उत्तिष्ठत जाग्रत- स्वामी विवेकानन्द | Utisthat Jagrat- Swami Vivekananda
इस किताब के बारे में
उत्तिष्ठत जाग्रत स्वामी विवेकानन्द के विचारों पर आधारित पुस्तक है। स्कैन में सबसे ऊपर मुद्रण-विवरण वाला पृष्ठ है, जिसमें प्रकाशक "विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी" और मूल्य "दस रुपये मात्र" दिया गया है, जबकि नीचे मुद्रक "शंकर प्रिंटिंग प्रेस, मद्रास" का नाम है। उसके ठीक बाद "प्रकाशकीय निवेदन" शीर्षक वाला पृष्ठ है, जिसमें बताया गया है कि यह संस्करण विचारकों को समर्पित है और "भारतीय भूषण बहु वर्ष" के अंतर पर "दलितत्व जाग्रता" का नाम लेकर प्रकाशित किया जा रहा है। निवेदन के नीचे "डा. लक्ष्मीगोपाल, अध्यक्षा विवेकानन्द केन्द्र" के हस्ताक्षर मुद्रित हैं।
प्रकाशकीय के बाद "संकलनकर्ता की ओर से" और "संदर्भ" नामक कुछ पृष्ठ दिए गए हैं, जिनमें पाठ की रचना-पद्धति और उसके स्रोत के बारे में बात की गई है। इसके बाद "अनुवादक की ओर से" वाला पृष्ठ आता है। अनुक्रमणा में पुस्तक तीन भागों में बँटी है और भाग-एक का शीर्षक "मानवता से उठ कर स्वतन्त्रता तक — (कुल सात खण्ड)" अंकित है। अनुक्रमणा के बाद स्वामी विवेकानन्द का चित्र और "एक भूत प्रश्न" शीर्षक वाला लेख आता है। पुस्तक लगभग एक सौ अट्ठासी पृष्ठ की है।
यह पुस्तक स्वामी विवेकानन्द की सोच को एकत्र करने वाला दस्तावेज़ है। विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी से प्रकाशित यह संस्करण उनके सार्वजनिक व्याख्यानों और पत्र-सामग्री को एक जगह उपलब्ध कराता है। "दलितत्व जाग्रता" जैसे विषय का नाम संस्करण के प्रकाशकीय में दर्ज होना बताता है कि पुस्तक सामाजिक सुधार से भी जुड़ी है। अनुक्रमणा में सात खण्ड होने से पाठक अपनी रुचि के अनुसार सीधे प्रकरण तक पहुँच सकता है। स्वामी विवेकानन्द के विचारों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक लंबे समय तक उपयोगी रहेगी।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- स्वामी जी का आह्वान तथा संदेश
- जागरण तथा आत्म-विश्वास
- राष्ट्र तथा समाज
- प्रेरक प्रसंग
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
मन की शक्ति तथा जीवनगाथा की साधना – Man Ki Shakti
राजयोग -स्वामी विवेकानंद | Rajyog -Swami Vivekananda
शिक्षा -स्वामी विवेकानंद | Shiksha -Swami Vivekananda
स्वामी विवेकानन्द से वार्तालाप -स्वामी विवेकानंद | Swami Vivekanand Se Vartalap -Swami Vivekananda
भारतीय नारी -स्वामी विवेकानंद | Bhartiya Nari -Swami Vivekananda
धर्मतत्त्व -स्वामी विवेकानंद | Dharmtattv -Swami Vivekananda
प्रेम योग -स्वामी विवेकानंद | Prem Yog -Swami Vivekananda
मेरा जीवन तथा ध्येय -स्वामी विवेकानंद | Mera Jivan Tatha Dhyeya -Swami Vivekananda