लक्ष्मीविलास रस के 14 चमत्कारिक फायदे व सेवन विधि | Laxmi Vilas ras Benefits in Hindi

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लक्ष्मीविलास रस के 14 चमत्कारिक फायदे व सेवन विधि | Laxmi Vilas ras Benefits in Hindi

नारदीय लक्ष्मीविलास रस(laxmi vilas ras) भैषज्य रत्नावली के रसायानाधिकार से ली गई है। यह दवा एक रसायन है जो की शरीर में बल, ताकत, वीर्य, ओज की वृद्धि करती है तथा अनेक तरह के रोगों को दूर करती है।
★ यह बुखार, कफ, चमड़ी के रोगों, सिर के रोगों, गुदा के रोगों आदि में लाभप्रद है। यह शरीर में खून की कमी को दूर करती है।
★ यह नए, पुराने बुखार, गीली-सूखी खांसी, जुखाम, सारे बदन में दर्द, लार घोटने में दिक्कत-दर्द, पूर्ण-विषम और मियादी बुखार सभी में लाभप्रद है।

★ यह एक आयुर्वेदिक रस-औषधि है जिसमें रस, पारा है। पारे को ही आयुर्वेद में रस या पारद कहा जाता है और बहुत सी दवाओं के निर्माण में प्रयोग किया जाता है।
★ रस औषधियां शरीर पर शीघ्र प्रभाव डालती हैं। इन्हें डॉक्टर की देख-रेख में ही लेना सही रहता है।
★ रस औषधियों के निर्माण में शुद्ध पारे और शुद्ध गंधक को मिलाकर पहले कज्जली बनायी जाती है जो की काले रंग की होती है। रासायनिक रूप से कज्जली, ब्लैक सल्फाइड ऑफ़ मरक्युरी है। कज्जली को रसायन माना गया है जो की त्रिदोष को संतुलित करती है। यदि इसे अन्य उपयुक्त घटकों के साथ मिलाकर दवा बनाई जाती है तो यह लगभग हर रोग को दूर कर सकती है। कज्जली वाजीकारक, रसायन, योगवाही है। आइये जाने laxmi vilas ras benefits in hindi ,Benefits of Laxmi Vilas Ras (Nardiya)

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लक्ष्मीविलास रस (नारदीय) के लाभ/फ़ायदे : Laxmi Vilas Ras ke Fayde

१• यह एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम दवा है।
२• यह शरीर में किसी भी दोष के कुपित होने से हुए रोग के लिए लाभप्रद है।
३• यह एक रसायन औषधि है जो की धातुओं को पोषित करती है और शरीर का बल, तेज़ और ओज बढ़ाती है।
४• यह  रक्तवर्धक, बलवर्धक, वीर्यवर्धक और धातु वर्धक औषधि है।
५• यह कास, पेट, सिर, चमड़ी, वीर्य, गुदा, मूत्र सम्बन्धी रोगों को दूर करने वाली दवा है।
६• यह हर तरह के बुखार में लाभकारी है।
७• यह जुखाम, हर तरह की खांसी, जकड़न, फेफड़ों में सूजन-दर्द, पुराना साइनोसाईटिस, बहुत अधिक कफ, कफ के कारण बुखार, निमोनिया, अस्थमा, इन्फ्लुएंजा आदि को दूर करती है।
८• यह सभी बीस प्रकार के प्रमेह में उपयोगी है।
९• यह १८ तरह के कुष्ठ रोगों में लाभप्रद है।
१०• यह कामोद्दीपक है ।
११• यह समय से पहले स्खलन, और शुक्राणु विकारों में लाभकारी है।
१२• यह नपुंसकता, और यौन दुर्बलता में उपयोगी है।
१३• यह हृदय को शक्ति देती है।
१४• यह सिर, त्वचा, और प्रजनन-मूत्र प्रणाली के विभिन्न रोगों के इलाज में लाभकारी

सेवन विधि और मात्रा : Dosage of Laxmi Vilas Ras (Nardiya)

★ 1 टैबलेट / 250 मिलीग्राम, दिन में 2-4 बार, भोजन से पहले लें।
★ दवा का अनुपान रोग के ऊपर निर्भर करता है।
★ जीर्ण ज्वर और वात दोष की ख़राबी के कारण रोगों में अदरक का रस + शहद के साथ लें।
★ विषम बुखार में, पिप्पली चूर्ण + शहद के साथ लें। या इसे पान के पत्ते के रस / शहद / मक्खन/ या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

2017-10-13T16:24:10+00:00 By |भस्म(Bhasma)|0 Comments

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