प्रश्नोपनिषद | Prashnopanishad By Gita Press
इस किताब के बारे में
प्रश्नोपनिषद एक वेदान्त दर्शन पर आधारित उपनिषद है, जो प्रश्न और उत्तर के रूप में लिखी गई है। इसका हिन्दी संस्करण गीता प्रेस से प्रकाशित हुआ है। पुस्तक का शीर्षक-पृष्ठ पर “वेदान्तः” शब्द स्पष्ट रूप से लिखा है, जो इसके दार्शनिक ढाँचे को बताता है। पुस्तक में लगभग १२४ पृष्ठों का पाठ है।
पुस्तक में एक प्रश्न के कई उपप्रश्न दिए गए हैं, जिनमें सन्देह, कर्म और अध्यात्मा, ब्रह्म की सत्ता, तथा उपनिषदों का आवरण जैसे गूढ़ विषय शामिल हैं। साधना, सुमति और मुक्ति से जुड़े प्रश्न भी अलग-अलग अध्यायों में दिए गए हैं। प्रश्नोत्तर शैली होने के कारण पाठक को अपनी जिज्ञासा के अनुसार सीधे अपना सवाल खोज सकता है।
वेदान्त-दर्शन के विद्यार्थियों, आध्यात्मिक खोजी और जिज्ञासु पाठकों के लिए यह पुस्तक उपयोगी है। गूढ़ विषय को प्रश्न-उत्तर के सरल ढाँचे में रखा गया है, इसलिए पढ़ना आसान है। गीता प्रेस के प्रिय पाठकों के लिए यह एक संपूर्ण दार्शनिक पुस्तक है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- प्रश्नोपनिषद का मूल पाठ
- सरल हिंदी अनुवाद तथा भावार्थ
- आत्म-ज्ञान तथा ब्रह्म-विद्या
- श्लोक-वार व्याख्या
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
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