मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) की होम्योपैथिक दवा और इलाज – Myopia ki Homeopathic Dawa aur Upchar

मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) रोग क्या है ? (Myopia In Hindi)

 इस रोग के हो जाने पर रोगी को पास की वस्तुएं तो साफ दिखाई देती हैं लेकिन दूर की वस्तुएं साफ नहीं दिखाई देती हैं जिसके कारण उसे अधिक परेशानी होती है। आंखों की इस तरह की समस्या को निकट दृष्टि दोष कहते हैं।

मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का होम्योपैथिक इलाज ( Myopia ka Homeopathic Ilaj)

निकट-दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए विभिन्न औषधियों का उपयोग:-

1. फाइसोस्टिग्मा:- निकट-दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए इस औषधि की 3X की मात्रा हर 4-4 घंटे के अन्तर पर लेनी चाहिए। इस रोग के होने पर रोगी व्यक्ति को पास की वस्तुएं तो साफ दिखाई देती है परंतु दूर की वस्तुएं साफ नहीं दिखाई देती हैं।

2. पाइलोकारपस:- रोगी जब किसी वस्तु को देखता है और उसके बाद जब उस वस्तु को नहीं देख रहा होता है फिर भी उसे कुछ देर तक उस वस्तु की आकृति दिखाई देती रहती है, रोगी को दूर की वस्तु धुंधली दिखाई पड़ती है, थोड़ी-थोड़ी देर बाद दृष्टि अस्पष्ट हो जाती है। देर तक पढ़ने-लिखने में से आंखें जल्दी थक जाती हैं। आंखों के अधिक-प्रयोग से उनमें गर्मी या जलन होने लगती है। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के रोग को ठीक करने के लिए पाइलोकारपस औषधि की 30 शक्ति की मात्रा प्रयोग किया जा सकता है।

(अस्वीकरण : ये लेख केवल जानकारी के लिए है । myBapuji किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की सलाह नहीं दे रहा है । आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करके ही निर्णय लें।)

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