वैदिक तिथिपत्रम् (कलिसंवत् 5090) - Vaidika Tithipatram
📖 मुफ़्त PDF

वैदिक तिथिपत्रम् (कलिसंवत् 5090) – Vaidika Tithipatram

श्रेणी: PDF Booksश्रेणी: Jyotishसाइज़: 21.7 mbडाउनलोड: 1,686व्यू: 3,761

बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।

⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँ
✔ कोई लॉगिन नहीं✔ 100% मुफ़्त✔ सीधे डाउनलोड

इस किताब के बारे में

यह पुस्तक वैदिक तिथिपत्रम् नाम से प्रकाशित हुई है और इसका उपशीर्षक वैदिक पंचांग उज्जैन बताया गया है। आवरण-पृष्ठ पर इसे चौधवंश वर्ग में रखा गया है और आचार्य-शिवराज कौण्डुल्यायन का नाम उपस्थापक के रूप में अंकित है। पृष्ठ के प्रारंभ में दो श्लोक हैं, जिनमें कलिवर्धम्य 5089 का उल्लेख मिलता है। संवत्-मान भी एक साथ दिया गया है — विक्रमसंवत् 2080-2081, शकसंवत् 1485-1486, मैथिलसंवत् 1431-1432 सारल और नेपालसंवत् 1144-1145। वाहन के रूप में पिड़ुंगल लिखा गया है।

यह पुस्तक चतुर्दशः पत्र है, यानी इसका चौदहवाँ पत्र है। इसमें हिन्दी भूमिका दी गई है जिसमें पहले यह बताया गया है कि तिथिपत्र देखने से पहले क्या जानना आवश्यक है। इसके बाद वैदिक कालराणना पर विस्तार से चर्चा है, जिसमें पंचवर्षीमंक युग, नववर्षीरोम्भ तपोमास, संवत्सर-पर्वावत्सप्ति, पंच क्रान्ति, सौरचांद्र वर्ष, सौरचांद्र अयन, चान्द्र मास, चान्द्रमासों की प्रधानता और अधिमास आदि विषय अलग-अलग प्रकरणों में समझाए गए हैं। यह अंत में नक्षत्र विवेचन पर पहुंचती है।

पंचाङ्ग रचना में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों और ज्योतिष तथा पंचाङ्ग के विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक उपयोगी है, क्योंकि यहाँ तिथि, नक्षत्र और ग्रह-चाल के आधार पर तैयार होने वाली तालियों की पद्धति नहीं, बल्कि उनके पीछे के सिद्धान्त और परिभाषाएँ समझाई गई हैं। ध्यान रखने योग्य बात यह है कि पृष्ठ पर कलिवर्धम्य 5089 छपा है, जबकि इस प्रविष्टि के शीर्षक में 5090 लिखा गया है। यह पुस्तक गणितीय-ज्योतिषीय पंचाङ्ग है — इसमें किसी अनुष्ठान या उपचार का निर्देश नहीं दिया गया है।

यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।

कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।

📖 पुस्तक के अंदर क्या है —
  • ज्योतिष के मूल सिद्धांत
  • ग्रह, राशि, भाव तथा नक्षत्र की गणना
  • दशा, अंतर्दशा तथा फलादेश की विधि
  • जन्मपत्री निर्माण तथा मुहूर्त

पुस्तक की मुख्य बातें

📕पूरी पुस्तक, एक ही PDF मेंपूरा ग्रंथ, बिना टूटे
🕉️सरल हिंदी भाषाआसान शब्दों में सामग्री
📚PDF Books विषय की पुस्तकसंबंधित जानकारी एक जगह
📱मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ेंकिसी भी PDF ऐप में

डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम

1डाउनलोड बटन दबाएँऊपर दिए बटन पर क्लिक करें।
2फ़ाइल सेव करेंPDF आपके फ़ोन/कंप्यूटर में सेव हो जाएगी।
3पढ़ना शुरू करेंकिसी भी PDF ऐप में खोलिए — इंटरनेट की ज़रूरत नहीं।

डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ

🙏 यह पुस्तक साझा करें

इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।

🙏 यह पुस्तक जनकल्याण के उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है। पसंद आए तो ऊपर दिए बटन से दूसरों के साथ भी साझा कीजिए — इसी तरह और किताबें सब तक पहुँचेंगी।
Share to...