पेट के कीड़े दूर करने के 55 रामबाण आयुर्वेदिक घरेलु उपचार | Pet me kide ka Ghrelu Upchar

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पेट के कीड़े दूर करने के 55 रामबाण आयुर्वेदिक घरेलु उपचार | Pet me kide ka Ghrelu Upchar

पेट में कीड़े होने के कारण ,लक्षण व घरेलु उपचार : Pet me Keede ka Desi ilaj

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कारण : pet me kide ke karan in hindi

पेट में होने वाले कीड़ों के अनेक कारण पाये जाते हैं। जैसे-

• मैदा खाने से |
• अधपका या कच्चा खाना, गोश्त (मांस) खाने से।
• मक्खियों द्वारा दूषित संक्रमित आहार या दूषित पानी पीने से।
• साफ़ सफाई न रखने से।
• कमजोर Immune System के कारण होते है बच्चो के पेट में कीड़े।
• बाहर के खाने का अत्यधिक सेवन करने से।
• गंदे हाथो से खाना खाने से।
• शौच के बाद हाथो को ठीक से साफ़ न करने से।
• परिश्रम न करना और दिन में सोना |

आदि कारणों से पेट में कीड़े पैदा हो जाते हैं।

लक्षण : pet me kide ke lakshan in hindi

★ लक्षण सामान्य रूप से माने जाते हैं जैसे- सोते हुए दांत पीसना,
★ बार-बार नाक खुजलाना,
★ मल में कीड़े होना,
★ शरीर का रंग पीला या काला होना,
★ हल्का-सा बुखार,
★ पेट में दर्द, हृदय का दर्द,
★ जी मिचलाना,
★ गुदा में खुजली,
★ जीभ का सफेद होना,
★ गालों पर धब्बे होना, शरीर में सूजन होना,
★ मल में जब कीड़े पक्वाशय (पाचन-क्रिया) में मौजूद होते हैं तो कभी-कभी वह खुद गुदा यानी मलद्वार के रास्ते बाहर खुजली के साथ निकलने लगते हैं, लेकिन जब यह अधिक मात्रा में हो जाते हैं तो यह आमाशय (मेदा) में पहुंचकर रोगी की सांस और डकारों में मल की मिलीजुली गंध आना शुरू कर देते हैं।

भोजन और परहेज : pet me kide hone par parheje

इनका सेवन करें :- केला, सरसों का साग, कांजी, मट्ठा (छाछ), शहद, हींग, नींबू का रस, पुराने चावल, मूंग, अरहर और मलका की दाल, साबूदाना, बथुआ, करेला, परवल, तोरई, लौकी, अनार, कच्चा आंवला, संतरा, अनन्नास का रस, अदरक की चटनी, सेब, राई, मुनक्का, अजवाइन का रस, हींग, जीरा, धनिया, कड़वे चटपटे और कफनाशक पदार्थ का प्रयोग रोगी को खाने में करना चाहिए।

इनका सेवन नही करें :- बेसन की बनी खाने की वस्तुएं, तिल, जौ, उड़द, जौ, मोठ, पत्तेवाली सब्जी, आलू, मूली, अरबी, ककड़ी, खीरा, खटाई, मांस, मछली, अण्डा, मुल्तानी मिट्टी, मीठी चीजों का सेवन, रात को अधिक देर बाद सोना, दिन में सोना, दिन भर बैठे रहना, बीड़ी-सिगरेट को पीना और तेल की मालिश, सड़ी और बासी वस्तु, नमकीन, अधिक सूखे और लाल मिर्चे आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

इसे भी पढ़े :बच्चों के पेट के कीड़ों को दूर करेंगे यह 14 घरेलू नुस्खे | home remedies for intestinal worms in kids

आयुर्वेदिक घरेलु उपचार : Pet me keede ka desi ilaj

1. पित्तपापड़ा : पित्तपापड़ा और बायविंडग को उबालकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

2. सोंठ : Ginger सोंठ और बायविंडग को बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर शहद के साथ सेवन करने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

3. बकायन :
• बकायन और नीम के पेड़ की छाल को पीसकर पानी में डालकर लेप बनाकर पेट पर लगाने से पेट के कीड़े मलकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
• बकायन की 20 ग्राम छाल को 2 लीटर पानी में उबालें। 750 मिलीलीटर पानी शेष रहने पर उसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर 3 दिनों तक 50 से 100 मिलीलीटर की मात्रा में मिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

4. पारसी कयवानी : पारसी कयवानी बीज को पीसकर चूर्ण बना लें, फिर इसी बने चूर्ण को एक ग्राम से लेकर 5 ग्राम की मात्रा में 50-100 मिलीलीटर पानी में मिलाकर एक दिन में 2 बार पेट के कीड़ों से छुटकारा मिलता है।

5. महानिम्ब : महानिम्ब के नये पत्तों को पीसकर रस निकाल लें, इसी रस को 7 मिलीलीटर से लेकर 14 मिलीलीटर की मात्रा में शहद के साथ सुबह-शाम पीने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

6. काम्पिल्लक : काम्पिल्लक के फल को पीसकर लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग चूर्ण में 1 ग्राम गुड़ को मिलाकर 100 मिलीलीटर दूध को दिन में 2 बार पिलाने से लाभ होता है।

7. खजूर : खजूर के पत्तों का काढ़ा बनाकर बासी होने पर शहद के साथ मिलाकर पीने से और खजूर की पत्तियों का रस 40 ग्राम और 40 ग्राम शहद के साथ मिलाकर पीने पेट के सभी कीड़े मर जाते हैं।

8. करंज : करंज की मींगी को भूनकर 3 से 4 दिन तक खाने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

9. प्याज :
• प्याज के 10 मिलीलीटर रस में थोड़ी-सी मात्रा में सेंधानमक को मिलाकर पिलाने से पेट के कीड़ें मिट जाते हैं।
• प्याज के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से पेट के अन्दर के चुन्ने कीड़े मर जाते हैं।
• प्याज को निचोड़कर प्राप्त रस को आधा-आधा चम्मच की मात्रा में पीने से बच्चों के पेट मे मौजूद कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
• प्याज का रस एक चम्मच की मात्रा में 2-2 घण्टे के अन्तराल के बाद पीने से पेट के कीड़े मरते हैं और पेट का दर्द भी दूर होता है।
• प्याज का आधा चम्मच रस 2 से 3 दिन तक बच्चों को देने से पेट के कीड़े और दर्द नष्ट होते हैं।

10. कबीला : कबीला को 3 ग्राम गुड़ के साथ खाने से पेट में की आंत में मौजूद कीड़ें मरकर मल के साथ आसानी से बाहर निकल जाते हैं।

11. हरड़ :
• हरड़, कबीला, सेंधानमक और बायविडंग को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर 3 ग्राम चूर्ण को छाछ के साथ खिलाने से पेट के कीड़े मिट जाते हैं।
• हरड़ और बायविंडग को बराबर मात्रा में पीसकर थोड़ी-सी मात्रा में बच्चों को और 1 चम्मच में गर्म पानी के साथ रोजाना सुबह और शाम फंकी के साथ सेवन करने से लाभ होता है।

12. कालीमिर्च : कालीमिर्च को 1 ग्राम पीसकर छाछ के साथ पीने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

13. आम की गुठली :
• कच्चे आम की गुठली के बीज को पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर आधा ग्राम को खुराक के रूप में पानी या दही के साथ प्रयोग करने से पेट के कीड़े मिट जाते हैं।
• कच्चे आम की गुठली के अन्दर की गिरी को सुखाकर बारीक चूर्ण बनाकर 2 ग्राम की मात्रा में दही या पानी के साथ प्रयोग करने से आंतों या पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने में लाभ देता है।

14. घिया (लौकी, कद्दू) :
• 25 ग्राम सूखे कद्दू के बीजों को बारीक पीसकर शहद के साथ सेवन करने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं। ध्यान रहें कि बच्चों को 1 खुराक से अधिक प्रयोग करने से हानि पहुंचती है।
• कद्दू के रस को पीने से पेट के कीड़े खत्म होते हैं।
• कद्दू का लाल फूल, बीज, 25 ग्राम मिश्री, 10 ग्राम नारियल, 2 ग्राम किशमिश को पीसकर बनें घोल बड़ों यानी जवान व्यक्ति को रात को सोने से पहलें सेवन करने से लाभ होता है।

15. नारियल :
नारियल के छिलके को पानी में उबालकर रोजाना सुबह-सुबह पीने से पेट के कीड़े मर कर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
• नारियल के खोपरे (कवर) का बारीक पिसा चूर्ण सेवन करने से पेट के कीड़े मरकर पेट के दर्द में लाभ होता है।
• 6 मिलीलीटर नारियल के तेल का सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
• रोजाना पके हुए नारियल का पानी पीने से लाभ होता है।
• कच्चे नारियल का पानी और गोले की गिरी खाने से पेट के कीड़े मरकर बाहर निकल जाते हैं।
• 6 मिलीलीटर नारियल का तेल पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

16. काला जीरा :
• काले जीरे का चूर्ण शहद के साथ मिलाकर पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
• काले जीरे को उबालकर काढ़ा बना लें, फिर इस बने काढ़े को पीने से पेट के कीड़े मिट जाते हैं।

17. सिरस : सिरस की छाल 10 ग्राम को लगभग 500 मिलीलीटर पानी में अच्छी तरह पका लें, जब 8 भाग पानी रह जाये तब इसे नीचे उतारकर छानकर पीने से पेट की सूजन के साथ-साथ कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

18. जैतून : जैतून का तेल पीने और गुदा में लगाने से बच्चों के मूत्राशय (वह स्थान जहां पेशाब एकत्रित होता है) में मौजूद कीड़े मरकर मल के द्वारा आसानी से बाहर निकल जाते हैं।

19. सहजन : सहजन के फलों की सब्जी को खाने से भूख बढ़ती है, प्लीहा (तिल्ली) के रोग और कीड़े भी समाप्त होते हैं।

20. चिरायता : चिरायता, तुलसी का रस, नीम की छाल का काढ़ा और नीम का तेल मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते है और पेट के दर्द में लाभ होता है।

21. करेला :
• करेले के पत्तों का रस पीने से पेट की आंतों में मौजूद कीड़े मारकर मल के साथ बाहर निकाल जाते हैं।
• करेले का रस पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
• एक चौथाई ग्राम करेले के फल का रस गुड़ के साथ सुबह के समय 3 दिन तक लें।
• पेट में कीड़े होने पर चौथाई कप करेले का रस पीना फायदेमन्द होता है।
• करेला की सब्जी 7 दिनों तक खाना बुखार, पित्त की खराबी, बच्चों को हरे-पीले दस्त, बवासीर, पेट के कीड़ों और पेशाब की बीमारियों में लाभ देता है।
• 1 चम्मच करेले का रस, आधा चम्मच नीम का रस, बायविंडग का चूर्ण और 2 चुटकी को मिलाकर पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
• 1 चम्मच करेले का रस गर्म पानी में मिलाकर सेवन करें।

22. सत्यानाशी :
• सत्यानाशी की जड़ की छाल का चूर्ण लगभग आधा ग्राम से लेकर 1 ग्राम की मात्रा में लेने से आंतों के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
• 2 चुटकी सत्यानाशी की जड़ को पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर पानी के साथ पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

23. राई : राई को बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें, 1 चम्मच की मात्रा को 100 मिलीलीटर गाय के पेशाब में मिलाकर दिन में सुबह-शाम प्रयोग करने पेट कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

24. मूली : मूली के पत्तों को पीसकर प्राप्त होने वाले रस को नमक के साथ लगभग 8 दिनों तक पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

25. सेब : 2 सेब रात को सोते समय कम से कम 7 दिनों तक खाने से कीड़े मरकर गुदामार्ग से मल के साथ बाहर आ जाते है। सेब खाने के बाद रात भर पानी न पीएं।

26. गोरखमुण्डी : गोरखमुण्डी के बीजों को पीसकर सेवन करने से आंतों के कीड़े मरकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।

27. बच : बच के एक चुटकी चूर्ण को हींग के साथ पीसकर पानी के साथ बच्चों को देने से पेट कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

28. बथुए :
• बथुए के रस को निकालकर पीने से पेट के कीड़ें मर जाते हैं।
• 1 चम्मच पिसे हुए बथुए के बीज शहद में मिलाकर चाटने से भी पेट के कीड़े मर जाते हैं तथा रक्तपित्त भी ठीक हो जाता है।

29. एरण्ड : एरण्ड के पत्तों के रस में हींग डालकर पीने से पेट की आंतों में फंसें कीड़ें मरकर बाहर आ जाते हैं।

30. कमीला :
• 6 ग्राम कमीला को गुड़ में मिलाकर खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और पेट के दर्द में आराम मिलता है।
• कमीला को छीलकर 3 ग्राम की मात्रा में दही के साथ प्रयोग करने से पेट के दर्द में आराम मिलता है।
• कमीला को पीसकर 6 ग्राम की मात्रा में छाछ के साथ सेवन करने से लाभ होता है।
• कमीला का आधा ग्राम चूर्ण 60 ग्राम दही को मिलाकर रात को सोने से पहले पीयें।
• कमीला 20 ग्राम और बायविंडग 20 ग्राम को बारीक पीसकर चूर्ण बना लें, इस बने चूर्ण को आधा ग्राम बच्चों और बड़ों को 2 ग्राम की मात्रा में दही या गर्म दूध के साथ 7 दिनों तक सेवन करने से पेट की आंतों में फंसे कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।

31. तेजपात : तेजपात और जैतून के तेल को मिलाकर गुदा पर लगाने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

32. परवल :Parwal
• परवल को पका लें, फिर उससे प्राप्त 2 चम्मच रस को पुदीने के 1 चम्मच रस में मिलाकर सेवन करें। इससे कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
• परवल की सब्जी बनाकर खाने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

33. नागरमोथा : नागरमोथा 2 ग्राम, अजवायन 2 ग्राम, भुना हुआ जीरा 2 ग्राम, कालीमिर्च 2 ग्राम और बायविंडग 2 ग्राम आदि को बराबर मात्रा में और 25 ग्राम सेंधानमक लेकर बारीक पीसकर रख लें। इस बने चूर्ण को 4-4 ग्राम की मात्रा में छाछ के साथ पीने से पेट के कीड़े मर जाते और पेट के दर्द में लाभ मिलता है।

34. हींग :
हींग को अजवायन और ग्वारपाठा के गूदे के साथ खाने से आंतों के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
• हींग को पानी में मिलाकर रूई का फोया भिगोकर बच्चों की गुदा पर लगाने से बच्चों के पेट के कीड़े मर जाते हैं।
• पेट में कीड़े होने पर थोड़ी-सी मात्रा में बच्चों हींग को खिलाने से भी लाभ होता है।
• हींग को थोड़े-से पानी में मिलाकर गुदा पर लगाने से पेट के कृमि नष्ट हो जाते हैं।
• थोड़ी-सी मात्रा में हींग को पानी में घोलकर दिन में 3 से 4 बार पीने से कीड़े मरने लगते हैं।

35. चिरायता : चिरायता और आंवले से बनाया गया काढ़ा सोने से पूर्व एक कप की मात्रा में सेवन करने से पेट के कीड़ें समाप्त हो जाते हैं।

36. मूली : 50 मिलीलीटर मूली के रस में सेंधानमक और कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से आन्त्रकृमि (आंत के कीड़े) नष्ट होते हैं।

37. कागजी नीबू : प्रतिदिन 2 बार थोड़ा-थोडा नींबू का रस पीना चाहिए। इससे पेट कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

38. गाजर : 125 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना सुबह खाली पेट पीने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं। कच्ची गाजर खाना भी लाभकारी होता है जिन लोगों को गाजर हजम न हो वे गाजर का रस ही पिया करें। गाजर या किसी भी चीज की कांजी बनाकर कम से कम 5 हफ्तों तक लगातार पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

39. कालीमिर्च : एक कप मट्ठे के साथ 4-6 कालीमिर्च का चूर्ण रात को सोते समय लेने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।

40. शहद : अजवायन का चूर्ण एक चुटकी को एक चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए। दिन में 3 बार यह चूर्ण लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

41. कलौंजी : 10 ग्राम कलौजी को पीसकर 3 चम्मच शहद के साथ सोते समय कुछ दिन नियमित रूप से सेवन कराने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

42. कसौंदी : इसके 20 ग्राम पत्तों को 400 मिलीलीटर जल में पकाकर चौथे बचे भाग को पीने से पेट के कीडे़ खत्म होते है। इसके साथ दस्त को भी यह रोकता है।

43. बच: 2 ग्राम बच के चूर्ण को सेंकी हुई हींग लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग के साथ खिलाने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

44. अमरबेल : अमरबेल और मुनक्कों को समान मात्रा में लेकर पानी में उबालें और काढ़ा तैयार होने पर छानकर तीन चम्मच रोजाना सोते समय दें। इससे पेट कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

45. पोदीना : पोदीने का रस कृमि (कीड़ें) नाशक, वायु विकारों (रोगों) को नष्ट करने वाला होता है। पोदीने के 5 ग्राम रस में नींबू का 5 ग्राम रस और 7-8 ग्राम शहद मिलाकर सेवन करने से उदर (पेट) के रोग दूर हो जाते हैं।

46. भांगरा : भृंगराज (भांगरा) के बारीक चूर्ण को एरण्ड के तेल के साथ सेवन करने से पेट के कीड़े नष्ट होकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।

47. कुटज : पेट में कीड़े होने पर कुटज के बीजों का चूर्ण आधा चम्मच की मात्रा में रोज सोने से पहले खाना चाहिए।

48. लता करंज : लता करंज के तेल पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

49. सौंठ : सौंठ व बायविडंग का चूर्ण शहद के साथ सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

49. पलास : पलास के बीज, अजवायन, कबीला, बायविडंग, निसात, किरमानी को थोड़ी सी मात्रा में मिलाकर बारीक पीसकर रख लें, इसे लगभग 3 ग्राम की मात्रा में गुड़ के साथ लेने से पेट में सभी तरह के कीड़े खत्म हो जाते हैं अथवा पलास के बीजों के चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में दिन में 2 बार सेवन करने से पेट के सभी कीड़े मरकर बाहर आ जाते हैं।

50. एरण्ड : एरण्ड के पत्तों का रस रोजाना 2-3 बार बच्चे की गुदा में लगाने से बच्चों के चुनने (पेट के कीड़े) मर जाते हैं।

51. त्रिफला : त्रिफला, हल्दी और नीम को मिलाकर प्रयोग करने से कफपित्तज, कृमि (पेट के कीड़े), कोढ़ और दूषित जख्मों में लाभ देता है।

52. अश्वगंधा : अश्वगंधा चूर्ण में बराबर गिलोय का चूर्ण मिलाकर शहद के साथ 5-10 ग्राम नियमित सेवन करने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

53. अतीस : अतीस और बायबिडंग बराबर की मात्रा में पीसकर आधा चम्मच शहद के साथ सोते समय कुछ दिन नियमित देते रहने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाएंगे।

54. अरनी : छोटी अरनी के पत्तों का रस लगभग 40 मिलीलीटर की मात्रा में बच्चों को पिलाने से उनके पेट के कीडे़ नष्ट हो जाते हैं।

55. बिजौरा नींबू :
• नींबू बिजौरा के बीजों की 5-10 ग्राम की मात्रा में गिरी की फंकी गर्म पानी के साथ देने से आंतों के कीड़े मर जाते हैं।
• बिजौरे की सूखी छाल को पकाकर काढ़ा बनाकर पिलाने से पेट के अन्दर मौजूद कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

विशेष : अच्युताय हरिओम कोष्ठ शुद्धि कल्प(Achyutaya Hariom Kosth Shuddhhi Kalp Tablet) के सेवन से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते है |
प्राप्ति-स्थान : सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों( Sant Shri Asaram Bapu Ji Ashram ) व श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र से इसे प्राप्त किया जा सकता है |

 

2 Comments

  1. manish tripathi January 24, 2018 at 12:06 am - Reply

    mere bache ke pet ke kide nahi khatm ho rahe krpy uachit parinam bataye

    • admin January 24, 2018 at 9:07 am - Reply

      नमस्कार मनीष जी ,

      पेट के कीड़ों को समूल नस्ट करने के लिए औषधि के साथ-साथ परहेज की भी खास जरुरत रहती है |

      अच्युताय हरिओम कोष्ठ शुद्धि कल्प(Achyutaya Hariom Kosth Shuddhhi Kalp Tablet) के सेवन से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते है |यह एक असरकारक प्रयोग है इसे आप जरुर आजमाये |इस औषधि को आप निकटवर्ती संत श्री आशारामजी आश्रमों( Sant Shri Asaram Bapu Ji Ashram ) या श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र से प्राप्त कर सकते है |

      उचित मार्गदर्शन के लिये आप वैद्य श्री दिव्यांग जी से इस नंबर बात कर सकते है :- 9377775710
      समय : दोपहर 2 से 5 के बिच |
      अथवा इस मेल id पर सम्पर्क करे – ashram.hospital@gmail.com

      हरिॐ

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