नींबू के औषधीय गुण और उपयोग | Nimbu Ke Upyog

नींबू के औषधीय गुण :

नीबू (Lemon) नीबू को अँग्रेजी में ‘लेमन’ के नाम से तथा लेटिन भाषा में साइट्रेस मेडिका के नाम से जाना जाता है। इसका सेवन प्रत्येक मौसम में किया जा सकता है। यह बदलते मौसम के अनुरूप ही अपने गुणों को समायोजित कर मौसमी दोषों से बचाता है। नीबू का मुख्य कार्य शरीर के विषों को नष्ट करके उन्हें बाहर निकालना है। स्वाद में खट्टा होने पर भी नीबू बहुत ही गुणकारी और उपयोगी है।

नीबू का रस रुचिकर और पाचक होने के कारण यह दाल, साग या चावल पर निचोड़ा जाता है। नीबू के रस से भोजन स्वादिष्ट बनता है। नीबू अनेक किस्मों के होते हैं। उनमें खट्टे और मीठे ये दो प्रकार मुख्य हैं। कागजी, जम्भीरी, संतरे, चिकोत्तरे, पपनस, मौसमी, नारंगी, बिजौरा और जंगली नीबू वगैरह नीबू की लगभग 25 किस्में होती हैं

मीठे नीबू मधुर और कुछ कड़वाहट लिए हुए तथा कागजी नीबू खट्टे होते हैं। नीबू की सभी किस्मों में कम या अधिक खट्टापन अवश्य होता है। सर्वत्र सरलतापूर्वक उपलब्ध और अधिक उपयोग में आने वाले नीबू को ‘कागजी नीबू’ कहा जाता है। कागजी नीबू सर्वोत्कृष्ट है। गर्मी के मौसम में नीबू का रस शर्बत बनाकर पीया जाता है। नीबू का रस खट्टा होने पर भी रक्त के खट्टेपन को दूर करने का विशिष्ट गुण रखता है। इसका रस रक्तपित्त और स्कर्वी रोग में लाभदायक है।

कुछ औषधियाँ नीबू के रस में खरल करने से अधिक लाभकारी बनती हैं। नीबू का अचार बनता है। नीबू से स्कवाश और सीरप बनाकर कभी भी उपयोग कर सकते हैं । नीबू का रस रोगोत्पादक जन्तुओं का नाश करता है। अतः प्रत्येक स्त्री, पुरुष और बालकों को अर्थात् सभी को नीबू का सेवन करना चाहिए। इसका सेवन करने वाले व्यक्ति पर संक्रामक रोग का आक्रमण नहीं होता । नीबू का सेवन खाली पेट करने से अधिक लाभ होता है।

नींबू के उपयोग :

1- नींबू के फायदे पथरी में –
एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम दो बार नित्य एक महीना पीने से पथरी पिघलकर निकल जाती है।

2- नींबू के फायदे पथरी के दर्द में –
अँगूर के साठ पत्तों पर आधा नींबू निचोड़कर पीसकर चटनी बना लें। इसे दो चम्मच हर दो घंटे में तीन बार खाने से पथरी से होनेवाला दर्द दूर हो जायगा।

3- नाखून के रोग में नींबू का उपयोग –
नाखूनों पर नित्य नींबू रगड़े, रस सूख जानेके बाद पानीसे धोयें। इससे नाखूनों के रोग ठीक हो जाते हैं।

4- बाल गिरना, रूसी (डेनड्रफ) में इसके लाभ –
(१) एक नींबू के रस में तीन चम्मच चीनी, दो चम्मच पानी मिलाकर, घोलकर बालों की जडों में लगाकर एक घंटे बाद अच्छे से सिर धोने से रूसी दूर हो जाती है। बाल गिरना बंद हो जाता है।
(२) सिर में नींबू की रस भरी फाँक रगड़कर स्नान करने से बाल गिरने बंद होते हैं।

5- नींबू के फायदे गंजापन में –
(१) नींबू के बीजों पर नींबू निचोड़कर एवं पीसकर बाल उड़ी हुई जगह (गंज)-पर लेप करें। चार-पाँच महीने लगातार लगाने पर बाल उग आते हैं।
(२)तीन चम्मच चने के बेसन में एक नींबू का रस, थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल बनाकर गंज पर लेप करें तथा सूखने पर धोयें, फिर समान मात्रा में नारियल का तेल, नींबू का रस मिलाकर सिर में लगायें। बाल आ जायेंगे।

6- सिर में फुसियाँ, खुजली, त्वचा सूखी और कठोर हो तो बालों में दही लगाकर दस मिनट बाद सिर धोयें। बाल सूख जाने पर समान मात्रा में नींबू का रस और सरसों का तेल मिलाकर लगायें। यह प्रयोग लम्बे समयतक करें।

7- जुएँ में नींबू के उपयोग –
(१) समान मात्रा में नींबू का रस और अदरक का रस मिलाकर बालों की जड़ों में लगाने से जुएँ मर जाते हैं। यह रस लगाकर एक घंटे बाद सिर धोयें। सिर धोनेके बाद नींबू का रस और सरसों का तेल समान मात्रा में मिलाकर नित्य बालों में लगायें।

8- बाल काले करने में नींबू के फायदे –
एक नींबू का रस, दो चम्मच पानी, चार चम्मच पिसा हुआ आँवला मिला लें। यदि पेस्ट नहीं बने तो पानी और मिला लें। इसे एक घंटा भीगने दें। फिर सिर पर लेप करें। एक घंटे बाद सिर धोयें। साबुन, शैम्पू धोते समय नहीं लगायें। धोते समय पानी आँखों में नहीं जाय, इसका ध्यान रखें। यह प्रयोग हर चौथे दिन करें। कुछ महीनों में बाल काले हो जायेंगे।

9- हृदय की धड़कन में नींबू का उपयोग-
नींबू ज्ञान-तन्तुओं की उत्तेजना को शान्त करता है। इससे हृदय की अधिक धड़कन सामान्य हो जाती है। उच्च-रक्तचाप के रोगियों की रक्त-वाहिनियों को यह शक्ति देता है।

10- कमर दर्द में नींबू के फायदे –
चौथाई कप पानी में आधा चम्मच लहसुन का रस और एक नींबू का रस मिलाकर दो बार नित्य पीयें। यह पेय कमर-दर्द में लाभदायक है।

11- नींबू के फायदे जोड़ों के दर्द में –
आमवात, गठिया, जोड़ों के दर्द में-नित्य प्रातः एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर पीयें। नींबू की फाँक दर्द वाली जगहपर रगड़कर फिर स्नान करें।

12- गला बैठना में नींबू का उपयोग –
गला दर्द, गला बैठना, गले में ललाई-होनेपर एक गिलास गरम पानीमें नमक और आधा नींबू निचोड़कर सुबह-शाम गरारे करें।

13- नेत्र ज्योति वर्धक में नींबू का उपयोग –
एक गिलास पानीमें एक नींबू निचोड़कर प्रातः भूखे पेट हमेशा पीते रहें। नेत्रज्योति ठीक बनी रहेगी। इससे पेट साफ रहता है, शरीर स्वस्थ रहता है। नीरोग रहने का यह प्राथमिक उपचार है।

14- नींबू के फायदे अपच (Dyspepsia) में –
यदि भोजन नहीं पचता हो, खट्टी डकारें आती हों
(१) पपीतेपर नींबू , काली मिर्च डालकर सात दिनोंतक प्रातः खायें।
(२) भोजन के साथ मूलीपर नमक, नींबू डालकर नित्य खायें।
(३) नींबू पर काला नमक, काली मिर्च डालकर तीन बार नित्य चूसें। अपच तथा पेट के सामान्य रोग ठीक हो जायेंगे। भूख अच्छी लगेगी।
(४) खाने से पहले नींबू पर सेंधा नमक डालकर चूसें।

15- नींबू के फायदे भूख बढ़ाने में –
भोजन करने के आधा घंटा पहले एक गिलास पानीमें नींबू निचोड़कर पीने से भूख अच्छी लगती है।

16- मुँह की दुर्गन्ध दूर करने में नींबू का उपयोग –
एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर दो चम्मच गुलाबजल डालकर भोजन के बाद इस पानी से तीन कुल्ले करके बचा हुआ सारा पानी पी जायँ। मुँह से दुर्गन्ध नहीं आयेगी।

17- कड़वा स्वाद दूर करने में नींबू का उपयोग –
(१) रोगी प्रायः कहते हैं कि मुँहका स्वाद कड़वा रहता है, स्वाद खराब रहता है, जिससे खाना अच्छा नहीं लगता। नींबू की फाँक पर काली मिर्च, काला नमक डालकर तवे पर सेंक कर चूसने से मुँहमें कड़वे पन का स्वाद अच्छा हो जानेसे भोजन के प्रति रुचि बढ़ती है।

18- गैस में नींबू के उपयोग –
(१) एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच पिसी हुई अजवाइन, आधा कप गरम पानी में मिलाकर सुबह-शाम पीयें।
(२) एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर चौथाई चम्मच मीठा सोडा मिलाकर नित्य पीयें।
(३) आधा गिलास गरम पानी में आधा नींबू निचोड़कर जरा-सी पिसी हुई काली मिर्चकी फक्की सुबह-शाम लें ।
(४) सोंठ एक चम्मच, साबूत अजवाइन ५० ग्राम नींबू के रस में भिगोकर छाया में सुखायें। जब भी खाना खायें, खानेके बाद इसकी एक चम्मच चबायें।
(५) नींबू काटकर इसकी फाँकों में नमक, काली मिर्च भरकर गरम करके चूसनेसे गैसमें लाभ होगा।

19- छाले (स्टोमेटाइटिस) में नींबू के उपयोग –
(१) एक गिलास गरम पानी में आधा नींबू निचोड़कर चार बार नित्य कुल्ले करें।
(२) नित्य नींबू एवं पानी में स्वाद के लिये चीनी या नमक डालकर प्रातः भूखे पेट पीयें। रातको सोते समय एक गिलास गरम दूध में एक चम्मच घी डालकर पीयें। लम्बे समय-दो महीनेतक प्रयोग करनेसे भविष्य में छाले होने बंद हो जाते हैं।

20- हिचकी में नींबू के उपयोग –
(१) नींबू के पेड़ से हरी पत्तियाँ तोड़कर चबाकर रस चूसें। हिचकी बंद हो जाती है।
(२) तेज गरम पानी में नींबू निचोड़कर घूट-घूट पीनेसे हिचकी बंद हो जाती है।
(३) नींबू , सोंठ, काली मिर्च, अदरक-सब अल्पमात्रामें लेकर चटनी बनाकर चाटें।
(४) नींबू में नमक भरकर चार बार चूसें।
(५) काला नमक, शहद और नींबू का रस मिलाकर चाटें। इन प्रयोगों से हिचकी बंद हो जाती है।

21- अम्लता (एसिडिटी) में नींबू के उपयोग –
(१) खाना खाने के बाद एक कप पानीमें आधा नींबू , जरा-सा खानेका सोडा मिलाकर प्रतिदिन दो बार पीयें।
(२) दोपहर में भोजनसे आधा घंटा पहले नींबू की मीठी शिकंजी दो महीनेतक पीयें। खानेके बाद न पीयें।

22- नींबू के फायदे खट्टी डकारें में –
यदि खट्टी डकारें आती हों तो गरम पानीमें नींबू निचोड़कर पीयें।

23- पेट दर्द में नींबू के उपयोग –
(१) पचास ग्राम पोदीनेकी चटनी पतले कपड़े में डालकर निचोड़कर, रस निकालकर इसमें आधा नींबू निचोड़ें। दो चम्मच शहद और चार चम्मच पानी मिलाकर पीनेसे पेटका तेज दर्द शीघ्र बंद हो जाता है।
(२) आधा कप पानी, दस पिसी हुई काली | मिर्च, एक चम्मच अदरकका रस, आधे नींबू का रस
सब मिलाकर पीनेसे पेट-दर्द ठीक हो जाता है। स्वादके लिये चीनी या शहद चाहें तो मिला लें।
(३) एक नींबू , काला नमक, काली मिर्च, चौथाई चम्मच सोंठ, आधा गिलास पानीमें मिलाकर पीनेसे पेट-दर्द ठीक हो जाता है।
(४) अजवाइन, सेंधा नमकको नींबू के रसमें | भिगोकर सुखा लें। पेट-दर्दमें एक चम्मच चबाकर | पानी पीयें। इस प्रकार हर एक घंटेमें जबतक दर्द रहे, लें। पेटपर सेंक करें।
(५) कीड़ों के कारण पेट-दर्द हो, पेटमें कीड़े हों | तो सात दिन दो बार नित्य नींबू की एक फाँकमें पिसा | हुआ जीरा, काली मिर्च, काला नमक भरकर चूसें।
(६) मूली पर नमक, नींबू , काली मिर्च डालकर खानेसे अपचका पेट-दर्द ठीक हो जाता है।
(७) किसी उत्सव आदिमें अधिक खाना खानेसे अपच, गैससे पेट-दर्द हो तो एक कप तेज गरम पानीमें भुना हुआ जीरा, पिसी हुई अजवाइन, नींबू और चीनी | सब स्वादके अनुसार मिलाकर चार बार नित्य पीयें।
(८) आधा कप मूलीके रस में आधा नींबू निचोड़कर नित्य दो बार पीनेसे खाना खानेके बाद होनेवाला पेट-दर्द ठीक हो जाता है।
( ९ ) चीनी, जीरा, नमक, काली मिर्च, एक कप गरम पानी नींबू मिलाकर तीन बार नित्य पीयें।
(१०) बार-बार नींबू का पानी पीते रहने से पेटदर्द, वायु-गोलेका दर्द ठीक हो जाता है।

24- नींबू के फायदे यकृत में –
नींबू , पानी एवं दस काली मिर्च मिलाकर नित्य पीते रहें। यकृत्-सम्बन्धी रोग ठीक हो जायँगे।

25- कब्ज में नींबू के उपयोग –
(१) गरम पानी और नींबू प्रातः भूखे पेट पीयें। एक गिलास हलके गरम पानीमें एक नींबू निचोडकर एनिमा लगायें। पेट साफ हो जायगा। कृमि भी निकल जायँगे।
(२) एक गिलास गरम पानीमें एक नींबू , दो चम्मच एरण्डीका तेल (कैस्टर ऑयल) मिलाकर रातको पीयें।
(३) एक चम्मच मोटी सौंफ तथा पाँच काली मिर्च चबायें, फिर एक गिलास गरम पानी, एक नींबू और काला नमक मिलाकर रातको नित्य पीयें।
(४) प्रातः भूखे पेट अमरूदपर नमक, काली मिर्च, नींबू डालकर प्रतिदिन खायें।
(५) प्रातः भूखे पेट नींबू -पानी तथा रातको सोते समय नींबू की शिकंजी पीनेसे क़ब्ज़ दूर होता है। लम्बे समयतक पीते रहें। पुराना क़ब्ज़ भी दूर हो जायगा।

26- उलटी में नींबू के उपयोग –
(१) आधा कप पानी में पंद्रह बूंद नींबू का रस, भुना एवं पिसा हुआ जीरा, पिसी हुई एक छोटी इलायची मिलाकर हर आधे घंटे में पीयें। उलटी होनी बंद हो जायगी।
(२) नींबू के छिलके सुखाकर, जलाकर राख बना लें। चौथाई चम्मच राख, आधा चम्मच शहदमें मिलाकर चाटनेसे उलटी बंद हो जाती है।
(३) दो छोटी इलायची पीसकर नींबू की फाँकमें भरकर चूसनेसे उलटी बंद हो जाती है।
(४) चौथाई कप पानीमें आधा नींबू निचोड़कर मिला लें। इसकी एक चम्मच हर पंद्रह मिनटमें पीयें। उलटी बंद हो जायगी।
(५) सेंधा नमक और हरे धनिये पर आधा नींबू निचोड़कर चटनी बना लें। जबतक उलटी हो, बारबार आधा चम्मच चाटते रहें।
(६) नींबू की एक फाँक में मिस्री भरकर चूसें।
(७) जी मिचलाते ही, उलटीकी इच्छा होते ही। नींबू की फाँकमें काला नमक, काली मिर्च भरकर चूसें। उलटी नहीं होगी।
(८) यात्रामें उलटी हो तो नींबू चूसते रहें।
(९) शिशु दूध पीनेके बाद उलटी करते हों तो दूध पिलानेके कुछ देर बाद तीन बूंद नींबू का रस एक चम्मच पानीमें मिलाकर पिलायें।

27- गर्भावस्थाकी उलटी (मॉरनिंग सिकनेश) में नींबू के उपयोग –
(१) १०० ग्राम कच्चा जीरा, तीस ग्राम सेंधा नमक पीसकर नींबू के रस में तर कर लें, ये रस में डूबे रहें। इनको ऐसे ही रहने दें। प्रतिदिन एक बार स्टीलकी चम्मचसे हिला दें। सूख जानेपर आधा चम्मच प्रतिदिन तीन बार चबायें। गर्भावस्था में होनेवाली उलटियाँ बंद हो जायँगी।
(२) ठंडे पानी में नींबू निचोड़कर पीने से गर्भावस्थाकी उलटीमें लाभ होता है।

28- नींबू के फायदे नाभि टलना में –
नींबू काटकर बीज निकाल दें। इसमें भुना हुआ सुहागा (यह पंसारीके यहाँ मिलता है) एक चम्मच भरकर हलका-सा गरम करके चूसें, टली हुई नाभि अपने स्थानपर आ जायगी।

29- नींबू के फायदे दस्त में –
(१) एक कप ठंडे पानी में चौथाई नींबू निचोड़कर स्वादके अनुसार नमक, चीनी मिलाकर दोदो घंटेमें पीनेसे दस्त बंद हो जाते हैं।
(२) दस्त थोड़ा-थोड़ा, बार-बार हो तो एक चम्मच प्याजको रस, आधा नींबू का रस चौथाई कप ठंडे पानीमें मिलाकर हर तीन घंटेमें पिलायें।

30- नींबू के फायदे एमोबायसिस (आमातिसार) में –
में-नित्य दिनमें तीन बार नींबू का पानी पीनेसे लाभ होता है। लगातार लेते रहनेसे आँतें साफ होकर आँव आना बंद हो जाता है।

31- नींबू के फायदे हैजा में –
नींबू हैजे से भी बचाता है। जब हैजा फैल रहा हो, किसीको हैजा हो गया हो तो सम्पर्कमें आनेवाले लोग नींबू का अधिकाधिक सेवन करें। नींबू चूसें, नींबू का अचार खायें। भोजन के बाद नींबू का पानी पीयें। हैजासे बचाव होगा। हैजेके कीटाणु खट्टी चीजोंके सेवनसे नष्ट हो जाते हैं। हैजा होनेपर चार चम्मच गुलाबजल, थोड़ा-सा नींबू और मिस्री मिलाकर हर दो घंटेमें पिलायें। हैजे में लाभ होगा।

(दवा व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार सेवन करें)

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