कारण :

मुंह में छाले अपचन व कब्ज के कारण होता है। पेट की पाचनक्रिया खराब होने का कारण घी, तेल, मिर्च, खटाई, मांस तथा अधिक मसालेदार व अम्ल रस से बने खाद्य-पदार्थ आदि अधिक सेवन करना है, जिससे पेट में कब्ज बनने के कारण पाचनक्रिया खराब होकर मुंह में छाले, घाव, दाने आदि उत्पन्न हो जाते हैं।
पहला प्रयोगः पान में उपयोग किया जाने वाला कोरा कत्था लगाने से छाले में राहत होती है।

दूसरा प्रयोगः सुहागा एवं शहद मिलाकर छालों पर लगाने से या मुलहठी का चूर्ण चबाने से छालों में लाभ होता है।

तीसरा प्रयोगः मुँह के छालों में त्रिफला की राख शहद में मिलाकर लगायें। थूक से मुँह भर जाने पर उससे ही कुल्ला करने से छालों से राहत मिलती है।

चौथा प्रयोगः ” अच्युताय हरिओम गुलकंद ” का सेवन सुबह-शाम करने से छालों में विशेष लाभ होता है।
प्राप्ति-स्थान : संत श्री आशारामजी आश्रमों और श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र |
छाले कब्जियत अथवा जीर्ण ज्वर के कारण होते हैं। अतः इन रोगों का उपचार करें

मुँह के छालों का 16 घरेलु उपचार

1* सुबह-सुबह गाय के दूध से बने दही के साथ एक केला खाने से छालों में आराम मिलता है।

2* छाले होने पर टमाटर का सेवन अधिक करें। टमाटर के रस में एक गिलास पानी मिलाकर उससे दिन में चार से पांच बार कुल्ला करने पर छाले मिट जाते हैं।

3* पोटैशियम पेरमैग्नेट के घोल से कुल्ला करने पर छाले जल्दी ठीक होते हैं।

4* एक चम्मच नारियल के दूध में शहद मिलाकर तीन से चार बार कुल्ला करें।

5* धनिया बीज को पानी में उबालें और छानकर इससे पांच से छह बार कुल्ला करने से जलन में राहत मिलती है।

6* बेकिंग सोडा पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं और छालों पर लगाएं इससे अम्ल आहार से होनेवाले छाले जल्दी ठीक होने में मदद होते हैं।
7* शहद ऐंटि-ऑक्सिडेंट होने के साथ-साथ एंटी माइक्रोबियल भी होता है, इसे रुई के फाहे की मदद से छालों पर दिन में चार या पांच बार लगाए।

8* इसके अलावा ग्लिसरीन या विटामिन E का तेल भी लगा सकते हैं।

9* एलोवेरा का रस प्राकृतिक एंटीबायोटिक होता है इससे छाले जल्दी भरने में मदद होती है।

10* चमेली के पत्तों को पीसकर उसके रस को छालों वाली जगह पर लगाने से छाले जल्दी ठीक होते हैं।

11* सौंफ को मुंह में रखकर चबाने से छाले जल्दी ठीक होते हैं। ऐसे भी अगर हम नियमित तौर पर खाने के बाद सौंफ का सेवन करते हैं तो छाले होने की मात्रा कम हो जाती है।

12* मुलेठी का काढ़ा बनाकर ठंडा होने के बाद इसे दिन में तीन या चार बार कुल्ला करने से छालों में काफी आराम मिलता है।
धनिया पत्ती डंडी के साथ 10 मिनट तक कच्चा चबाये। इसमें फोलिक एसिड,विटामिन बी 1, बी 2, बी 6 आदि की मात्रा अधिक होती हैं जिससे छालों में और दुर्गंध से भी राहत मिलती है।

13* तुलसी को आमतौर पर एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल कहा जाता है। पांच से छह पत्ती तुलसी की अच्छे से धोकर चबाइए और ऊपर से थोड़ा पानी पीजिए इसे छालों में जल्दी राहत मिलेगी।

14* प्रभावित स्थान पर बर्फ लगाने से कुछ देर के लिए वह सुन्न होगा और जलन और दर्द से राहत मिलेगी।

15* इलाइची चूरने में शहद मिलाकर छालों पर लगाकर लार टपकाने से भी छाले जल्दी ठीक होते हैं।

16* आंवला पाउडर की पेस्ट बनाकर दिन में दो बार छालों पर लगाने से भी आराम मिलता है।