शबर मंत्र सागर (भाग 2) – Shabar Mantra Sagar
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
शाबरमन्त्रसागर नामक पुस्तक के संस्करणकर्ता एस. एन. खण्डेलवाल हैं, जिनका "निवंदन" पुस्तक के अंत में रामनगर, काशीपल्ली से दिया गया है। उपशीर्षक है "गोपनीय एवं अद्भुत शब्द मन्त्रों का दुर्लभ संग्रह"। प्रकाशक चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन, के-37/117, गोपाल मंदिर लेन, वाराणसी-221001 है, और विक्रेता के रूप में चौखम्बा पब्लिशिंग हाउस, 4697/2, 21-ए, अंसारी रोड, दरियागंज, नई दिल्ली-110002 लिखा है। आवरण नीले रंग का है, जिसमें सुनहरे अक्षरों में शीर्षक लिखा है और बीच में कंटिका-माला से सजे भयंकर देवता का चित्र है, पीछे पर्वत, चन्द्रमा और धुआँ दिखते हैं। पुस्तक लगभग छह सौ तैंतालीस पृष्ठों की है।
पुस्तक में अनेक साधना-मन्त्रों का संग्रह दिया गया है, जिन्हें पारम्परिक रूप से "गोपनीय" कहा गया है और जिनका प्रयोग केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही किया जाता है। अंत में "विषयानुक्रम" दिया गया है, जिसमें कुशल साधना, दर्पण, दशमल साधना, हनुमन्त मन्त्र, मंगल-मन्त्र, शुक्र-मूर्ति-विधान जैसे विषय पृष्ठ-अंकों के साथ सूचीबद्ध हैं, यानी हर मन्त्र का अलग प्रकरण पृष्ठ-संख्या से खोजा जा सकता है। पृष्ठों पर "नियमावली-प्रथम (द्वितीय दीक्षा महोत्सव)" और "तत्त्वशास्त्र-चतुर्थ (चिकित्सा दीक्षा महोत्सव)" जैसे अध्याय हैं, जिनमें दीक्षा और आचार से जुड़ी शर्तें सूचीबद्ध हैं।
मन्त्र-शास्त्र का ज्ञान सूक्ष्म और पारम्परिक विषय है, इसलिए इस पुस्तक को केवल पढ़ने और अध्ययन की सामग्री के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी भी मन्त्र का जाप, यज्ञ या साधना का अभ्यास स्वयं न करें और न ही किसी के कहने पर शुरू करें — ऐसा कोई भी अभ्यास केवल योग्य और अनुभवी गुरु की देखरेख में ही होना चाहिए, और उसमें भी पूरी सावधानी रखी जानी चाहिए। पुस्तक में दिए गए मन्त्रों का जाप बिना योग्य मार्गदर्शन के न करें, और किसी मानसिक या शारीरिक कष्ट के लिए केवल इस पुस्तक के आधार पर कोई निर्णय न लें।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- मंत्रों का अर्थ, उच्चारण तथा जाप-विधि
- साधना-क्रम, संख्या तथा नियम
- यंत्र, ताबीज तथा उनके प्रयोग
- फल, सावधानियाँ तथा सामान्य प्रश्न
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
रुद्राक्ष-भस्म और त्रिपुण्ड्र विज्ञान – Rudraksha Bhasma Aur Tripundra Vigyan
मंत्र यन्त्र (हस्तलिखित पांडुलिपि) – Mantra Yantra Manuscript
महामृत्युंजय प्राण प्रतिष्ठा एवं शिव पूजा जप विधि – Mahamrityunjay Pran Pratishtha
महामृत्युंजय मंत्र जप विधि, स्तोत्र एवं कवच – Mahamrityunjay Mantra Jap Vidhi
आगम और तंत्र – Aagam Aur Tantra
तंत्रराज तंत्र – Tantra Raja Tantra
श्री विद्या नित्यार्चन सपर्या पद्धति – Sri Vidya Nityarchan Paddhati
गायत्री महाविज्ञान – Gayatri Mahavigyan