प्रमेयकमलमार्तण्ड परिशीलन – Prameya Kamal Martand Parishilan
इस किताब के बारे में
“प्रमेयकमलमार्तण्ड परिशीलन” — प्रो. उदयचन्द्र जैन जी कृत। यह जैन न्याय/प्रमाणशास्त्र के प्रसिद्ध ग्रंथ “प्रमेयकमलमार्तण्ड” का विद्वत्तापूर्ण परिशीलन (गहन अध्ययन) है। Jain दर्शन एवं प्रमाण-मीमांसा में रुचि रखने वाले शोधार्थियों के लिए उपयोगी।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- आत्मा तथा ब्रह्म का स्वरूप
- जगत् की उत्पत्ति, माया तथा अद्वैत
- साधना, ध्यान तथा आत्मज्ञान के सोपान
- उपनिषद् तथा गीता का सार
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
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