दयानंद दर्शन – Dayanand Darshan
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
दयानंद दर्शन आर्य समाज संबंधी पुस्तिका है। शीर्षक-पृष्ठ पर शीर्षक "दयानंद दर्शन" और ठीक नीचे "एक अंक-विशेषांक" अंकित है। प्रकाशक का नाम "दाँ० वेद प्रकाशन गृह" दिया गया है और उसके दो कार्यालयों के पते दर्ज हैं — साहित्य-संस्थान, नवीन शाहदरा, दिल्ली और साहित्य-सदन, नजीबाबाद। पृष्ठ पर संपादक का नाम मुख्य बलराम, मेरठ अंकित है। पुस्तक लगभग दो सौ अट्ठासी पृष्ठ की है।
पुस्तक की भूमिका में बताया गया है कि आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती जी के पुत्र श्री स्वामी दयानंद जी ने आर्य समाज के मूल सिद्धान्तों का प्रचार करने के लिए यह पुस्तक लिखवाई है। भूमिका के अंत में हस्ताक्षर "वेद व्यास" के नाम से, "सिद्ध पुरोहित श्रद्धालु, देहरादू" के रूप में दिए गए हैं। आगे "प्रश्नांश" नामक खंड में प्रश्न-उत्तर शैली में बातें की गई हैं, जिनमें आर्य समाज की स्थिति, प्रबंधक-चुनाव और समाज-सुधार जैसे विषय शामिल हैं। उस खंड के हस्ताक्षर डॉ० विद्यानुशासन भारद्वाज, पुणे के हैं।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो आर्य समाज के इतिहास और विचार-परंपरा को जानना चाहते हैं। प्रश्नोत्तर शैली में होने के कारण सामान्य पाठक भी इसे आसानी से समझ सकता है। दयानंद सरस्वती के विचारों का सीधा संबंध होने से आर्य साहित्य के अध्ययन में यह केंद्रीय पुस्तक मानी जाती है। पुरानी छपाई और सरल हिन्दी होने के कारण आज के पाठक भी बिना कठिनाई के पढ़ सकते हैं। आर्य समाज के इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए इसका दस्तावेज़ी महत्व भी है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- आत्मा तथा ब्रह्म का स्वरूप
- जगत् की उत्पत्ति, माया तथा अद्वैत
- साधना, ध्यान तथा आत्मज्ञान के सोपान
- उपनिषद् तथा गीता का सार
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
लल्लु प्रकाश (स्व. पं. प्रेमनाथ शास्त्री) – Lalla Prakash
ब्रह्मसूत्र वेदांत दर्शन (नंदलाल दशोरा) – Brahma Sutra Vedanta Darshan
संस्कृत गीत कंदलिका (आचार्य लाल मणि पाण्डेय) – Sanskrit Geet Kandalika
प्रयाग की पांडित्य परंपरा (डॉ. उर्मिला श्रीवास्तव) – Prayag Ki Panditya Parampara
औदुंबरी – Audumbari
वेदांतसार (सदानंद, डॉ. राकेश शास्त्री) – Vedantasara
वैदिक साहित्य का इतिहास – Vaidik Sahitya Ka Itihas
शुक्ल यजुर्वेद प्रतिशाख्य — एक परिशीलन – Shukla Yajurveda Pratishakhya