भगवान कृष्ण और उनका गीता उपदेश – Bhagwan Krishna Aur Unka Gita Updesh
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यह पुस्तक भगवान कृष्ण और उनका गीता उपदेश नाम से प्रकाशित हुई है, जिसके लेखक स्वामी जगदीश्वरानन्द सरस्वती हैं। प्रकाशक विजयकुमार गोविन्दराम हासानलन्द हैं, जिनका पता 4408, नई सड़क, दिल्ली-110006 है और वेबसाइट www.vedicbooks.com बताया गया है। पृष्ठों पर यह भी छपा है कि उनके प्रकाशन वैदिक-ज्ञान-प्रकाश के गरिमापूर्ण बयासी वें वर्ष के अवसर पर प्रस्तुत किया गया है, जिसमें 1925 से 2017 का काल दर्शाया गया है। संस्करण 2017 का है और मूल्य पृष्ठ पर इक्कीस रुपये अंकित है। मुद्रक सागरश्री प्रिंटर्स, दिल्ली है। यह पुस्तक अंग्रेज़ी भाषा में भी छपी है।
पुस्तक के आरम्भ में दो शब्द और प्रस्तावना के बाद भूमिका आती है, जिसमें बताया गया है कि श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश केवल कर्मकाण्ड में सीमित नहीं हैं और उनमें भक्ति-मार्ग तथा ज्ञान-मार्ग दोनों का समन्वय है। पृष्ठों पर विद्वानों की ओर से किए गए टिप्पणियों के हस्ताक्षर भी दिखते हैं। इसके बाद गोपाल-विधि पर प्रकरण आता है, जिसमें गीता के विभिन्न श्लोकों की व्याख्या दी गई है और बताया गया है कि साधक किस प्रकार श्रीकृष्ण की लीला में भावनापूर्वक रम सकता है। अन्त में भक्ति-मार्ग पर एक स्वतंत्र प्रकरण है, जिसमें भक्ति के भेद, साधना की शर्तें और उसके फल की चर्चा की गई है।
गीता को समझाने वाली हिन्दी पुस्तकों में यह किताब उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो गीता के मूल श्लोक पढ़ चुके हैं और अब उनका व्यावहारिक अर्थ समझना चाहते हैं। जीवन के कठिन निर्णयों के समय गीता का उपदेश जीवन-दर्शन का आधार बन सकता है, और इस पुस्तक की व्याख्या पाठक को उस दिशा में सहायता देती है। गीता-उपदेश केवल धार्मिक विषय नहीं है — यह जीवन को व्यवस्थित करने का बहसेक दृष्टिकोण भी देता है, इसलिए सामान्य पाठक के लिए भी समझने योग्य है। यह ग्रन्थ सनातन धर्म के भक्ति-मार्ग का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे उपासना और अध्ययन दोनों के उद्देश्य से पढ़ा जा सकता है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
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- मूल ग्रंथ का परिचय तथा महत्व
- श्लोकों का सरल हिंदी अनुवाद व अर्थ
- मुख्य पात्रों तथा प्रसंगों का वर्णन
- जीवन में अपनाने योग्य शिक्षाएँ
पुस्तक की मुख्य बातें
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