बृहन्नारदीय पुराण (भाग 2) – Brihannaradiya Purana
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
शीर्षक-पृष्ठ पर ग्रन्थ का नाम बृहन्नारदीयपुराणम् अंकित है और साथ में यह लिखा है कि यह मूल तथा भाष्यावृत्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है। भाष्यावृत्ति के व्याख्याकार एम० एम० अध्यक्षवाल हैं, जिन्हें श्री नाथ कन्हैयालाल का अन्य नाम बताया गया है। प्रकाशन चौखम्बा कृष्णदास अकादमी, वाराणसी से हुआ है और यह कृष्णदास संस्कृत सीरीज का अंक माना गया है। संस्करण वर्ष २००३ और २००१६ दोनों अंकित हैं।
पुस्तक के आरंभ में भाष्यावृत्ति की विस्तृत अनुक्रमणिका दी गई है, जिसमें एकलौती महादेव से लेकर प्रेम का उपदेश तक अनेक अध्ययों का निर्देश मिलता है। इसके बाद मूल ग्रन्थ का आरंभ श्रीनन्दीपुराणम् उत्तरार्द्धम् के रूप में हुआ है, जिसका प्रथम अध्याय एकादशी माहात्म्य पर है और उसमें नन्दी सहस्रनामावली का पाठ मिलता है। आगे शृंगार रस, प्रेम और भक्ति-सन्दर्भी अध्ययों का वर्णन मिलता है।
बृहन्नारदीय पुराण भारतीय धार्मिक साहित्य का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है, जिसमें शैव सम्प्रदाय के साथ-साथ अनेक लोक-परंपराओं और भक्ति-भावनाओं का भी संकलन है। संस्कृत जानकारी रखने वाले पाठक इसकी टीका से ग्रन्थ को समझ सकते हैं, जबकि हिन्दी-अनुवाद के कारण सामान्य पाठक भी अधिकांश पाठ पढ़ सकता है। धार्मिक उद्देश्यों से पढ़ने वालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि पुराणों में रहस्यात्मक और प्रतीकात्मक पाठ भी बहुत मिलते हैं।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- मूल ग्रंथ का परिचय तथा महत्व
- श्लोकों का सरल हिंदी अनुवाद व अर्थ
- मुख्य पात्रों तथा प्रसंगों का वर्णन
- जीवन में अपनाने योग्य शिक्षाएँ
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
उपनयन विधि – Upanayan Vidhi
सूर्यसहस्रनामावली – Surya Sahasra Namavali
श्री महिम्न स्तोत्रम् (कश्मीरी) – Shri Mahimna Stotram
अमृत वाणी (भाग 1) – Amrit Vani
यजुर्वेद संहिता (आर्य समाज परोपकारिणी सभा) – Yajurveda Samhita
श्री महानारायण सहस्रनामावली स्तुति – Shri Maha Narayan Sahasra Namavali
ज्ञान रेह (कश्मीरी) – Gyan Reh Kashmiri
गणेश दुर्गा स्तोत्रावली (1935, श्रीनगर) – Ganesh Durga Stotravali