वेदांत कुंजी तथा भजन मुक्तावली | Vedant Kunji Aur Bhajan Muktavali
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
वेदान्त-कुंजी तथा भजन-मुक्तावली वेदान्त-दर्शन और भजन दोनों को मिलाकर बनी पुस्तक है। शीर्षक-पृष्ठ पर वेदान्त-कुंजी तथा भजन-मुक्तावली बड़े अक्षरों में अंकित है और लेखक के रूप में स्वामी श्रीरामाभट्जी परमहंस का नाम दिया गया है। प्रकाशक श्रीमान् हरिरामजी अग्रवाल हैं और पता एक देहरादून स्थित समाधि के रूप में दिया गया है। नीचे पृष्ठ-विवरण में विक्रम संवत् १९६४ / ईस्वी संवत् १९०७ तथा मूल्य चार पैसे लिखे हैं। पुस्तक लगभग दो सौ चौहत्तर पृष्ठ की है।
पुस्तक का पहला खंड रामाश्रम-पुस्तक-माला का हृदय पुष्प शीर्षक से वेदान्त नाम पर है। इसमें वेदान्त के मूल सिद्धान्त और उनकी व्याख्या सरल हिन्दी में दी गई है। पाठ में शंकराचार्य और अन्य आचार्यों के मत का उल्लेख मिलता है। आगे भजन-मुक्तावली का खंड आता है, जिसमें भक्ति-पद संग्रहीत हैं। पुस्तक के आरंभ में लेखक का मुहर-चिह्न और स्वामी श्रीरामाभट्जी परमहंस राव लिखा पाया गया है, जिससे लेखन-शैली की पहचान स्पष्ट होती है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो वेदान्त दर्शन और भक्ति-साहित्य दोनों में रुचि रखते हैं। १९०७ की छपाई होने के कारण यह आज के संदर्भ में प्राचीन पुस्तकों का प्रमाण है। वेदान्त की कठिन शास्त्रीय भाषा को सरल करके समझाने का प्रयास किया गया है। भजन-मुक्तावली का भाग भक्तों के लिए अलग मनोरंजन और आध्यात्मिक तुलना प्रदान करता है। दोनों विषयों को एक ही पुस्तक में रखा गया होने से यह संग्रह के रूप में उपयोगी है। रामाश्रम-पुस्तक-माला की यह कृति वैष्णव साहित्य-प्रेमियों के लिए काफ़ी मूल्यवान है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- वेदांत की मूल बातें
- भजनों का संग्रह
- सरल अर्थ सहित
- पाठ तथा कीर्तन के लिए
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
संस्कृत गीत कंदलिका (आचार्य लाल मणि पाण्डेय) – Sanskrit Geet Kandalika
प्रयाग की पांडित्य परंपरा (डॉ. उर्मिला श्रीवास्तव) – Prayag Ki Panditya Parampara
औदुंबरी – Audumbari
वेदांतसार (सदानंद, डॉ. राकेश शास्त्री) – Vedantasara
वैदिक साहित्य का इतिहास – Vaidik Sahitya Ka Itihas
शुक्ल यजुर्वेद प्रतिशाख्य — एक परिशीलन – Shukla Yajurveda Pratishakhya
ईशावास्योपनिषद् – Ishavasyopanishad
चर्चा महाकाव्यम् (डॉ. शिवदत्त शर्मा चतुर्वेदी) – Charcha Mahakavyam