श्रीमद् वाल्मीकि रामायण – Valmiki Ramayan
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक श्रीमद् वाल्मीकि-रामायण के सुन्दरकाण्ड के छठे भाग के रूप में प्रकाशित हुई है, जिसमें हिन्दीभाषानुवाद सहित अंकित है। अनुवादक चतुर्वेदी द्वारकाप्रसाद शर्मा, एम० श्रार० ए० एस० हैं, और प्रकाशक रामनारायण लाल पब्लिशर और बुकसेलर, इलाहाबाद है। पैमाना लगभग 718 पृष्ठ का है।
शीर्षक-पृष्ठ पर यह भी अंकित है कि यह पुस्तक १९२७ में छपी थी और इसका प्रथम संस्करण २००० में हुआ, जिसका मूल्य एक रुपया दिया गया है। आवरण-पृष्ठ पर श्री रामचन्द्रपूजा सेवा समिति, इलाहाबाद का पुस्तकालय-आमंत्रण भी दिखाया गया है, जिसमें पुस्तक-क्रमांक 14725 और प्रवेश-क्रमांक 643 अंकित हैं, और साथ में हस्तलिखित अंग्रेज़ी टिप्पणी भी दिखाई गई है। साथ में हस्तलिखित अंग्रेज़ी टिप्पणी भी दिखाई गई है।आवरण-पृष्ठ पर हस्तलिखित अंग्रेज़ी टिप्पणी भी दिखाई गई है, जिसमें लिखा है कि यह पुस्तक इतनी कठिन है कि इसे भीतर से समझना पड़ेगा, और पृष्ठ पर यह भी कहा गया है कि पुस्तक में श्रीकृष्ण-जन्मभूमि और अयोध्या के सम्बन्ध में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया है। पृष्ठ पर यह भी कहा गया है कि पुस्तक में श्रीकृष्ण-जन्मभूमि और अयोध्या के सम्बन्ध में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया है।
यह पुस्तक रामायण-पाठकों के लिए उपयोगी है, और इसमें सुन्दरकाण्ड का हिन्दी अनुवाद मूल संस्कृत के साथ उपलब्ध कराया गया है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- मूल ग्रंथ का परिचय तथा महत्व
- श्लोकों का सरल हिंदी अनुवाद व अर्थ
- मुख्य पात्रों तथा प्रसंगों का वर्णन
- जीवन में अपनाने योग्य शिक्षाएँ
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
उपनयन विधि – Upanayan Vidhi
सूर्यसहस्रनामावली – Surya Sahasra Namavali
श्री महिम्न स्तोत्रम् (कश्मीरी) – Shri Mahimna Stotram
अमृत वाणी (भाग 1) – Amrit Vani
यजुर्वेद संहिता (आर्य समाज परोपकारिणी सभा) – Yajurveda Samhita
श्री महानारायण सहस्रनामावली स्तुति – Shri Maha Narayan Sahasra Namavali
ज्ञान रेह (कश्मीरी) – Gyan Reh Kashmiri
गणेश दुर्गा स्तोत्रावली (1935, श्रीनगर) – Ganesh Durga Stotravali