किडनी फेल्योर (खराब किडनी) का आयुर्वेदिक इलाज – Kidney Failure ka Ayurvedic Ilaj in Hindi

किडनी फेल्योर क्या है ? (What is Kidney Failure in Hindi)

kidney failure kya hota hai –

शरीर में किडनी का मुख्य कार्य रक्त का शुध्दिकरण करना है। छने हुए मूत्र के द्वारा शरीर के गन्दे व हानिकारक पदार्थ जैसे यूरिया, क्रिएटिनिन, विभिन्न प्रकार के अम्ल आदि बाहर निकाले जाते है। जब बीमारी के कारण दोनों किडनी अपना सामान्य कार्य नहीं कर सके तो किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है जिसे किडनी फेल्योर कहा जाता है।

किडनी के कार्य (Kidney Functions in Hindi)

sharir me kidney ka kya kary hota hai –

किडनी (गुर्दे) पेट के पृष्ठभाग में मौजूद सेम के बीज के आकार के अंग है। ये मानव शरीर के एक अति महत्वपूर्ण अंग है जो शरीर में रक्त की गंदगी को छानकर मूत्र के रूप में बाहर निष्कासित करते है। किडनी का निर्माण ‘नेफ्रोन’ नामक घटकों से होता है। ये नेफ्रोन ही शरीर में रक्त की गंदगी व विषों को छानने का काम करते है। किडनी शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित करता है। रक्तचाप को नियंत्रित करना,अम्ल क्षार की मात्रा का निर्धारण करना, विटामिन डी को सक्रिय बनाने का काम करता है जो हड्डियों के लिए आवश्यक है। किडनी लाल रक्त कणिकाओं की संख्या वृध्दि में सहायता देने के अतिरिक्त रक्त में पौटेशियम लवणों, सोडियम क्लोराइड और अन्य कई रसायनों की मात्रा का नियमन करने का कार्य भी करता है।

किडनी फेल्योर के कारण (Causes of Kidney Failure in Hindi)

kidney failure kyu hota hai –

  • पेशाब को रोकने से ।
  • पानी कम मात्रा में पीने से ।
  • बहुत ज्यादा नमक खाने से ।
  • उच्च रक्तचाप से ।
  • डायबिटिज़ के इलाज में लापरवाही बरतने पर ।
  • अधिक मात्रा में मांस खाने से ।
  • दर्दनाशक दवाएँ लगातार लेना से ।
  • ज्यादा शराब पीने से ।
  • काम करने के बाद जरूरी मात्रा में आराम नहीं करने से ।
  • अधिक मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा पीने से किडनी फेल्योर हो सकती है।

किडनी फेल्योर के प्रकार (Types of Kidney Failure in Hindi)

kidney failure ke prakar –

किडनी फेल्योर के दो प्रकार है।

  1. एक्यूट रिनल फेल्योर (Acute Renal Failure) – इसका अर्थ है कि किडनी अस्थायी रूप से बंद हो गई है। ये किडनी फेल्योर आमतौर पर पूरी तरह ठीक हो जाता है। इसका मुख्य कारण डायरिया या अतिसार के कारण शरीर से पानी निकल जाने की वजह से किडनी को हानि होती है। अन्य कारणों में पेन किलर व एंटिबायॉटिक्स दवाएँ मूल औषधियां शामिल है।
  2. क्रोनिक रिनल फेल्योर (Chronic Renal Failure) – डायबिटीज और हाईब्लडप्रेशर इसके मुख्य कारण है। जीर्ण वृक्कशोथ, पोलीसिस्टिक किडनी रोग, गुर्दे की पथरी तथा पौरूष ग्रन्थि के रोग आदि कारण भी होते है।

किडनी फेल्योर के लक्षण (Kidney Failure Symptoms in Hindi)

kidney failure ke lakshan hindi mai –

  • किडनी खराब होने के कारण रक्त में यूरिया का स्तर बढ़ जाता है जिसके कारण मुँह से बदबू निकलने लगती है और जीभ का स्वाद भी बदल जाता है।
  • लगातार उल्टी लगती है ।
  • जी मिचलाना ।
  • भूख न लगना ।
  • थकावट व कमजोरी महसूस होना ।
  • शरीर में खून की कमी ।
  • नींद न आना ।
  • पेशाब की मात्रा कम हो जाना ।
  • दिमाग ठीक से काम नहीं करना या कुछ समझने में मुश्किल का सामना करना ।
  • मांसपेशियों में खिंचाव और आक्षेप आना ।
  • पैरों और टखने में सूजन आना ।
  • लगातार खुजली होना ।
  • हार्ट में पानी जमा होने पर छाती में दर्द होना ।
  • हाईब्लडप्रेशर जिससे कंट्रोल करना कठिन हो ।

ये लक्षण किडनी फेल्योर के हो सकते है।

किडनी फेल्योर की चिकित्सकीय जाँच (Kidney Failure Medical Test in Hindi)

kidney failure ki janch –

  • मूत्र जाँच में मूत्र में एल्ब्यूमिन प्रोटीन की बढ़ी हुई मात्रा इंगित करती है कि किडनी क्षतिग्रस्त होने शुरू हो गए है।
  • रक्त जांच में युरिया और क्रिएटिनिन की बड़ी मात्रा किडनी फेल्योर की ओर संकेत करता है।

किडनी फेल्योर का आयुर्वेदिक इलाज (Kidney Failure Ayurvedic Treatment in Hindi)

kidney failure ka ayurvedic upchar –

किडनी फेल्योर के रोगी को तुरन्त विशेषज्ञ के संम्पर्क में ही चिकित्सा करवानी चाहिए। इसका प्रमुख एवं स्थायी उपचार आयुर्वेद में ही है लेकिन आवश्यकता पड़ने पर यदि डायलिसिस का सहारा लेना पड़े तो इसका ट्रीटमेन्ट तुरन्त लेना चाहिए।

1). आयुर्वेदिक औषधियां (kidney failure ki ayurvedic dawa) – पुनर्नवामंडूर, गोक्षुरादि गुग्गुल, चन्द्रप्रभावटी, श्वेतपर्पटी, गिलोय सत्व, मुक्ता पिष्टी, मुक्तापंचामृतरस, वायविडंग आदि का सेवन विशेषज्ञ की देखरेख में करने पर लाभ मिलता है।

2). पुनर्नवा व कासनी का अर्क किडनी फेल्योर के इलाज में विशेष लाभदायक है।

3). रात को तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह पीना चाहिए।

4). नियमित अनुलोम विलोम व प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

किडनी फेल्योर में खान-पान और परहेज (Diet for Kidney Failure Patient in Hindi)

kidney failure me kya khaye kya na khaye –

  1. किडनी खराब होने पर ऐसे खाद्य-पदार्थ न खाएं जिनमें नमक व फॉस्फोरस की मात्रा कम हो।
  2. पोटेशियम की मात्रा भी नियत्रित होनी चाहिए।
  3. ऐसे में केला फायदेमंद होता है। इसमें कम मात्रा में प्रोटीन होता है।
  4. उबली सब्जियाँ खाएं व मिर्च मसालों से परहेज करें।
  5. तरल चीजें सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
  6. नियमित रूप से ऐलोवेरा व ज्वारे व गिलोय का जूस पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
  7. kidney failure me kya nahi khana chahiye – सिरम क्रियेटिनिन व यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने पर प्रोटीन युक्त पदार्थ जैसे मांस, सूखे हुए हरे मटर, बैंगन, मसूर, उड़द, चना, बेसन, अरबी, कुलथी की दाल, राजमा, कांजी व शराब आदि से परहेज करना चाहिए।
  8. नमक, सेंधा नमक, टमाटर, काली मिर्च, नींबू का प्रयोग कम से कम करना चाहिए।
  9. kidney failure me kya khana chahiye- गाजर, तुरई, टिंडे, ककडी, तरबूज, अंगूर, अनानास, नारियल पानी, सेब, मौसमी, संतरा, कीवी, खरबूजा, आंवला, पपीता खा सकते है।
  10. चैरी, अनानास, आलू खाना लाभकारी होता है।
  11. तनाव नहीं लेना चाहिए।

आयुर्वेद में रोग के कारणों को दूर कर पथ्य का सेवन करने से उचित औषधि चिकित्सा करने पर अवश्य ही रोग दूर होता है।

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