अश्वगंधा के फायदे नुकसान और सेवन विधि : Ashwagandha Benefits and Side Effects in Hindi

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे :

1)    3 ग्राम अश्वगन्धा चूर्ण में 3-3 ग्राम मिश्री और घी मिलाकर तथा ऊपर से दूध में मिश्री मिलाकर पीने से अनिद्रा रोग दूर होकर गहरी (निद्रा आती है)।

2)    अश्वगंधा और मिश्री 3-3 ग्राम दूध के साथ नित्य प्रति (लगातार) सेवन करने से कमजोरी दूर होकर सेवनकर्ता हष्ट-पुष्ट हो जाता है । उपर्युक्त योग को नित्य सेवन करने तथा भोजन में मात्र दूध लेने से ही मात्र 40 दिनों में धातुगत एवं शारीरिक दुर्बलता नि:सन्देह ही दूर हो जाती है तथा सेवनकर्ता वीर्यवान और शक्तिशाली हो जाता है ।

3)    अश्वगंधा, चोबचीनी और आँवला सममात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर 6-6 ग्राम की मात्रा में नित्य सुबह-शाम दूध या जल से सेवन करने से 7 से 14 दिनों में ही समस्त प्रकार की वात-व्याधियाँ (वायु, शरीर निर्बलता, रवत विकार) इत्यादि दूर हो जाती है ।

4)    बालकों को अश्वगन्धा का चूर्ण 1-3 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ देने से वह 1 महीने में ही सुन्दर, सुडौल और हष्ट-पुष्ट हो जाता है।

5)    अश्वगन्धा वातनाशक, पौष्टिक और बाजीकरण गुणों से भरपूर है । इसके नित्य चूर्ण के सेवन से शारीरिक दर्द, शिथिलता, निर्बलता, हाथ-पैरों में जलन इत्यादि निःसन्देह दूर हो जाती है।

6)    अश्वगन्धा तनाव को कम करने में बेहद मददगार औषधि है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी काफी मददगार है |Ashwagandha ke Fayde in hindi

7)    अश्वगन्धा चूर्ण 3 ग्राम, मिश्री 3 ग्राम तथा घी 10 ग्राम मिलाकर नित्य लगातार सेवन करने असाध्य गर्भाशय का रक्तस्राव भी रुक जाता है ।

8)    बाल असमय सफेद होने के साथ ही झड़ने भी लगे हैं, तो आपको अश्वगंधा का 3-3 ग्राम दूध के साथ नित्य सेवन करना चाहिए। इससे आपकी समस्या का जरूर समाधान हो जाएगा।

9)    ashwagandha benefits for height – कद बढ़ाने के लिए अश्वगंधा चूर्ण का एक चम्मच गाय के दूध के साथ मिश्री मिलाकर रोज रात्रि में सोने से पहले लेना चाहिए|

10)    असगंध और सोंठ बराबर मात्रा में लेकर इनका चूर्ण बना लें। इसमें से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करें। इससे कमर दर्द से आराम मिलता है।

11)    अश्वगन्धा नागौरी का चूर्ण 1 से 3 ग्राम शहद एवं मिश्री मिले दूध के साथ सुबह-शाम खाने से हड्डी की कमजोरी दूर होकर शरीर पुष्ट और सबल हो जाता है।

अश्वगंधा का सेवन कैसे करे : Ashwagandha ka upyog kaise kare

<>  अश्वगंधा को कैसे खाये ये इस बात पर निर्भर करता है की किस रोग के इलाज के लिए आप इसका सेवन करना चाहते है व आप की उम्र क्या है। बड़ों के मुकाबले बच्चों के लिए इसकी मात्रा कम होती है।

<>  अच्छी सेहत पाने के लिए अश्वगन्धा चूर्ण को 2 से 5 ग्राम तक प्रतिदिन ले सकते है।

<>  किसी रोग के उपचार के लिए अगर आप इसका उपयोग करना चाहते है तो अश्वगंधा को खाने का तरीका उस रोग से जुड़े लेख में जाने।

अश्वगंधा के नुकसान : Ashwagandha ke nuksan

<> यदि आपके पेट में उलसर हो या आपको अश्वगंधा से एलर्जी हो तब आपको इस्तेमाल से बचना चाहिये |

<> अश्वगंधा का अधिक मात्रा में सेवन आपको फायदा की बजाय नुकसान कर सकता है, जैसे की दस्त लगना, पेट मे गैस बनना और उल्टी आना आदि ।

विशेष : अच्युताय हरिओम अश्वगंधा चूर्ण ” एक बलवर्धक व पुष्टीदायक श्रेष्ट रसायन है यह मधुर व स्निग्ध होने के कारण वात शमन करने वाला एवं रस-रक्तादी सप्तधातुओं का पोषण करने वाला है । इससे विशेषतः मांस व शुक्रधातु की वृद्धि होती है । यह शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक,स्नायु और मांसपेशियों को ताकत देनेवाला व कद बढ़ाने वाला एक पौष्टिक रसायन है । धातु की कमजोरी, शारीरिक-मानसिक कमजोरी आदि में लाभदायक है ।बालकों के सर्वांगीन विकास के लिए यह वरदानस्वरूप है।

प्राप्ति-स्थान : सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों( Sant Shri Asaram Bapu Ji Ashram ) व श्री योग वेदांत सेवा समितियों के सेवाकेंद्र से इसे प्राप्त किया जा सकता है |