Ramkatha Mandakini
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक रामकथा मन्दाकिनी नाम से प्रकाशित हुई है और इसके लेखक पूज्य श्री रामकेशरजी महाराज हैं। प्रकाशक रामायणपुरुष है, जिसका पता पाठीशाला मार्ग, आनन्दविहार, श्रीराम, अयोध्या-2224123 बताया गया है और फोन (0522) 2332922 दिया गया है। प्रथम संस्करण 2001 का है और 22 अगस्त 2004 को पुनः प्रकाशित किया गया, तीसरी संस्करण 2004 में मूल्य 850 रुपये रखा गया है। संकीर्ण डॉ० नरसिंह शर्मा हैं और मुद्रक दीप्ति प्रिंटर्स, दिल्ली से हुआ है। पैमाना लगभग 113 पृष्ठ का है।
विषय-सूची में नौ प्रवचन दिए गए हैं — प्रथम प्रवचन, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पञ्चम, षष्ठ, सप्तम, अष्टम और नवम प्रवचन — और इनके पृष्ठ-अंक क्रमशः 13, 25, 50, 69, 113, 130, 160, 186 और 209 हैं। आरंभ में महाराजश्री : एक परिचय नामक अध्याय है जिसमें श्रीरामभट्टजी महाराज का जीवन-परिचय दिया गया है, और पुस्तक के अंत में लेखक के हस्ताक्षर चन्द्रमणि श्रीरामभट्टजी हैं।
पुस्तक में रामकथा के प्रसंगों को क्रम से सुनाते हुए संत-परम्परा और भक्ति-भावना का स्पन्दन बराबर रखा गया है। राम-भक्ति तथा कथा-पाठन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक उपयोगी है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- रामकथा का वर्णन
- श्रीराम की लीलाएँ तथा आदर्श
- भक्ति तथा प्रसंग
- सरल भाषा में
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
उपनयन विधि – Upanayan Vidhi
सूर्यसहस्रनामावली – Surya Sahasra Namavali
श्री महिम्न स्तोत्रम् (कश्मीरी) – Shri Mahimna Stotram
अमृत वाणी (भाग 1) – Amrit Vani
यजुर्वेद संहिता (आर्य समाज परोपकारिणी सभा) – Yajurveda Samhita
श्री महानारायण सहस्रनामावली स्तुति – Shri Maha Narayan Sahasra Namavali
ज्ञान रेह (कश्मीरी) – Gyan Reh Kashmiri
गणेश दुर्गा स्तोत्रावली (1935, श्रीनगर) – Ganesh Durga Stotravali