श्रीराम चरित द्वितीय खण्ड – Shri Ram Charit
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शीर्षक-पृष्ठ पर पुस्तक का नाम श्रीराम-चरित और द्वितीय खण्ड अंकित है तथा लेखक का नाम सुदर्शनसिंह चक्र दिया गया है। लेखक का पता मथुरा-२८१००१ बताया गया है। प्रथमावृत्ति सन् १९७७ ई० में निकली है और उसका संस्करण ५००० तथा मूल्य २५ रुपये अंकित है। मुद्रण हरजीवन प्रेस, जयपुर से हुआ है। पुस्तक के आरंभ में मुखबंद सिंह चक्र जी को समर्पित श्रद्धांजलि और एक समर्पण-पत्र भी दिया गया है।
पुस्तक श्रीराम के चरित्र पर आधारित है और द्वितीय खण्ड के रूप में प्रकाशित हुई है, इसलिए इसमें पहले खण्ड की कथा का क्रम आगे बढ़ता है। आरंभ के समर्पण-पत्र में लेखक ने स्पष्ट किया है कि वह यह पुस्तक अपने इसेलियों की प्रार्थना के साथ समर्पित कर रहे हैं, और यह भी उल्लेख किया गया है कि समर्पण-पत्र में कोई वाणिज्यिक मूल्य नहीं है। भाषा सरल हिन्दी है और पाठ को भावपूर्ण बनाने के लिए कविता-पंक्तियों का भी प्रयोग किया गया है।
मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्था से प्रकाशित लेखक सुदर्शनसिंह चक्र की रामचरित रचना भक्ति और इतिहास दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। हिन्दी में सरल शैली में लिखी गई यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो रामकथा को सरल हिन्दी में पढ़ना चाहते हैं। धार्मिक मान्यताओं से जुड़े अंशों को अपनाने से पहले उन्हें स्वयं समझ लेना उचित है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
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- इस विषय की उपयोगी तथा ज्ञानवर्धक सामग्री
- सरल हिंदी भाषा में लिखा गया पाठ
- साधक तथा सामान्य पाठक — दोनों के लिए उपयोगी
- मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ने योग्य PDF
पुस्तक की मुख्य बातें
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