने से अधिक लाभ मिलता है।

सावधानी –

इस चूर्ण का सेवन करते समय खटाई, तली चीजें न खायें और जिन्हें आंव की शिकायत हो, तो अश्वगंधा न लें।

9.खजूर:
1 से 2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण, 1 से 2 ग्राम काले तिल, 3 से 5 खजूर को 5 से 20 ग्राम गाय के घी में एक महीने तक खाने से लाभ होता है। साथ में पादपश्चिमोत्तानासन, ‘पुल्ल-अप्स’ करने से एवं हाथ से शरीर झुलाने से ऊँचाई बढ़ती है। मनुष्य को अपने हाथ तथा पैरों के बल झूलने तथा दौड़ने जैसी कसरतों के अलावा भोजन में प्रोटीन, कैल्शियम तथा विटामिनों की जरूरत बहुत आवश्यक है तथा पौष्टिक भोजन करने से लम्बाई बढ़ने में फायदा मिलता है।

10.शरीर की लम्बाई बढ़ाने के लिये चुम्बकों का प्रयोग:

  • शरीर की लम्बाई बढ़ाने के लिये सेरामिक चुम्बकों का प्रयोग कनपटियों पर करना चाहिए।
  • इस प्रयोग में उत्तरी ध्रुव वाले चुम्बकों का उपयोग एक दिन में सिर के दायीं ओर तथा दक्षिणी ध्रुव वाले चुम्बक का उपयोग सिर के बाईं ओर करना चाहिए।
  • दूसरे दिन सिर के आगे और पीछे की ओर तथा सिर के अगले भाग पर उत्तरी ध्रुव वाला चुम्बक तथा इसके पिछले भाग पर दक्षिणी ध्रुव वाले चुम्बक का उपयोग करना चाहिए।
  • चुम्बक का ऐसा प्रयोग लगातार तीन महीने तक करना चाहिए तथा इस प्रयोग के एक सप्ताह तक छोड़कर फिर दुबारा यह प्रयोग 3 महीने तक करना चाहिए और नियमित रूप से चुम्बकित जल को दवाई की मात्रा के बराबर पीना चाहिए।

(दवा व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार सेवन करें)

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