पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

घर में बनाये पौष्टिक शिशु आहार | Homemade Baby Food Recipe

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घर में बनाये पौष्टिक शिशु आहार | Homemade Baby Food Recipe

घरेलु सात्त्विक शिशु आहार : Baby food recipe in hindi

आजकल बालकों को दूध के आलावा बाजारू बेबी फूड (Baby Food/फँरेक्स आदि) खिलाने की रीति चल पड़ी है | बेबी फूड बनाने की प्रक्रिया में अधिकांश पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं, कई बार कृतिम रूप से वापस मिलाये जाते हैं, जिसे बालकों की आँते अवशोषित नही कर पाती | बेबी फूड का मुख्य घटक अतिशय महीन पिसा हुआ गेहूँ का आटा है, जो चिकना होने के कारण आँतों में चिपक जाता है | आटा पीसने के बाद एक हप्ते में ही गुणहीन हो जाता है जबकि बेबीफ़ूड तैयार होने के बाद हाथ में आने तक तो कई हफ्ते गुजर जाते हैं | ऐसे हानिकारक बेबी फूड की अपेक्षा शिशुओं के लिए ताजा, पौष्टिक व सात्त्विक खुराक परम्परागत रीति से हम घर में ही बना सकते हैं |

विधि :

★ १ कटोरी चावल (पुराने हो तो अच्छा),
★ २ – २ चम्मच मूँग की दाल व गेंहूँ
★ इन सबको साफ़ करके धोकर छाँव में अच्छी तरह से सुखा लें |
★ धीमी आँच पर अच्छे – से सेंक लें |
★ मिक्सर में महीन पीर के छान लें |

★ ३ – ४ माह के बालक के लिए शुरुआत में आधा कप पानी में आधा छोटा चम्मच मिलाकर पका लें |
★ थोडा–सा सेंधा नमक डालकर पाचनशक्ति अनुसार दिन में एक या दो वार दे सकते हैं |
★ धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाते जायें |
★ बालक बड़ा होने पर इसमें उबली हुई हरी सब्जियाँ, पिसा जीरा, धनिया भी मिला सकते हैं |
★ हर ७ दिन बाद ताजा खुराक बना लें |

यह स्वादिष्ट व पचने में अतिशय हल्का होता है | साथ ही शारीरिक विकास के लिए आवश्यक प्रोटीन्स, खनिज व कार्बोहाइड्रेटस की उचित मात्रा में पूर्ति करता है |

विशेष : अच्युताय हरिओम सुवर्णप्राश टेबलेट (Achyutaya Hariom Suvarna Prash Tablet)  : नवजात शिशु को जन्म से रोज नियमित रूप से सुवर्णप्राश देने से वह स्वस्थ अतिशय बुद्धिमान एवं श्रुतधर( जो सुने वह याद रह जाता है ) होता है | 

श्रोत – ऋषि प्रसाद मासिक पत्रिका (Sant Shri Asaram Bapu ji Ashram)

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घर में बनाये पौष्टिक शिशु आहार | Homemade Baby Food Recipe
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2017-08-09T16:17:31+00:00 By |Ahar-vihar|0 Comments

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