ज्ञान गंगा (गीता अध्याय 15 कथा-भाष्य) — श्री सुदर्शन सिंह ‘चक्र’ जी
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ज्ञान गंगा (गीता अध्याय 15 कथा-भाष्य) — श्री सुदर्शन सिंह ‘चक्र’ जी

श्रेणी: PDF Booksश्रेणी: Vedantaसाइज़: 100.7 mbडाउनलोड: 4,386व्यू: 9,716

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इस किताब के बारे में

ज्ञान-गंगा भगवद्गीता के पंचदशवें अध्याय की कहानी-भाष्य पर आधारित पुस्तक है। शीर्षक-पृष्ठ पर शीर्षक ज्ञान-गंगा बड़े अक्षरों में अंकित है और उसके नीचे कोष्ठक में [गीताके पञ्चदहवें अध्यायका कहानी भाष्य] लिखा है। लेखक श्री सुदर्शन सिंह चक्र हैं। प्रकाशक श्रीकृष्ण जनस्वस्थान सेवा संस्थान, मथुरा है। प्रथम संस्करण २००० का दर्ज है और मूल्य एक सौ रुपये से आगे बताया गया है। पृष्ठभूमि में संस्थापक और मुद्रण-विवरण भी दिया गया है। पुस्तक लगभग दो सौ इक्यासी पृष्ठ की है।

पुस्तक में बाईस प्रकरण हैं, जिनमें वैद्यरत्न(?), विश्व-वर, साधन और साध्य, अमृत, प्रकाश-धाम, परमात्मा का अंश, आवागमन, उपयोगी, ज्ञाननीति, परम प्रकाशक, द्वारक और पालक, स्थिति-विस्थिति, वैद्यवरत, अन्त्य पुरुष, पूर्वोत्तम, सर्वभावी भजन और बुद्धिमान-कृतकार्य जैसे शीर्षक दिए गए हैं। पाठ में गीता के श्लोकों की व्याख्या कहानी के रूप में की गई है, जिससे कठिन दार्शनिक बातें भी सरल लगती हैं। शीर्षक-पृष्ठ पर यह भी घोषित किया गया है कि पुस्तक को अनुदित करने या पुनः प्रकाशित करने का अधिकार सबका है।

यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो भगवद्गीता को सीधे पढ़ना शुरू करना चाहते हैं। गीता के एक ही अध्याय को इतनी विस्तार से समझाना दुर्लभ बात है। कहानी-शैली में होने के कारण गूढ़ शास्त्रार्थ पढ़ने में कठिनाई नहीं होती। मथुरा से प्रकाशित होने वाली युग निर्माण-श्रृंखला की पुस्तकों की तरह इसकी छपाई और शैली विश्वसनीय है। आध्यात्मिक साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए यह पुस्तक गीता-अध्ययन का अच्छा आरंभ है।

यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।

कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।

📖 पुस्तक के अंदर क्या है —
  • आत्मा तथा ब्रह्म का स्वरूप
  • जगत् की उत्पत्ति, माया तथा अद्वैत
  • साधना, ध्यान तथा आत्मज्ञान के सोपान
  • उपनिषद् तथा गीता का सार

पुस्तक की मुख्य बातें

📕पूरी पुस्तक, एक ही PDF मेंपूरा ग्रंथ, बिना टूटे
🕉️सरल हिंदी भाषाआसान शब्दों में सामग्री
📚PDF Books विषय की पुस्तकसंबंधित जानकारी एक जगह
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