श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ | SHRESTH HINDI KAHANIYAN 1950-1960
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श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ पुस्तक उन हिन्दी कहानियों का संग्रह है जो उन्नासीस पचास से उनासठवें तक के बीच प्रकाशित हुईं। आवरण-पृष्ठ पर इसके आरंभ और अंत के वर्ष स्पष्ट रूप से अंकित हैं, जिससे इसके काल-विशेष का तुरन्त पता चलता है। संपादन किसी साहित्यिक पत्रिका के सहयोग से किया गया है। प्रकाशन पीयूष पब्लिकेशन्स, दिल्ली से हुआ है। पुस्तक लगभग एक सौ सत्रह पृष्ठ की है।
यह काल हिन्दी कहानी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दशा में साहित्यिक कहानी के साथ-साथ कई नए लेखक सामने आए। पुस्तक में चुने गए कहानियाँ इसी काल-विशेष का प्रतिनिधित्व करती हैं। पृष्ठ-विन्यास सघन है, जिससे अधिक कहानियाँ कम पृष्ठों में समा जाती हैं। आवरण-पृष्ठ पर साहित्यिक दिशा-संकेत भी दिए गए हैं, जिससे पाठक को संग्रह के रुख का पता चल जाता है। पृष्ठ-सूची के कारण किसी भी कहानी तक तुरंत पहुँचा जा सकता है।
यह पुस्तक हिन्दी साहित्य के अध्ययन के लिए उपयोगी है, विशेषकर उन विद्यार्थियों के लिए जो उपन्यास-काल की कहानी-परंपरा से जानना चाहते हैं। काल-विशेष के कहानी-चयन के कारण यह इतिहास-अध्ययन की दृष्टि से भी काम आती है। साहित्य-रुचि वाले पाठक इसे सालाना दोबारा पढ़ सकते हैं और अलग-अलग लेखकों की शैलियों की तुलना कर सकते हैं। छोटी और सस्ती पुस्तक होने के कारण यह शुरुआती पाठकों के लिए भी अच्छी है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
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- चुनी हुई श्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ
- प्रसिद्ध कहानीकारों की रचनाएँ
- जीवन-मूल्य तथा समाज-चित्रण
- रोचक तथा शिक्षाप्रद
पुस्तक की मुख्य बातें
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