सप्तामृत लौह के फायदे और नुकसान | Saptamrit Lauh ke Fayde aur Nuksan

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सप्तामृत लौह के फायदे और नुकसान | Saptamrit Lauh ke Fayde aur Nuksan

सप्तामृत लौह क्या है ? : Saptamrit Lauh in Hindi

सप्तामृत लौह टैबलेट या पाउडर के रूप में आयुर्वेदिक दवा है जो मुख्य रूप से आखों के विकारों, गैस ,मन्दाग्नि आदि के उपचार में उपयोग किया जाता है। इसमें लौह भस्म मुख्य घटक होता है।

सप्तामृत लौह के घटक द्रव्य :

✦हरें
✦बहेड़ा
✦मुलैठी
✦लौह भस्म

सप्तामृत लौह बनाने की विधि :

हरें, बहेड़ा, मुलैठी- इनका कपड़छन किया हुआ चूर्ण तथा लौह भस्म सबको १-१ भाग लेकर एकत्र मिला, खरल कर सुरक्षित रख लें।- भै. र.

सप्तामृत लौह की सेवन विधि ,मात्रा और अनुपान :

४-८ रत्ती संध्या के समय अथवा सुबह-शाम १ माशा घी और ३ माशे शहद में मिला कर चाटें और ऊपर से गौ या बकरी का दूध पी लें।

सप्तामृत लौह के फायदे ,गुण और उपयोग : Saptamrit Lauh ke Fayde in Hindi

1- यह सब प्रकार के नेत्र रोगों की खास दवा है। इसके सेवन से दृष्टि-शक्ति की कमी, आँखों की लाली, आँखों में खाज होना, ऑखों के आगे अन्धेरा होना आदि विकार और नेत्र रोग अच्छे हो जाते हैं। ( और पढ़ेचाहे चश्मा कितने भी नंबर का हो वो भी उतरेगा )

2- इसके सेवन से दस्त साफ आता है, अग्नि (जठराग्नि) प्रदीप्त होती है ।( और पढ़ेभूख बढ़ाने के 55 घरेलू नुस्खे)

3- लौह का प्रधान मिश्रण होने के कारण यह औषध रक्त को भी बढ़ाती है।( और पढ़ेहीमोग्लोबिन व खून की कमी दूर करने के 46 उपाय )

4- इसको महात्रिफला घृत अथवा मधु में मिलाकर नियमित रूप से साल भर सेवन करने से नेत्रों की ज्योति बहुत अच्छी बढ़ जाती है, चष्मा लगने की आवश्यकता भी मिट जाती है। कई रोगीयों की, जिनकी नेत्र-दृष्टि कमजोर होने से चष्मा लगाना पड़ता था, इसके सेवन से नेत्रों की ज्योति बढ़कर चष्मा हटा देने के कई उदाहरण हमने देखें हैं।

5- मधु में मिलाकर नियमित रूप से सेवन करने से केवल नेत्र-रोगों ही नष्ट नहीं होते , बल्कि दाँत, कान और गले से ऊपर उत्पन्न होने वाले रोगों में भी लाभप्रद है।

6- यह अकाल (असमय) में बाल सफेद होने को रोकता है।( और पढ़ेसफेद बालों से छुटकारा पाने के 14 रामबाण उपाय )

7- सप्तामृत लौह पुरानी मन्दाग्नि को भी दूर कर जठराग्नि को प्रदीप्त करता है।

8-  इसके सेवन से शरीर में वीर्य शक्ति की वृद्धि होती, मुख की कान्ति अच्छी हो जाती है।( और पढ़ेवीर्य को गाढ़ा व पुष्ट करने के आयुर्वेदिक उपाय)

9- इसके सेवन से बाल अत्यन्त काले हो जाते हैं। यह रसायन वृष्य भी है।

सप्तामृत लौह के नुकसान : Saptamrit Lauh ke Nuksan

1-अधिक खुराक के गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं ।
2-सप्तामृत लौह को डॉक्टर की सलाह अनुसार ,सटीक खुराक के रूप में समय की सीमित अवधि के लिए लें।
3- सप्तामृत लौह लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें ।

2018-11-20T08:44:08+00:00By |भस्म(Bhasma)|0 Comments

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