षडबिंदु तेल के फायदे ,गुण ,उपयोग और नुकसान | Shadbindu Tel ke Fayde aur Nuksan

Last Updated on August 18, 2019 by admin

षडबिंदु तेल : Shadbindu Tel in Hindi

नस्य के रूप में प्रयोग किये जाने वाले एक गुणकारी आयुर्वेदिक योग ‘षडबिन्दु तेल’ का परिचय प्रस्तुत किया जा रहा है जिस का उपयोग कुछ व्याधियों को नष्ट कर शरीर व स्वास्थ्य की रक्षा करने में बहुत गुणकारी सिद्ध होता है।

षडबिंदु तेल के घटक द्रव्य :

अरण्डी की जड़,
• तगर
• सोया
• जीवन्ती (डोडी)
• रास्ना
सेन्धा नमक
• भांगरा
• बायबिडंग
मुलहठी और
सोंठ
उपर के सब द्रव्य समान मात्रा में।

•भांगरे का रस, काले तिल का तेल और इसके बराबर वज़न में बकरी का दूध ।

षडबिंदु तेल की निर्माण विधि :

सब द्रव्यों को भांगरे के रस में पीस कर कल्क (लुगदी) बना लें। इस कल्क के वज़न से चार गुना काले तिल का तेल, इतनी ही मात्रा में बकरी का दूध और तेल से चार गुनी मात्रा में भांगरे का रस- इन सबको मिला कर यथा विधि तेल को सिद्ध करें यानी तब तक उबालें जब तक सिर्फ तेल ही बचे। तेल सिद्ध करके उतार लें और ठण्डा होने पर छान कर बोतलों में भर लें।

उपलब्धता :

यह योग इसी नाम से बना बनाया आयुर्वेदिक औषधि विक्रेता के यहां मिलता है।

मात्रा और प्रयोग विधि :

इस तेल का उपयोग नाक में 2-2 बूंद टपका कर नस्य के रूप में किया जाता है। इसकी प्रयोग विधि इस प्रकार है- पलंग पर चित्त लेट कर गर्दन पलंग से बाहर की तरफ़ रख कर लटका दें ताकि नाक सीधी छत की तरफ़ हो जाए। अब ड्रॉपर में षडबिन्दु तेल भर कर नाक के एक नासापुट में 2-3 बूंद कोई भी व्यक्ति टपका दे। जैसे ही तेल की बूंद नाक में गिरे वैसे ही दूसरी तरफ़ का नासापुट अंगुलियों से दबा कर, 2-3 बार, ज़ोर से सांस खींचें ताकि तेल कण्ठ में न जा कर ऊपर की तरफ़ निकल जाए। इसी प्रकार दूसरी तरफ़ के नासापुट में 2-3 बूंद टपका कर दूसरे नासापुट को दबा कर, 2-3 बार, ज़ोर से सांस खीचें। इसके बाद 2-3 मिनिट तक इसी स्थिति में लेटे रहें फिर उठ जाएं। यह प्रयोग रात को सोते समय करें।

षडबिंदु तेल के फायदे / लाभ :

1- षडबिन्दु तेल से नस्य लेने के कई फ़ायदे हैं। इससे सिर व मस्तिष्क में तरावट होती है, खुश्की व गर्मी दूर होती है।

2- षडबिन्दु तेल से सिर में भारीपन, सिरदर्द, बाल झड़ना व सफ़ेद होना, सर्दी जुकाम, नाक के अन्दर सूजन होना आदि शिकायतें दूर होती हैं

3- षडबिन्दु तेल से शिरोरोग नष्ट होते हैं ।

यह तेल बिना किसी रोग के, स्वस्थ अवस्था में भी, सप्ताह में या मास में एक बार दोनों तरफ़ के नासापुटों (नथुनों) में टपकाते रहने से ये शिकायतें पैदा ही नहीं होतीं। यह तेल इसी नाम से बना-बनाया बाज़ार में मिलता है।

षडबिंदु तेल के नुकसान :

1- षडबिंदु तेल को डॉक्टर की सलाह अनुसार ,सटीक खुराक के रूप में समय की सीमित अवधि के लिए लें।
2- षडबिंदु तेल लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें

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