आंखों की देखभाल और सुरक्षा के घरेलू उपाय और टिप्स | Eye Care Home Remedies and Tips

आंखों की देखभाल आंखों की सुरक्षा के लिए उनकी उचित देखभाल करना चाहिए। यहां कुछ उपाय प्रस्तुत किये जा रहे हैं जिन पर अमल करके आंखों को सुरक्षित और सुन्दर रखा जा सकता है।

आँखों की देखभाल के घरेलू उपाय (Eye Care Home Remedies in Hindi)

न करें एक दम से ठंडे पानी का प्रयोग –

जब गर्मी, धूप या परिश्रम के प्रभाव से शरीर गर्म हो तब शरीर पर एक दम ठण्डा पानी न डालें न ठण्डे पानी से चेहरा धोएं। पसीना सुखा कर और शरीर का तापमान सामान्य करके ही स्नान करें या चेहरा धोएं। सुबह सो कर उठने के बाद चेहरा धोने से पहले ठण्डे पानी से 3-4 बार कुल्ले करें, फिर मुंह में पानी भर लें, इसके बाद चेहरे पर ठण्डे पानी के छींटे मारते हुए चेहरे को धोएं। इससे आंखों में ठण्डक पहुंचती है और जलन नहीं होती।

देर रात तक जागने से बचें –

देर रात तक जागने और सूर्योदय के बाद देर तक सोते रहने से आंखों पर गर्मी चढ़ती हैं, आंखों के पपोटे भारी होते हैं, आंखों में तीखापन और सूनापन आता है तथा रसीलापन और सौम्यस्वरूप ग़ायब होने लगता है अतः निरन्तर रूप से देर रात तक जागने और सुबह देर तक सोये पड़े रहने की आदत न डालें।

कम प्रकाश में पढ़ने या लिखने से बचें –

बहुत दूर के पदार्थों या दृश्यों, चमकीली वस्तुओं या बारीक लिखावट को देर तक न देखें। कम प्रकाश में देखने, पढ़ने या लिखने का काम न किया करें। सिर में भारीपन का अनुभव होने लगे तब फ़ौरन काम करना बन्द कर थोड़ी देर आंखों को विश्राम दें।

धूल , गैस से आंखों को बचाए –

धूल, विषाक्त धुआं, गैस और तेज रोशनी से आंखों को बचा कर रखा करें। ऐसे स्थानों पर ज्यादा देर न ठहरें। यदि आखों पर बुरा प्रभाव होता मालूम पड़े तो साफ़ ठण्डे पानी से अखिों को धो कर ठण्डी पट्टी आंखों पर रख कर 10-15 मिनिट लेटे रहें ।

आंखों को दें विश्राम –

काम करते-करते आंखों में भारीपन, जलन या पीड़ा का अनुभव हो तो काम रोक कर दोनों आंखों पर अपनी हथेलियां हलके से रख लें और धीरे-धीरे हथेलियां हिला कर आंखों को थपथपाते हुए विश्राम दें। आंखें सामान्य अवस्था में आ जाएं तभी काम करें।

इन बुरी आदतों से बचें –

सिर पर चोट लगना, तेज़ रफ्तार की खुली सवारी में बैठना, आंखों से तेज़ हवा का सीधे टकराना, लगातार कई दिनों तक रोते रहना, मल-मूत्र-छींक-जम्भाई और अधोवायु के वेग को बलपूर्वक रोकना, क्रोध, चिन्ता मानसिक तनाव और शोक के आघात से सन्तप्त बने रहना, ऋतुचर्या के विपरीत आहार-विहार करना और भोगविलास में अति करना- ये सब शरीर और स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाले काम हैं। नेत्र चूंकि शरीर का सर्वाधिक कोमल और संवेदनशील अंग होते हैं अतः इन्हें सबसे ज्यादा हानि पहुंचती है। इन दुष्कर्मों से दूर रहें।

आँखें प्रकृतिकी एक अनमोल देन हैं जिन्हें कुछ सामान्य-सी बातोंको ध्यानमें रखकर सदा स्वस्थ रखा जा सकता है आइये जाने आँखों की देखभाल कैसे करे ? Aankhon ki Dekhbhal Kaise Kare in Hindi

कुछ अन्य टिप्स जो करेंगे आखों की देखभाल (Eye Care Tips in Hindi)

☛ प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों का उपयोग उचित मात्रा में करें।
( और पढ़े –आंखों की रोशनी बढ़ाने के उपाय)
☛ तेज धूपसे बचाव के लिये चश्मे का प्रयोग करें। लेकिन छाया में धूप का चश्मा न लगायें। निम्न श्रेणीके सस्ते रंगीन चश्मोंका प्रयोग हानिकारक हो सकता है।
☛ किसी दूसरे व्यक्तिके चश्मेका प्रयोग न करें। लगातार तीव्र प्रकाश जैसे—सूर्य, बल्ब इत्यादिकी तरफ न देखें।
☛ किसी भी प्रकारके रासायनिक पदार्थ का प्रयोग करते समय आँखों को बचाकर रखें।
☛ आंखों की रोशनी बढ़ाने का तरीका- यदि आँखों में कुछ गिर गया हो तो पीड़ित आँखको कभी न रगड़ें, अपितु स्वच्छ जलसे भरी बाल्टी में आँख को बार-बार खोलें और बंद करें।
☛ आँधी, तेज हवा, उड़ती हुई रेत या धूलके समय आँखोंपर चश्मा लगायें।
( और पढ़े –चाहे चश्मा कितने भी नंबर का हो वो भी उतरेगा)
☛ दुपहिया वाहन चलाते समय भी चश्मा लगायें।
☛ बिना योग्य डॉक्टर की सलाह के किसी प्रकार की दवाई का प्रयोग न करें।
☛ पंखे, कूलर के सामने आँखें खोलकर न बैठे।
☛ गरम पानीसे आँखों को न धोयें।
☛ सिर पर अधिक गर्म पानी न डालें।
( और पढ़े –आंखों के मोतियाबिंद को हटाने के सफल 17 घरेलू उपचार)
☛ खट्टी वस्तुओं एवं गरम मसालों का प्रयोग कम करें ।
☛ रात्रि में पढ़ते समय प्रकाश उचित मात्रामें तथा दाईं ओर से आना चाहिये।
☛ पढ़ते समय आँख तथा पुस्तक के बीचकी दूरी ३० सेंटीमीटर से अधिक होनी चाहिये।
☛ aankhon ki dekhbhal kaise karni chahiye-लगातार काम करते रहनेपर जब आँखें थक जायें तो कुछ देरके लिये आँखें बंद करके अपनी हथेलियाँ उनके ऊपर रखें, इससे थकान मिट जाती है।
☛ चाँदनी रातमें चाँदकी तरफ देखनेसे भी आँखोंको लाभ मिलता है।
( और पढ़े –आँखों की लालिमा करें इन उपायों से दूर )
☛ यदि शुद्ध शहद मिले तो प्रतिदिन सोते समय आँखों में डालें।
☛ सस्ते काजल, सुरमा या आँखोंके सौन्दर्य बढ़ानेवाले अन्य सौंदर्य प्रसाधन लाभके स्थानपर हानि पहुँचा सकते हैं। अतः इनसे बचें।
☛ किसी भी प्रकारकी एकाएक उत्पन्न चमक आँखोंके लिये हानिकारक होती है।
☛ गर्भवती स्त्रीको उचित मात्रामें विटामिन ‘ए’ युक्त खुराक दें।
☛ हरियाली देखना आँखों के लिये लाभप्रद है।
☛ जल-नेति करनेसे आँखोंकी रोशनी में वृद्धि होती है।
☛ भोजनो परान्त हाथ धोकर, आँखों पर हाथ फेरें ।
☛ लेटकर अथवा चलते हुए या गतिमान् वाहनमें न पढ़ें।
☛ कच्चा चावल खाने से भी नेत्रज्योति में लाभ होता है।
☛ सिरपर हेयरड्रायर का प्रयोग आँखों के लिये हानिकारक होता है।
☛ उगते सूर्यको देखना भी आँखों के लिये हानिकारक होता है।
☛ गन्दे हाथ, रूमाल या तौलियेके प्रयोगसे आँखोंको बचायें।
☛ अधिक देरतक शीर्षासन न करें।
☛ आँखोंके संक्रामक रोगोंसे स्वयंको तथा दूसरोंको बचानेका प्रयास करें।
☛ कोई रोग होने पर चाहे वह आनुवंशिक हो या संक्रमण से आया हो अथवा आप की दृष्टि में अधिक बड़ा न हो, तुरंत आँखों के विशेषज्ञ डॉक्टर से सम्पर्क करें। निश्चित समय के अन्तराल पर आँखोंकी जाँच करायें तभी आँखें आपका आजीवन साथ निभा पायेंगी।

आंखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा छुड़ाने के लिए घरेलू उपाय :

सुरक्षा के लिए उचित देखभाल करने से जहां नेत्र-ज्योति की रक्षा होती है और हानि नहीं हो पाती वहां ज्योतिवर्द्धक उपाय करने से ज्योति क्षीण नहीं हो पाती और शक्तिशाली बनी रहती है। कुछ लाभप्रद और ज्योतिवर्द्धक उपाय प्रस्तुत किये जा रहे हैं –

(1) पर्याप्त मात्रा में करें विटामिन ‘ए’ का सेवन –

सबसे श्रेष्ठ उपाय है ऐसे पदार्थों का सेवन करना जिनसे शरीर को विटामिन ‘ए’ पर्याप्त मात्रा में मिल सके क्योंकि विटामिन ‘ए’ आंखों के लिए सबसे अधिक उपयोगी और आवश्यक तत्व है। विटामिन ‘ए’ के अभाव से अन्धत्व उत्पन्न होता है। यूं तो बाज़ार में विटामिन ‘ए’ के केपसूल
और टेबलेट केमिस्ट की दूकान पर मिलते हैं पर यह कृत्रिम ढंग से बनाये हुए होते हैं अतः पूरी तरह अंग नहीं लगते। इनकी अपेक्षा प्राकृतिक पदार्थों के सेवन से विटामिन ‘ए’ प्राप्त करना अधिक उत्तम होता है। ऐसे पदार्थों में पत्ता गोभी, (करम कल्ला ), गाजर, आंवला, मूली, मटर, पके टमाटर, धनिया, केला, छुहारा, सन्तरा, सोयाबीन, पपीता, हरीशाक सब्जी, दूध, मख्खन, मलाई, गाय का घी, पका मीठा आम आदि शामिल हैं। पत्तागोभी बारीक कतर कर प्रतिदिन सलाद के रूप में 50 से 100 ग्राम भोजन के साथ खूब चबा-चबा कर खाना चाहिए। इससे शरीर को केरोटीन’ नामक तत्व मिलता है और केरोटीन से विटामिन ‘ए’ मिल जाता है।

(2) नेत्र ज्योति बढ़ाने का चमत्कारी नुस्खा –

सुबह नित्यकर्मों से निवृत्त होने के बाद खाली पेट, लगातार 5-6 माह सेवन करने योग्य एक नुस्खा प्रस्तुत है-
आधा चम्मच ताज़ा मख्खन, आधा चम्मच पिसी मिश्री और पाव चम्मच पिसी हुई काली मिर्च मिला कर चाट लें। इसके बाद पानी वाले कच्चे सफ़ेद नारियल के 2-3 टुकड़े खूब चबा-चबा कर खा लें और अन्त में थोड़ी सौंफ खूब चबा चबा कर खा लें। ये पांचों द्रव्य बहुत पौष्टिक हैं और नेत्र ज्योति बढ़ाने वाले हैं।

(3) नेत्र ज्योति बढ़ाने के घरेलू उपाय –

  • रात को सोने से पहले दोनों आंखों में 2-2 बूंद गुलाब जल डाल कर आंखों पर ठण्डे पानी की पट्टी रखा करें।
  • रात को मिट्टी के बर्तन में 1-2 गिलास पानी डाल कर इसमें 1-2 चम्मच त्रिफला चूर्ण घोल दें और ढक कर रख दें। प्रातः इस पानी को मोटे कपड़े से छान लें और इस पानी से आंखें धोया करें। आंखों में चिनमिनाहट हो तो फ़िक्र न करें। थोड़ी देर आंखों पर ठण्डे पानी की पट्टी रख कर लेटे रहें।

(5) तलुओं की मालिश से नेत्र ज्योति में लाभ –

प्रातः ताज़ी हरी दूब पर नंगे पैर टहलने से आंखों की ज्योति को बहुत लाभ होता है। पैर के तलुओं पर शुद्ध घी की मालिश करना, ग्रीष्म ऋतु में मेहंदी लगाना भी आंखों को लाभ पहुंचाता
है।

(6) उष्ण प्रकृति के पदार्थों के सेवन से बचें –

लालमिर्च, तेज़ मिर्च मसालेदार पदार्थ, खटाई और उष्ण प्रकृति के पदार्थ आंखों को हानि पहुंचाते हैं। इनका सेवन यदाकदा और कम मात्रा में ही करना चाहिए।

इतने उपायों का पालन करने पर आखों की ज्योति क्षीण नहीं होगी, नज़र तेज़ बनी रहेगी और आंखें स्वच्छ एवं सुन्दर बनी रहेंगी।

(दवा व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार सेवन करें)

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