लक्ष्य अब दूर नहीं | Lakshya Ab Door Nahi Swami Ramsukh Das
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लक्ष्य अब दूर नहीं पुस्तक का शीर्षक ही बताता है कि यह आध्यात्मिक साधना के मार्ग को दिखाने वाली पुस्तक है। प्रकाशन गीता प्रकाशन, गोरखपुर से हुआ है और पुस्तक का मूल्य ₹९० रखा गया है। पुस्तक छोटी है — लगभग ८१ पृष्ठों की — पर इसका प्रभाव बहुत गहरा है। इसमें आध्यात्मिक उपदेश हैं, जिन्हें पढ़कर पाठक अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ हो सकता है।
पुस्तक में बताया गया है कि लक्ष्य पहले से ही निकट है, बशर्ते उसे पहचाना और साहस किया जाए। साधना की शुरुआत में विनम्रता और अपने अहंकार को त्याग देना आवश्यक है। आत्म-विश्वास बढ़ाने और मन को स्थिर करने के उपाय भी बताए गए हैं। यह पुस्तक साधकों को प्रेरणा देती है कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हों।
आध्यात्मिक साधकों, भक्ति-मार्गी पाठकों तथा गीता प्रेस के प्रिय पाठकों के लिए यह पुस्तक उपयोगी है। जो लक्ष्य को पाने की चाह रखते हैं, उनके लिए यह एक प्रेरणादायक पुस्तक है। शिक्षा-जगत से जुड़े लोगों और समाज-सेवकों के लिए भी यह ग्रंथ उपयोगी है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
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- लक्ष्य प्राप्ति के सूत्र
- आत्मविश्वास तथा परिश्रम
- मन को दृढ़ करने के उपाय
- प्रेरक प्रसंग
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
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