पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेश धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।। हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।" "ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।" पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

Adhyatma Vigyan

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क्यों धार्मिक कारणों से लहसुन प्याज को सेवन-योग्य नहीं माना जाता हैं | Why is it Forbidden to Eat Onions and Garlic?

2017-03-22T17:13:05+00:00 By |Adhyatma Vigyan, Articles|

आपके घरों या जान-पहचान वालो में कुछ ऐसे लोग भी होंगे जो प्याज या लहसुन(Garlic)नहीं खाते होंगे लेकिन क्या आपने [...]

वैदिक पूजा मे चरणामृत का महत्व (Importance of Charnamrit)

2017-03-17T19:58:04+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

अक्सर जब हम मंदिर जाते है तो पंडित जी हमें भगवान का चरणामृत देते है. क्या कभी हमने ये [...]

गुढ रहयों और शक्तियों से संपन्न है सनातनियो का ” स्वस्तिक ” चिन्ह | The Ancient Secret of the Swastika

2017-03-15T11:45:40+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

हमारी भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही स्वस्तिक को शुभ मंगल का प्रतीक माना जाता है. जब हम [...]

महर्षि भारद्वाज रचित ‘विमान शास्त्र‘ (जानिए हमारे गौरवशाली इतिहास के बारे में)

2017-03-11T17:30:16+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

जन सामान्य में हमारे प्राचीन ऋषियों-मुनियों के बारे में ऐसी धारणा जड़ जमाकर बैठी हुई है कि वे जंगलों [...]

शिवलिंग पर दूध क्यों चढ़ाया जाता है ? | Why Milk Is Poured On Shiv Ling ?

2017-03-09T16:44:52+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

आयुर्वेद कहता है कि वात-पित्त-कफ इनके असंतुलन से बीमारियाँ होती हैं और श्रावण के महीने में वात की बीमारियाँ सबसे [...]

क्या आप वेद पुराण के बारे में ये भी जानते है (Do you know about Vedas)

2017-03-06T15:06:55+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

1. वेद - वेद प्राचीन भारत में रचित विशाल ग्रन्थ हैं. इनकी भाषा संस्कृत है जिसे 'वैदिक संस्कृत' कहा जाता [...]

आरती क्यों करें और कैसे करें

2017-05-31T20:23:53+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

पूजा के अंत में हम सभी भगवान की आरती करते हैं। आरती के दौरान कई सामग्रियों का प्रयोग किया [...]

मंदिर में बैठते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिये जानिये

2017-05-19T09:46:22+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

शास्त्रों के अनुसार ईश्वर कण-कण में विराजमान हैं, हर जीव में परमात्मा निवास करते हैं। ईश्वर की साक्षात् अनुभूति [...]

हमारे ऋषि क्यों पहनते थे खड़ाऊ ? Sages-why wore Khadau?

2017-02-08T13:38:00+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

पुरातन समय में हमारे पूर्वज पैरों में लकड़ी के खड़ाऊ (चप्पल) पहनते थे। पैरों में लकड़ी के खड़ाऊ पहनने के [...]

महिलाएँ क्यों पहनती हैं बिछिया (toe ring)क्या है इसका महत्व ?

2017-01-30T12:22:48+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

बिछिया को कई लोग तो इसे सिर्फ शादी का प्रतीक चिंह ही मानते है, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी [...]

रसायन शास्त्र और धातु विज्ञान के प्रणेता – नागार्जुन (Nagarjuna)

2017-01-27T20:11:16+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

रसायन-धातु कर्म विज्ञान के प्रणेता - नागार्जुन। रसायन विज्ञान और सुपर धातुशोधन के जादूगर - नागार्जुन सनातन कालीन विज्ञान के [...]

वेद और वैदिक आर्ष ग्रन्थों में गुरूत्वाकर्षण के नियम ( Law Of Gravitation )

2017-01-26T14:09:33+00:00 By |Adhyatma Vigyan|

वेद और वैदिक आर्ष ग्रन्थों में गुरूत्वाकर्षण के नियम को समझाने के लिये पर्याप्त सूत्र हैं । परन्तु जिनको न [...]