अनिद्रा (नींद न आना) में क्या खाना चाहिये और क्या नहीं

यत्न करने के बावजूद सो न पाना, रात में बार-बार नींद टूटना या सुबह प्रजल्दी नींद खुल जाना जैसी स्थितियां अनिद्रा रोग (इंसोम्निया / Insomnia) के अंतर्गत आती हैं। अनिद्रा रोग में उचित समय पर या पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं आती है।

अनिद्रा (नींद न आना) के कारण :

नींद न आने के अनेक कारण हो सकते हैं, जिनमें –

  • अधिक मानसिक परिश्रम करना,
  • मानसिक तनाव,
  • मानसिक उत्तेजना बढ़ाने वाले पदार्थ-चाय, कॉफी, मदिरापान, धूम्रपान, गुटखा, तंबाकू आदि का अधिक मात्रा में सेवन,
  • भय, ईर्ष्या, चिंता, क्रोध, प्रतिशोध की भावना,
  • आकांक्षा की पूर्ति न होना तथा आत्मग्लानि आदि मनोविकार,
  • श्रम बिल्कुल न करना,
  • बैठे रहकर आरामतलब जीवन गुजारना,
  • अधिक भोजन करना,
  • कब्ज, गैस, अपच, दमा, खांसी, बदन दर्द जैसी तकलीफें आदि प्रमुख हैं।
  • बिस्तर का अनुकूल न होना,
  • मच्छर और खटमलों का काटना आदि कारण भी नींद खराब करते हैं।

अनिद्रा (नींद न आना) के लक्षण :

कुछ लक्षणों से इंसोम्निया (Insomnia) का अंदाजा लगाया जा सकता है –

  • नींद न आने से किसी काम में मन न लगना,
  • चिड़चिड़ापन,
  • थकान,
  • कमजोरी,
  • याददाश्त की कमी,
  • सिर दर्द जैसे कष्ट के लक्षण उत्पन्न होते हैं।
  • आवश्यक ध्यान न दिए जाने पर ये गंभीर रोगों में बदल जाते हैं।

अनिद्रा (नींद न आना) में क्या खाएं :

  • भोजन में रेशे (फाइबर) युक्त पदार्थों जैसे-चोकर युक्त आटे की रोटी, दलिया,
  • दालें, केला, आम, अमरूद, अंगूर, अंजीर, खजूर, पालक, गाजर, शलगम, पत्ता गोभी, आलू, कद्दू चुकंदर का अधिक सेवन करें, ताकि कब्ज की समस्या पैदा न हो।
  • करमकल्ला की सब्जी घी में छौंक कर सुबह-शाम कुछ दिन खाएं।
  • सोने के समय से एक घंटे पूर्व एक गिलास मीठे दूध में एक चम्मच शुद्ध घी मिलाकर पिएं।
  • सोने से पूर्व आम या गाजर का रस आधा गिलास पिएं।
  • सेब का मुरब्बा भोजन के साथ दोनों समय सेवन करें।

अनिद्रा (नींद न आना) में क्या न खाएं :

  • रात का भोजन अत्यधिक वसा युक्त और अधिक मात्रा में न खाएं।
  • सोने से पूर्व गुटखा, तंबाकू, पान मसाले, मदिरा, चाय, कॉफी का सेवन न करें।
  • भोजन में मांस या मिर्च-मसालों के अधिक सेवन से बचें।

अनिद्रा (नींद न आना) रोग निवारण में सहायक उपाय :

क्या करें –

  • सोने के समय से 2-3 घंटे पूर्व ही भोजन कर लें।
  • सोने से पूर्व मनपसंद संगीत सुनें, रोचक पुस्तक पढ़ें या भगवान का ध्यान करें।
  • शाम को टहलने की आदत बनाएं।
  • रोजाना कुछ-न-कुछ श्रम का कार्य करें
  • पैर के तलवों पर सोने से पूर्व सरसों के तेल की मालिश करें।
  • गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में गर्म पानी से पैर धोकर सोएं।
  • सोने से पहले शौच या पेशाब से निवृत्त हो लें।
  • बिस्तर आरामदायक एवं कमरा शांत, स्वच्छ व हवादार हो, इसका ध्यान रखें।
  • सोने से पूर्व संभोग करने से शीघ्र और गहरी नींद आती है।
  • सिर पश्चिम दिशा में रखकर सोने से शांत और सुखमय नींद आएगी।
  • पीठ के बल लेटने की बजाय बाईं करवट सोने की आदत डालें।

क्या न करें –

  • बिस्तर पर लेटकर दिन भर के काम-काज का लेखा-जोखा, किसी प्रकार की चिंता या परेशानियों पर विचार न करें।
  • सोने से पूर्व बिस्तर पर लेटकर टी.वी. न देखें।
  • सोने के कमरे की रोशनी खुली न छोड़ें।
  • सोने का स्थान रोज-रोज न बदलें।
  • ‘मुझे नींद नहीं आएगी’ जैसे विचार मन में न लाएं।
  • नींद लाने वाली गोलियां अपनी मर्जी से सेवन न करें।
  • सिर को पश्चिम या उत्तर दिशा की तरफ रख कर न सोएं। सोते समय अपना सिर पूर्व या दक्षिण दिशा में रखना चाहिए।

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