Bhagavata Rahasya Sant Dongre Ji Maharaj
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक भागवत-रहस्य नाम से प्रकाशित हुई है और इसमें संत डोंगरे महाराज के प्रवचन संकलित हैं। आवरण-पृष्ठ पर इनके नाम के साथ श्रीरामचन्द्रजी डोंगरे महाराज बताया गया है। इसके प्रस्तुतिकर्ता कालीचरण केशन हैं और पृष्ठ पर मौजीराम स्मृति न्यास का पता दिया गया है, जो ए-4, रिंग रोड, साउथ एक्सटेंशन, भाग-एक, नई दिल्ली-११००४९ में है। प्रकाशक महादेवी ज्ञानकेन्द्र हैं और वही पता उनका भी दर्ज है। पृष्ठ पर यह भी लिखा है कि यह प्रथम संस्करण 2002 का है और एक हजार प्रतियाँ छापी गईं।
पुस्तक की भूमिका श्री जगदगुरु शंकराचार्य महासमस्थानम्, दक्षिणाम्नाय श्री शारदापीठम्, श्रुंगेरी के साहित्य महोपाध्याय डॉ० एन. एस. दक्षिणामूर्ति ने लिखी है। उनका परिचय पृष्ठ पर यह भी बताया गया है कि वे महासमस्थान के पितामह के व्यक्तिगत सहायक रहे हैं, और भूमिका के नीचे उनका सन्दर्भ-क्रमांक तथा तारीख भी अंकित है। भूमिका में शीर्षक पर टिप्पणी करते हुए बताया गया है कि श्रीकृष्ण-भक्ति का आरम्भ भगवान कृष्ण के रूप में किया गया है और भक्ति का उदय जन्म से ही माना गया है।
भक्ति-साहित्य के प्रेमी पाठकों के लिए यह पुस्तक एक अच्छा संकलन है, क्योंकि यहाँ गद्य के साथ भक्ति-पद्य दोनों रूप मिलते हैं। विषय ज्ञान की अनेकता के बावजूद प्रवचनों की धारा लगातार बनी रहती है, इसलिए पाठक किसी भी रुचि का प्रसंग चुन सकता है। सम्पादकीय में शीर्षक शरणं प्राप्त्या रखा गया है और उसमें महाराज जी के श्रीकृष्ण-भक्ति के आधार स्पष्ट किए गए हैं। यह पुस्तक केवल भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन के लिए है — किसी भी मंत्र, तंत्र-कर्म या साधना-विधि का स्रोत न मानें, और इसे किसी चिकित्सा या उपचार-विधि का आधार न समझें।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- भागवत का रहस्य तथा भावार्थ
- भक्ति तथा ज्ञान
- प्रवचन तथा प्रसंग
- आत्म-कल्याण के उपाय
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
उपनयन विधि – Upanayan Vidhi
सूर्यसहस्रनामावली – Surya Sahasra Namavali
श्री महिम्न स्तोत्रम् (कश्मीरी) – Shri Mahimna Stotram
अमृत वाणी (भाग 1) – Amrit Vani
यजुर्वेद संहिता (आर्य समाज परोपकारिणी सभा) – Yajurveda Samhita
श्री महानारायण सहस्रनामावली स्तुति – Shri Maha Narayan Sahasra Namavali
ज्ञान रेह (कश्मीरी) – Gyan Reh Kashmiri
गणेश दुर्गा स्तोत्रावली (1935, श्रीनगर) – Ganesh Durga Stotravali