अर्थ संग्रह - Artha Sangrah
📖 मुफ़्त PDF

अर्थ संग्रह – Artha Sangrah

श्रेणी: PDF Booksश्रेणी: Vedantaसाइज़: 137.6 mbडाउनलोड: 4,578व्यू: 8,910

बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।

⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँ
✔ कोई लॉगिन नहीं✔ 100% मुफ़्त✔ सीधे डाउनलोड

इस किताब के बारे में

अर्थ संग्रह जैनागम का प्रमुख दर्शनिक ग्रंथ है। शीर्ष पृष्ठ पर इसे जैनागम साहित्यमाला का प्रथम भाग बताया गया है और इसके रचयिता के रूप में श्री लोचनाथ मुनि का नाम दर्ज है। पुस्तक हिन्दी व्याख्या सहित प्रकाशित हुई है और व्याख्याकार डॉ. राजेश्वर शास्त्र मुसलगोङ्कर हैं। पुस्तक लगभग चार सौ चौवास पृष्ठ की है।

जैन दर्शन में अर्थ अर्थात तत्त्व-शास्त्र पर इस ग्रंथ का आयोजन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि जीव को मुक्ति दिलाने वाले सात तत्त्वों का सविस्तार वर्णन इसी में मिलता है। प्रत्येक तत्त्व पर अलग प्रकरण है, जिसमें उसकी परिभाषा, स्थान, कारण और परिणाम बताया गया है। धर्म और संवर के अहंकार, कर्म और मोक्ष-मार्ग पर भी विस्तृत चर्चा है। हिन्दी व्याख्या होने के कारण संस्कृत-ज्ञान के बिना भी पाठ समझ आ सकता है।

यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो जैन दर्शन, भारतीय दर्शन या तत्त्व-शास्त्र में रुचि रखते हैं। जैनागम के अध्ययन के लिए यह आधारभूत ग्रंथ माना जाता है। मूल ग्रंथ संस्कृत में है और यह हिन्दी व्याख्या के साथ प्रकाशित हुआ है, इसलिए भाषा की कठिनाई नहीं होती। जैन धर्म में स्नातक-स्तर की पढ़ाई या शोध के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है। व्याख्याकार के विद्वान-परिचय से पाठ की विश्वसनीयता और बढ़ जाती है।

यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।

कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।

📖 पुस्तक के अंदर क्या है —
  • आत्मा तथा ब्रह्म का स्वरूप
  • जगत् की उत्पत्ति, माया तथा अद्वैत
  • साधना, ध्यान तथा आत्मज्ञान के सोपान
  • उपनिषद् तथा गीता का सार

पुस्तक की मुख्य बातें

📕पूरी पुस्तक, एक ही PDF मेंपूरा ग्रंथ, बिना टूटे
🕉️सरल हिंदी भाषाआसान शब्दों में सामग्री
📚PDF Books विषय की पुस्तकसंबंधित जानकारी एक जगह
📱मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ेंकिसी भी PDF ऐप में

डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम

1डाउनलोड बटन दबाएँऊपर दिए बटन पर क्लिक करें।
2फ़ाइल सेव करेंPDF आपके फ़ोन/कंप्यूटर में सेव हो जाएगी।
3पढ़ना शुरू करेंकिसी भी PDF ऐप में खोलिए — इंटरनेट की ज़रूरत नहीं।

डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ

🙏 यह पुस्तक साझा करें

इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।

🙏 यह पुस्तक जनकल्याण के उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है। पसंद आए तो ऊपर दिए बटन से दूसरों के साथ भी साझा कीजिए — इसी तरह और किताबें सब तक पहुँचेंगी।
Share to...