पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेशधन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।।हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।""ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

Adhyatma Vigyan

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श्री कृष्ण के भांजे अभिमन्यु( Abhimanyu)की कथा की पुष्टि आज विज्ञान भी कर रहा है

2017-01-25T10:14:35+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

महाभारत आदि को मिथ्या मानने वालो को यह लेख जरुर पढ़ना चाहिये महाभारत के इस प्रसंग को सभी जानते है [...]

सनातन हिंदू धर्म मे शंख का इतना अधिक महत्व क्यों ? जानिये वैज्ञानिक तथा धार्मिक रोचक तथ्य ।

2017-01-23T15:40:45+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

शंख का धार्मिक एवम वैज्ञानिक महत्व : अर्थवेद के अनुसार शंखेन हत्वा रक्षांसि अर्थात शंख( shankh ) से सभी राक्षसों [...]

संस्कृत केवल एक भाषा नहीं वरन एक सम्पूर्ण विज्ञान है -संस्कृत के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

2017-01-20T15:22:23+00:00 By |Adhyatma Vigyan, Articles|

संस्कृत के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य  1. कंप्यूटर में इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छी भाषा। संदर्भ: फोर्ब्स पत्रिका 1987 [...]

गति के नियम : महर्षि कणाद | Laws of Motion by Maharishi Kanada : 600BC

2017-01-20T14:30:57+00:00 By |Adhyatma Vigyan, Articles|

शीर्षक बिलकुल सही है इस संसार को गति के नियम महर्षि कणाद ने दिए है ना की कोई न्यूटन ने [...]

गौत्र प्रणाली :आनुवंशिक विज्ञान | Hindu Gotra System: Genetics Science

2017-01-20T18:36:12+00:00 By |Adhyatma Vigyan, Articles|

यह लेख उन लोगों को खास पढ़ना चाहिये जो गौत्र प्रणाली को कोरी बकवास मानते है । गौत्र शब्द [...]

हम तिलक (Tilak )क्यों लगाते है , क्या है इसका वैज्ञानिक महत्व

2017-01-14T17:26:13+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

ललाट पर दोनों भौहों के बीच विचारशक्ति का केन्द्र है। योगी इसे ʹआज्ञाचक्रʹ कहते हैं। इसे ʹशिवनेत्रʹ अर्थात् कल्याणकारी [...]

कलश पूजा क्यों की जाती है ?

2017-01-03T15:06:21+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

सनातन धर्म में कलश (जो प्रायः पीतल, ताम्बे या मिट्टी का) होता है जिस में पानी भरा जाता है. [...]

भगवान को नारियल क्यों अर्पित किया जाता है ?

2017-01-03T15:00:52+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

आप देखेंगे की मन्दिर में आम तौर पर नारियल अर्पित किया जाता है. शादी, त्यौहार, गृह प्रवेश, नई गाड़ी [...]

हम नमस्ते क्यों करते है ?

2017-01-03T14:25:18+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

शास्त्रों में पाँच प्रकार के अभिवादन बतलाये गए है जिन में से एक है “नमस्कारम”. नमस्कार को कई प्रकार [...]

पूजा का कमरा घर में क्यों होता है ?

2017-01-03T14:12:35+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

घरो में पूजा के कमरे का अपना महत्त्व है. हर घर में पूजा का कमरा होता है जहाँ पर [...]

भगवान के सामने दीपक क्यों प्रज्वालित किया जाता है ?

2017-01-03T14:05:46+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

हर हिंदू के घर में भगवान के सामने दीपक प्रज्वालित किया जाता है. हर घर में आपको सुबह, या [...]