अत्त दीपो भव (पाली बौद्ध धर्म) – Atta Deepo Bhav
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अत्त दीपो भव पालि-बौद्ध धर्म पर आधारित पुस्तक है। आवरण-पृष्ठ पर शीर्षक अत्त दीपो भव बड़े अक्षरों में अंकित है और उसके नीचे उपशीर्षक (पालि-बौद्ध विद्या : गवेषणात्मक-परिचयः) दिया गया है। भीतर देवनागरी : - डॉ० विजयकुमार जैन लिखा है, जिससे पता चलता है कि पाली ग्रंथ का देवनागरी रूप इसी विद्वान ने तैयार किया है। आवरण का चित्र मंदल जैसा है, जिसमें दीपक और पूजा-वस्तुएँ सजाई गई हैं। प्रकाशन-पृष्ठ पर प्रकाशक मैत्री-प्रकाशन, 3/65 विकास खंड, गोमती नगर, लखनऊ और ISBN 978-93-5174-867-4 भी दिया गया है। पुस्तक प्रथम संस्करण 2005 की है।
पुस्तक में लेखक का आत्म-निवेदनम् नामक अध्याय सबसे महत्वपूर्ण है। उसमें वे बताते हैं कि भगवान बुद्ध ने सबसे बड़ी सीख यही दी कि मानव को सहनशीलता और मानवता सिखानी है, और धर्म केवल धर्म नहीं माना गया। पाठ में पाली की पंक्तियाँ देवनागरी में दी गई हैं और साथ में नमो तस्स भगवतो जैसे शरण-गद्य भी आए हैं। अंत में विश्वशान्ति दिनः की तिथि के साथ यह भाग समाप्त होता है। पुस्तक के अंत में विषयानुक्रमणिका दी गई है, जिसमें अठारह अध्याय सूचीबद्ध हैं और हर अध्याय के पृष्ठ-अंक भी अंकित हैं।
यह पुस्तक पाली भाषा सीखने और बौद्ध-दर्शन समझने के इच्छुक पाठकों के लिए बहुत उपयोगी है। उपशीर्षक में गवेषणात्मक-परिचय स्पष्ट किया गया है, यानी यह किसी मूल ग्रंथ का सीधा पाठ नहीं बल्कि उसके अध्ययन, व्याख्या और समीक्षा पर आधारित है। पाली शब्द देवनागरी में दिए जाने से अनपठित पाठक भी उन्हें पहचान सकते हैं। अठारह अध्यायों की सूची होने से पाठक अपनी रुचि के अध्याय तक सीधे पहुँच सकता है। लेखक डॉ० विजयकुमार जैन बौद्ध-विद्या के विद्वान हैं और पुस्तक को समर्पित करते हुए उन्होंने दिल्ली-संस्कृत-अवधारी सचिव डॉ० श्रीकृष्णसेवाल महादेवेय को उपाधि-सहित श्रद्धांजलि अर्पित की है। यह पुस्तक पढ़ने के लिए है, किसी अनुष्ठान के लिए नहीं।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- इस विषय की उपयोगी तथा ज्ञानवर्धक सामग्री
- सरल हिंदी भाषा में लिखा गया पाठ
- साधक तथा सामान्य पाठक — दोनों के लिए उपयोगी
- मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ने योग्य PDF
पुस्तक की मुख्य बातें
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