पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेश धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।। हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।" "ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।" पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

आँखों की आयुर्वेदिक देखभाल | AYURVEDA EYE CARE REMEDIES

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आँखों की आयुर्वेदिक देखभाल | AYURVEDA EYE CARE REMEDIES

हम त्वचा और बालों पर तो बहुत कुछ लगाते है , पर आँखों के लिए कुछ नहीं करते . आइये देखे हम आँखों में क्या क्या लगा सकते है

– राई के चूर्ण को घी के साथ लगाने से आँखों की फुंसी से राहत मिलती है.

– गाय के दूध से निकले मक्खन को आँखों में लगाने से जलन शांत होती है.

– रीठे के पानी से आँख धोने से सरल मोतियाबिंद में लाभ होता है.

– ताज़ी डूब को पीस कर चपटी गोलियां बना ले. इसे आँखों पर रखने से ठंडक मिलती है और दर्द दूर होता हँ.

– मेथी दाने को पीस कर आँखों के नीचे लगाने से काले घेरे दूर होते है.

– अनंतमूल की जड़ को घीस कर आँख में लगाने से आँख की फूली कट जाती है. इसकी पट्टी के दूध या इसके काढ़े को शहद के साथ आँखों में लगाने से भी नेत्र रोग ठीक होते है.

– पलाश के जड़ के रस की एक बूँद आँख में डालने से झाई , खील , फूली , मोतियाबिंद ,रतौंधी आदि रोग समाप्त होते है.

– त्रिफला के पानी से आँखें धोने पर आँखों के हर प्रकार के रोग समाप्त होते है.

– गुलाबजल से आँखों में छींटे मारे.

– देशी गाय का घी आँख में काजल की तरह लगाए.

– यदि दाई आँख में दर्द हो तो बाए पैर के नाख़ून और बाई आँख में दर्द हो तो दाए पैर के नाख़ून आक के दूध से भिगोये. आक के दूध को कभी भी आँख में ना डाले. इससे आँख की रौशनी हमेशा के लिए चली जाती है.

– जीरा और मेहँदी को कूटकर गुलाबजल में भिगोकर सुबह इसे छान ले. ज़रासी फिटकरी मिलाले. इससे आँख धोने पर आँखों की गर्मी दूर होती है और आँखें स्वस्थ रहती है.

– अनार के पत्तों का रस आँख में लगाने से खुजली , आँखों से पानी बहना , पलकों की खराबी , आदि रोग दूर होते है. पत्तों की लुगदी आँखों पर रखी जा सकती है.

– शिरीष के पत्तों का रस आँख में लगाने से रतौंधी , आँख के दर्द में रौशनी बढाने में लाभ होता है.

– तेजपात को पीसकर आँख में लगाने से आँख का जाला और धुंध मिट जाती है.

– बेर के बीज को घीस कर आँख में लगाने से आँखों का बहना बंद हो जाता है.

– पुनर्नवा की जड़ को कूटकर इसका रस घी के साथ आँखों में लगाने से लाभ होता है.

– चमेली के फूलों का लेप बंद आँखों पर करने से लाभ होता है.

– आँखों में अगर कुछ गिर गया है और नहीं निकल रहा तो दूध की तीन बूंदे डाले.

– वासा के तीन चार फूलों को गर्म कर आँखों पर रखने से गोलक की सूजन में आराम मिलता है.

– शीशम के पत्तों का रस शहद के साथ आँख में डालने से दर्द ठीक होता है.

– जिस आँख में दर्द हो उसकी उलटी तरफ के कान में नीम के पत्तों का रस डालने से आराम मिलता है. नीम के पत्तों का रस आँख में भी लगाया जा सकता है.

– तिल के फूलों पर पड़ी ओस आँख में डालने से सभी प्रकार के रोग दूर होते है.

2017-03-22T22:18:37+00:00 By |Disease diagnostics, Health Tips|0 Comments

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