गिलोय के 12 अदभुत फायदे | 12 Amazing Benefits of Giloy

Home » Blog » Herbs » गिलोय के 12 अदभुत फायदे | 12 Amazing Benefits of Giloy

गिलोय के 12 अदभुत फायदे | 12 Amazing Benefits of Giloy

दिव्य औषधि गिलोय : giloy ke fayde in hindi

भारत में गिलोय (गुरुच या गुडुच ) को कौन नहीं जानता ? गुडुच( giloy) की बेल सर्वत्र दिखाई देती है । बहुवर्षायु, अमृततुल्य गुणकारी रसायन, दिव्य औषधि होने के कारण वह अमृता कहलाती है । वह सर्व रोगों से रक्षा करनेवाली है ।

वैज्ञानिको की द्रष्टि में गिलोय(giloy):

गिलोय(giloy) की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करने पर यह पता चला है कि इसमें गिलोइन नामक कड़वा ग्लूकोसाइड, वसा अल्कोहल ग्लिस्टेराल, बर्बेरिन एल्केलाइड, अनेक प्रकार की वसा अम्ल एवं उड़नशील तेल पाये जाते हैं। पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस और तने में स्टार्च भी मिलता है। कई प्रकार के परीक्षणों से ज्ञात हुआ की वायरस पर गिलोय का प्राणघातक असर होता है। इसमें सोडियम सेलिसिलेट होने के कारण से अधिक मात्रा में दर्द निवारक गुण पाये जाते हैं। यह क्षय रोग के जीवाणुओं की वृद्धि को रोकती है। यह इन्सुलिन की उत्पत्ति को बढ़ाकर ग्लूकोज का पाचन करना तथा रोग के संक्रमणों को रोकने का कार्य करती है।
आइये जाने giloy ke fayde

इसे भी पढ़े : गिलोय सत्व के हैरान कर देने वाले 19 फायदे

गिलोय(giloy) के औषधीय प्रयोग |

★ दालचीनी-लौंग के साथ लेने से मुद्दती बुखार दूर होता है ।
गिलोय(giloy) का रस पीने से मलेरिया तथा पुराना बुखार दूर होता है ।
★ सोंठ के साथ गुडुच (giloy)का उकाला पीने से पीलिया तथा संधिवायु दूर होता है ।
★ घी के साथ प्रयोग करने से वायु के दर्द दूर होते हैं । शक्कर के साथ प्रयोग करने से पित्त के रोग दूर होते हैं । शहद के साथ प्रयोग करने से कफ के रोग दूर होते हैं ।
★ बुखार के बाद रहनेवाली कमजोरी में गुडुच का रस पौष्टिक एवं शक्ति-प्रदायक है ।
★ गिलोय का प्रयोग क्षय, कमजोरी तथा रसायन कर्म में लाभकर्ता है ।
★ लम्बे समय तक लेते रहने से कायमी कब्जी के दर्दी को लाभ होता है ।
★ गिलोय का चूर्ण शहद के साथ इस्तेमाल करने से हृदयरोगवाले को फायदा होता है ।
★ गिलोय का सदा उपयोग करने से डायब्टीजवाले को लाभ होता है । हररोज इंजेक्शन तथा टिकियों की आवश्यकता नहीं पडेगी । उनके कुप्रभावों से दर्दी बच जायेगा ।
★ माता को गिलोय देने से दूध बढता है और माता के दूध के दोष दूर होते हैं । माता के दोषित दूध के कारण होनेवाले रोगों से बालक बच जाता है ।
★ अमुक समयावधि में गिलोय का उपयोग चालू रखने से युवावस्था बनी रहती है ।
★ सिद्ध योगी गोरखनाथ कहते हैं : कुण्डलिनी जागरण के समय शरीर में गर्मी महसूस हो तो गिलोय का रस शहद के साथ ठीक प्रकार मिश्रित करके तृप्तिपूर्वक लिया जाय तो मणिपुर चक्र, नाभिचक्र का शोधन सरलता से हो जाता है ।

2018-08-21T10:08:54+00:00 By |Herbs|1 Comment