अमरुक शतक – Amaruk Shatak
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
शीर्षक-पन्ने पर इस पुस्तक का नाम अमरुक-शतक छपा है। अनुवादक डॉ० किशोरीलाल गुप्त हैं। प्रकाशक जय भारती प्रकाशन, लालजी मार्केट, माया प्रेस रोड, मुड़रीगंज, इलाहाबाद है और यह उत्तर प्रदेश संस्कृत अकादमी, लखनऊ के अनुदान से छपी है। यह प्रथम संस्करण १९६४ का है; मुद्रक एकेडमी प्रेस, दारागंज, इलाहाबाद है। पन्नों पर मूल्य नहीं छपा।
अनुक्रम के अनुसार पुस्तक दो हिस्सों में बँटी है। पहला हिस्सा लम्बी भूमिका है, जिसमें यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या शंकराचार्य हिन्दी के कवि थे और अमरुक-शतक के रचयिता थे। इसके बाद अमरुक का समय, स्थान, जाति, शतक के विभिन्न संस्करण, उसके छन्द और काव्यगत विशेषताएँ समझाई गई हैं। इसी भूमिका में अमरुक-शतक का हिन्दी की रीतिकालीन काव्यधारा से सम्बन्ध दिखाया गया है।
दूसरा हिस्सा हिन्दी अमरुक-शतक है, जिसमें सौ श्लोकों का खड़ी बोली गद्य में अर्थ और ब्रजभाषा कवित्त-सवैया में पद्यानुवाद दिया गया है। परिशिष्ट में अमरुक-शतक के अतिरिक्त तेरह श्लोक जोड़े गए हैं और अंत में श्लोकानुक्रमणिका है, जिससे कोई भी श्लोक सरलता से मिल जाता है। यह पुस्तक संस्कृत के शृंगारी काव्य, हिन्दी के रीतिकाल और अनुवाद-कला तीनों में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है। भूमिका शोधपूर्ण है, इसलिए पहले उसे पढ़ना ठीक रहता है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- इस विषय की उपयोगी तथा ज्ञानवर्धक सामग्री
- सरल हिंदी भाषा में लिखा गया पाठ
- साधक तथा सामान्य पाठक — दोनों के लिए उपयोगी
- मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ने योग्य PDF
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी बालमनोरमा सहित, द्वितीय भाग – Vaiyakaran Siddhanta Kaumudi with Bala Manorama Part II
तर्कसंग्रह – Tarka Sangraha
नीतिशतकम् – Neeti Shataka
परिभाषेन्दुशेखर (सुबोधिनी हिन्दी व्याख्या) – Paribhashendu Shekhar
प्रौढ़मनोरमा (बृहत् व लघु शब्दरत्न सहित, भाग 2) – Praudha Manorama with Shabda Ratna