प्राणदा गुटिका के फायदे, खुराक, घटक द्रव्य और दुष्प्रभाव | Pranda Gutika Ke Fayde

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प्राणदा गुटिका के फायदे, खुराक, घटक द्रव्य और दुष्प्रभाव | Pranda Gutika Ke Fayde

प्राणदा गुटिका क्या है ? : Pranda Gutika in Hindi

प्राणदा गुटिका एक आयुर्वेदिक गोली है, जिसका उपयोग बवासीर, आंतरायिक बुखार और श्वसन स्थितियों के आयुर्वेदिक उपचार में किया जाता है। औषधीय वनस्पतियों को चीनी या गुड़ बेस के साथ मिलाकर इसे बनाया जाता है।

प्राणदा गुटिका के घटक द्रव्य : Pranda Gutika Ingredients

✦सोंठ १२ तोला
✦काली मिर्च १६ तोला
✦पीपल ८ तोला
✦चव्य ४ तोला
✦तालीसपत्र ४ तोला
✦नागकेशर २ तोला
✦पीपलामूल ८ तोला
✦तेजपात ६ माशा
✦छोटी इलायची १ तोला
✦दालचीनी ६ माशा
✦खस ६ माशा
✦गुड़ १२० तोला

गुड़ लेकर गुड़ की चाशनी में अन्य समस्त औषधियों को कूटकपड़छन किया हुआ चूर्ण मिला, ४-४ रत्ती की गोलियाँ बना, छाया में सुखा कर रख लें।

उपलब्धता : यह योग इसी नाम से बना बनाया आयुर्वेदिक औषधि विक्रेता के यहां मिलता है।

मात्रा और अनुपान :

२-४ गोली, दिन में दो बार दूध या ठण्डे जल के साथ दें।

प्राणदा गुटिका के फायदे और उपयोग : Pranda Gutika Benefits in Hindi

1- यह खुनी, बादी और प्राकृतिक दोष से उत्पन्न बवासीर के लिए सर्वोत्तम दवा है।

2- इसके नियमित सेवन से बवासीर में, खून गिरना बन्द हो जाता है और बवासीर के मस्से सूखने लगते हैं।

( और पढ़ेखूनी बवासीर का रामबाण इलाज)

3- पाण्डू, कृमि, पेट-दर्द, गुल्म, श्वास, खाँसी आदि रोगों में इस औषध से अच्छा लाभ होता है।

4- यह बटी मूत्रकृच्छु, श्वासरोग, गलग्रह, विषमज्वर, मन्दाग्नि, पाण्डु, कृमि, हृद्रोग, गुल्म, श्वास और खाँसी से पीड़ित रोगियों के लिए भी समान गुणकारी है।

5- यह पाचन शक्ति में सुधार करता है और कब्ज को दूर करता है।

( और पढ़ेपाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय योग और दवा )

6- प्राणदा गुटिका कफ को कम करता है ।

7- प्राणदा गुटिका सेवन से हृदय रोग में लाभ होता है ।

( और पढ़ेह्रदय रोग के लक्षण कारण बचाव उपचार और सावधानी)

8- इसके सेवन से पेशाब में दर्द,बुखार व पेट में कृमि जैसी परेशानी दूर होती है ।

9- प्राणदा गुटिका खून की कमी को दूर करने में भी सहायता प्रदान करता है।

नोट – यदि अर्श के साथ मलावरोध भी हो, तो इस योग में सोंठ के स्थान पर हरड डालनी चाहिए और यदि पित्तार्श में सेवन कराना हो, तो गुड़ के स्थान में समस्त चूर्ण से चौगुनी शक्कर डालनी चाहिए। गोलियाँ गुड़ या शक्कर की चाशनी बना, उसमें अन्य औषधियों का चूर्ण-मिला कर बनानी चाहिए। मूल ग्रन्थ में आधा-आधा तोला की गोलियाँ बनाने को लिखा है, किन्तु इतनी बड़ी गोली खाने में दिक्कत होती है और आजकल के रोगों के लिए यह मात्रा भी अधिक है, अतः ४-४ रती की गोलियाँ बना, २ से ६ गोली तक सेवन करना अच्छा है।

प्राणदा गुटिका के नुकसान : Pranda Gutika Side Effects in Hindi

1– इसमें घटक के रूप में गुड़ या चीनी शामिल है, इसलिए मधुमेह वाले रोगियों को सावधानी के साथ इस दवा का सेवन करना चाहिए।
2- उच्च खुराक लेनेपर में यह पेट में सूजन (गेस्ट्राइटिस) जैसे रोगों को बढ़ा सकता है।
3- इसे बच्चों की पहुंच और दृष्टि से दूर रखें।
4– इसे ठंडी व सूखी जगह पर रखें।
5– प्राणदा गुटिका लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें ।

2019-01-17T11:46:08+00:00By |Ayurveda|0 Comments

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