महिलाओं की संपूर्ण तंदुरुस्ती और सेहत के घरेलू उपाय – Mahilaon ki Tandrusti aur Sehat ke Upay in Hindi

आधुनिक युग में जैसे-जैसे नई-नई दवाइयों की खोज हो रही है उसी गति से कई प्रकार की बीमारियाँ भी बढ़ रही हैं। महिलाओं को भी कई तरह की बीमारियाँ होती हैं। जब वे दवाइयों का सेवन करती हैं तब नई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस वजह से देखें तो घर में रखी हुई वस्तुओं का प्रयोग कर बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। महिलाएँ ज़्यादातर रसोई में ही रहती हैं और इन्हीं वस्तुओं का प्रयोग कर रोगमुक्त हो सकती हैं या उसमें आराम मिल सकता है या जिन महिलाओं को कोई बीमारी नहीं है वे इन सभी का प्रयोग कर बीमारियों से दूर रह सकती हैं। आज हम कुछ रसोई के मसाले, खाने-पीने की चीज़ों के द्वारा रोगमुक्त होने के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

महिलाओं के सामान्य रोग और उनके उपचार (Mahilaon ke Rog aur Upchar in Hindi)

1). हिमोग्लोबिन की कमी – जिन महिलाओं का हिमोग्लोबिन कम है उन्हें रोज देशी गुड खाना चाहिये जिससे हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

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2). कमर दर्द – जिन महिलाओं को जोड़ों में दर्द, कमर दर्द रहता हो उन्हें अदरक या सौंठ पाउडर + गुड़ मिलाकर खाने से दर्द में आराम मिलता है।

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3). एसिडिटी – एसिडिटी की समस्या में 1 चम्मच जीरा चबाकर खाएँ। थोड़ी देर बाद गुनगुना पानी पीएँ।

4). अच्छी नींद के लिए – नींद की समस्या है तो रोज़ अखरोट खाएँ। अखरोट मिश्री के साथ भी खा सकते हैं, अच्छी नींद आएगी।

5). चक्कर – चक्कर आने पर रोज़ 6 ग्राम हरे चने की चटनी खाएँ। इससे साथ ही पेट दर्द, सिरदर्द में आराम मिलता है।

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6). डायबिटीज़ – रोज़ अखरोट खाने से महिलाओं में डायबिटीज़ की संभावना बहुत कम हो जाती है।

7). चेहरे की झाइयाँ – मुँह पर झाइयाँ हो जाती है तो उन्हें दूर करने के लिए कमरक (अर्जुन) को । पीसकर शहद के साथ लगाने से फायदा होता है।

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8). दाँतों में दर्द – दाँतों में दर्द होने पर सरसों का थोड़ा तेल साथ ही सेंधा नमक या मीठा सोडा मिलाकर रोज़ दाँतों पर घिसना है। दर्द में आराम मिलेगा।

9). खून की कमी – जिन्हें खून की कमी है वे 6 चम्मच छोटीवाली सौंफ + देसी लाल गुलाब की पत्तियाँ दोनों को मिलाकर उबालें। फिर उस पानी को दिन में तीन बार पीएँ।

10). मिर्गी – हिस्टीरिया की बीमारी में बार-बार मूर्छा आती हो उन्हें रोज़ नियमित रूप से खजूर खिलाना चाहिए। साथ ही हींग व कपूर मिलाकर छोटे से डिब्बे में रखें। उसे रोज़ साँस लेते समय सूंघना है। जरूर आराम मिलेगा, दवाइयाँ बंद नहीं करनी हैं।

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11). कब्ज़ – कब्ज़ की तकलीफ, पित्त की मात्रा ज़्यादा हो तो काले अंगूर ज़रूर खाने चाहिए या उसका जूस रोज़ पीना चाहिए।

12). गर्भाशय की कमजोरी – गर्भाशय में तकलीफ होने पर रोज़ 1/4 चम्मच सौंठ पाउडर + 1 चम्मच देसी गुड़ सुबह और रात को देने से गर्भाशय मज़बूत होता है।

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13). बेहोशी – लहसुन को पीसकर सूंघने से मूर्छा दूर होती है।

14). जोड़ों का दर्द – जॉइंट पेन में पालक का सेवन करना लाभदायक होता है।

15). हाई ब्लड प्रेशर – उच्च रक्तचाप में लहसुन का सेवन ज़रूर करना चाहिए बहुत फायदा होता है।

16). थाइरॉइड – 2 चम्मच अलसी 2 गिलास पानी में डालकर आधा रहने तक उबालें और ठंढा होने के बाद पीएँ। इसे सुबह खाली पेट लें। दोनों प्रकार के थाइरॉइड में काम आता है।

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17). मोटापा – 1/2 चम्मच दालचीनी पाउडर को 1 गिलास गर्म-गर्म दूध में डालकर पीने से वज़न कम होता है।

18). बहुमूत्रता – जिन महिलाओं को ज़्यादा पेशाब आता है या बहुमूत्रता की समस्या है वे 1 गिलास दूध में 2 से 3 छुआरे डालकर उबालें। उसके बाद बीज निकालकर खारीक खाएँ और ऊपर से दूध पीएँ। यह रोज़ पीना है।

19). सर्दी जुखाम – सर्दी होने पर तुलसी के पत्ते का रस + अदरक का रस + शहद लेने से सर्दी मिटती है।

20). पेट दर्द – पेट दर्द में अजवाइन + नमक मिलाकर खाएँ आराम मिलेगा।

21). कमर दर्द – सौंठ पाउडर गर्म पानी के साथ लेने से कमर दर्द दूर होता है।

मासिक धर्म की तकलीफों में घरेलू उपचार :

ज़्यादातर महिलाओं को मासिक धर्म के समय तकलीफें होती हैं। पेट में दर्द, ज़्यादा खून आना, चक्कर आना आदि। उसके लिए नीचे कुछ घरेलू उपचार बताए गए हैं, जो नुकसानकारक नहीं है।

1) जिन महिलाओं को मासिक धर्म में ज़्यादा खून आता हो, कमज़ोरी हो उन्हें रोज़ सुबह अखरोट ज़रूर खिलाना चाहिए, शक्ति बढ़ती है। अखरोट में एंटि ऑक्सिडंट तत्त्व ज़्यादा होता है इससे महिलाओं की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इस कारण महिलाएँ अन्य बीमारियों से भी दूर रहती हैं।

2) मासिक धर्म में पेट दर्द या मासिक धर्म साफ नहीं आता है उसके लिए हींग का सेवन ज़रूर करना चाहिए।

3) कच्चा प्याज़ मासिक धर्म में ज़रूर खाना चाहिए। इससे पेटदर्द नहीं होता है साथ ही मासिक धर्म साफ आता है।

4) मासिक धर्म में ज़्यादा खून आता हो तो 10 से 20 ग्राम धनिया के बीज पानी डालकर उबालें। ठंढा होने पर दिन में तीन से चार बार पीने से लाभ होता है।

5) मासिक धर्म के समय यदि चक्कर आता हो या अन्य तकलीफ हो तो तुलसी के पत्ते का रस शहद में मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

6) मासिक धर्म के समय दर्द रहता हो, मासिक धर्म बराबर न आता हो, बहुत कम आता हो तो 10 – 20 ग्राम काले तिल पानी में उबालें, थोड़ा सा पानी रह जाए तब ठंढा करके पीना है।

7) मासिक धर्म कम आता हो या अनियमित हो तो एलोवेरा का रस पीना चाहिए या सोआ + अजवाइन + जीरा समान मात्रा में लेकर पानी में उबालना है, ठंढा होने पर उसे पीना है।

(अस्वीकरण : दवा ,उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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