अर्थ संग्रह - Artha Sangrah
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अर्थ संग्रह – Artha Sangrah

श्रेणी: PDF Booksश्रेणी: Vedantaडाउनलोड: 4,548व्यू: 8,910
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इस किताब के बारे में

अर्थसंग्रह (“अर्थमीमांसा”) — हिन्दी व्याख्या सहित। इसके व्याख्याकार डॉ. राजेश्वर शास्त्री मुसलगाँवकर (संस्कृत-वेद-ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशाला, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन) हैं। इसमें मूल पाठ एवं टीका के साथ श्रोत-याग परिचय तथा महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरात्मक परिशिष्ट दिया गया है। चौखम्भा संस्कृत संस्थान, वाराणसी से तृतीय संस्करण (2015) प्रकाशित।

यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।

कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।

📖 पुस्तक के अंदर क्या है —
  • आत्मा तथा ब्रह्म का स्वरूप
  • जगत् की उत्पत्ति, माया तथा अद्वैत
  • साधना, ध्यान तथा आत्मज्ञान के सोपान
  • उपनिषद् तथा गीता का सार

पुस्तक की मुख्य बातें

📕पूरी पुस्तक, एक ही PDF मेंपूरा ग्रंथ, बिना टूटे
🕉️सरल हिंदी भाषाआसान शब्दों में सामग्री
📚PDF Books विषय की पुस्तकसंबंधित जानकारी एक जगह
📱मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ेंकिसी भी PDF ऐप में

डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम

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