भजन संग्रह भाग-5 | Bhajan Sangrah Part-5
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक भजन-संग्रह का पाँचवाँ भाग है, जिसे पन्न-पुष्प कहा गया है। पैमाना लगभग 168 पृष्ठ का है और शीर्षक-पृष्ठ पर ऊपर श्रीहरिः का चिह्न बना है।
शीर्षक के नीचे भगवद्गीता के अध्याय नौ के श्लोक चौबीस का उद्धरण दिया गया है — पन्दुपण्ड फलै तोत्रे यो मे मलया प्रच्छति, तदैह मत्सुपहटमझामि प्रयततमनः — जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि फलों से बने भोज्य पदार्थ मेरे लिये ही नहीं, सबके लिये हैं, इसलिए उन्हें मन से मत्सुपहट कर भोजन करना चाहिये।आवरण के बीच में एक छोटा फूल बना है, जो संग्रह की सजावट का हिस्सा है। यह संग्रह भक्त-साहित्य के पाठकों के लिये भजन-संग्रह के रूप में उपयोगी है।
आवरण के चारों ओर फूलों की पृष्ठभूमि बनी है और नीचे छोटा फूल का चित्र भी दिया गया है। पुस्तक में श्रीहरिः के नाम से आरम्भ होने वाले भजनों का संकलन है, जिसमें नव-वर्ष के आगमन, शुभकामनाओं और सात्विक जीवन-यापन जैसे विषयों पर भजन-पंक्तियाँ मिलती हैं, और यह भक्ति-साहित्य के पाठकों के लिये उपयोगी है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- भजनों तथा पदों का संग्रह (भाग 5)
- हिंदी अर्थ सहित
- कीर्तन करने की विधि
- भक्ति तथा नाम-जप का भाव
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
विदुर नीति – Vidur Neeti
गीता शंकरभाष्य (हिंदी) – Gita Shankar Bhashya
वैदिक सूक्त संग्रह – Vedic Sukta Sangrah
नव दुर्गा – Nav Durga
विनय पत्रिका – Vinay Patrika
पतंजलि योग दर्शन – Patanjali Yog Darshan
भक्त चरितांक (भक्तमाल) – Bhakt Charitank
दश महाविद्या – Dash Mahavidya