कैंसर में लाभदायक आयुर्वेदिक वन औषधियाँ – Cancer me Labhdayk Ayurvedic Aushadhiya in Hindi

Last Updated on दिसम्बर 22, 2020 by admin
वनौषधि में नैसर्गिक औषधि गुणधर्म, जीवनसत्व और खनिज होते हैं। जो सही मात्रा में इस्तेमाल किए तो खून, पाचन और पेशियों के कार्य पर संतुलन बनाए रखता है। इसमें खून लाल और सफेद कोशिकाओं की मात्रा बढ़ने से थकान, उल्टी बंद होकर इंसान को बल प्राप्त होता है।
कैंसर की कारगर औषधियाँ :
1). अल्फाल्फा (मेडीकागो सटाइवा) के प्रयोग से कैंसर का इलाज

अरब में अल्फाल्फा (Alfalfa) पर काफी शोध हुआ है। इसमें विटामिन ए, बी, सी, डी, के और खनिजों की मात्रा भरपूर होती है । यह एक क्षारीय गुणधर्म की वनस्पति है। अल्फाल्फा कैंसर के उपचार में काफी लाभदायक वनस्पति है।
2). ब्राम्ही के इस्तेमाल से कैंसर में लाभ

ब्राम्ही के उपयोग से शरीर बल को प्राप्त करता है । इसका सभी मज्जातंतूओं पर लाभदायक असर होता है । यह उनकी शक्ति को बढ़ाकर कैंसर के विरोध में काम करती है।
( और पढ़े – ब्राह्मी के 26 चमत्कारिक औषधीय प्रयोग )
3). कोलचिकम से कैंसर की बीमारी का उपचार

कोलचिकम (Colchicum) एक हर्बल वनस्पति है, यह अफगानिस्तान और उत्तर भारत में लोकप्रिय है। इसमें कोलचिन नामक घटक होता है, जो कैंसर के कोशिकाओं का विघटन करके कैंसर में रेडिओथेरपी के लिए सहायक होता है।
4). जिनसेंग कैंसर के उपचार में फायदेमंद

जिनसेंग (Ginseng) एक हर्बल वनस्पति है । चीन, कोरिया, जपान, भारत, दक्षिण एशिया में यह वनस्पति आरोग्यवर्धक और बलवर्धक के रूप में इस्तेमाल की जाती है । जिनसेंग कैंसर की कोशिकाओं पर अल्ट्रावायलेट किरणों के जैसा परिणाम उत्पन्न करती है। जिनसेंग से कोशिका नैसर्गिक तरीके से पुनर्जीवित होती है।
5). आँवला के सेवन से कैंसर का इलाज
आँवले में विटामिन-सी (‘सी’ जीवनसत्व) भरपूर मात्रा में होता है। 100 ग्राम आँवले में लगभग 470 से 680 मिलीग्राम तक विटामिन सी मौजूद होता है और सूर्य किरणों में सूखे हुए 100 ग्राम आँवले में 2428 से 3470 मिलीग्राम तक विटामिन-सी होता है।
पेशियों में फ्री रेडिकल्स के निर्माण को ‘विटामिन-सी पूरी तरह से रोकता है। कैंसर के पीड़ित का तनाव विटामिन-सी कम करता है। जिनकी त्वचा या मुँह से खून बहता है उनमें यह विटामिन लक्षणों को रोकता है। जिन रोगियों का ऑपरेशन नहीं कर सकते उन्हें 4000 – 6000 मिलीग्राम विटामिन-सी दिया जाएगा तो कैंसर वृद्धि रोकी जा सकती है।
विटामिन-सी की पूर्ति के लिए आहार में पेरू, नींबू, संतरा, पपीता इत्यादि का समावेश अधिक मात्रा में करना चाहिए।
( और पढ़े – सेहतमंद रहना है तो रोजाना खाएं आंवला )
6). तुलसी का उपयोग कर कैंसर का इलाज
तुलसी वैदिक समय से बहुत ही पवित्र औषधि है। कैंसर से निर्माण होनेवाले तनाव को तुलसी दूर करती है। स्वस्थ इंसान को भी रोज सुबह-शाम तुलसी के 10-12 पत्ते खाना चाहिए।
( और पढ़े – तुलसी के 71 अचूक घरेलू नुस्खे )
7). नीम का इस्तेमाल भी है कैंसर में फायदेमंद
नीम की रोज 10 से 12 पत्तियां खाने से खून शुद्ध होता है तथा कैंसर में लाभ मिलता है ।
(और पढ़े – नीम की पत्ती खाने के बेशकीमती स्वास्थ्य लाभ )
8). पपीता के पेड़ के पत्ते के प्रयोग से कैंसर का उपचार
ऑस्ट्रेलिया में 74 उम्र की एक महिला ने उनका कैंसर पपीता के पेड़ के पत्तों से ठीक हुआ है ऐसा दावा किया है, जिन्हें पित्ताशय (gallbladder) का कैंसर हुआ था।
पपीता के पेड़ के पत्ते कैंसर में किसी भी औषधि से दस लाख गुना लाभदायक है। – डॉ. जेरी मॅक्लाफलिन (अमेरिका)
(और पढ़े – पपीता के करिश्माई फायदे )





