Sadhana Tips

एक छोटा सा साधना प्रयोग जो आपको राग द्वेष और म्रत्यु के भय से मुक्त कर देगा

📅 21 अगस्त 2017 ✍️ admin ⏱️ 2 मिनट
एक छोटा सा साधना प्रयोग जो आपको राग द्वेष और म्रत्यु के भय से मुक्त कर देगा

Last Updated on जुलाई 23, 2019 by admin

१०८ दिनों की दिव्य साधना : Divya Sadhana

★ सब तकलीफों का मूल है पाँच क्लेश है | अविद्या माना जो विद्यमान वस्तु नहीं है उसको विद्यमान दिखाये और जो विद्यमान है उसको ढक दे.. उसको अविद्या बोलते है, माया भी बोलते है |
★ तो एक है अविद्या सब दु:खों का मूल |
★ फिर अविद्या के बल से आती है अस्मिता – शरीर को ‘मैं’ मनाने की बेवकूफी |
★ ये अस्मिता के दो बच्चे है – राग और द्वेष | राग – पक्षपात करायेगा और द्वेष – जलायेगा |
★ और पाँचवा है अभीनिवेश – मृत्यु का भय | मृत्यु से भय से मृत्यु तो नहीं टलता लेकिन मृत्यु बिगडता है |

साधना प्रयोग :-

★ तो रोज सुबह उठे और मानसिक भावना करें की जो मेरी जठरा(नाभि प्रदेश या मणिपूर चक्र का छेत्र ) में जठराग्नि है मै उसमे अपने पाँचों क्लेशों की आहुति दे रहाँ हूँ | अविद्या – स्वाहा, अस्मिता – स्वाहा, राग – स्वाहा, द्वेष – स्वाहा और अभीनिवेश (मरने का डर) – स्वाहा |

★ ये तीन महीने १८० दिन करो हलका-फुल हो जायेगा मन, बुद्धि, शरीर, निरोगता में भी मदद मिलेगी |

★ रोज सुबह जठरा नाभि के आगे देख के ये भावना करों ये जठराग्नि है | त्रिकोणाकार जैसे यज्ञ कुंड चौड़ा होता है अग्नि की लौ ऊपर पतली होती है | ऐसे अग्नि तो है ही है | उस अग्नि में ये पाँच – अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष और अभीनिवेश स्वाहा करो | बहुत लाभ होगा | १०८ दिन का ये कोर्स करो |

श्रोत – ऋषि प्रसाद मासिक पत्रिका (Sant Shri Asaram Bapu ji Ashram)

मुफ्त हिंदी PDF डाउनलोड करें – Free Hindi PDF Download

Share to...