रक्त शुद्धि की आयुर्वेदिक दवा रक्त शोधकारिष्ट के अनूठे फायदे और उपयोग विधि

रक्त शोधकारिष्ट : Rakta shodhakarishta

रक्तशुद्धि (खून साफ करने) के लिए आयुर्वेद में कई योग प्रस्तुत किये गये हैं और सभी गुणकारी सिद्ध होते हैं। यहां हम एक ऐसे आयुर्वेदिक योग का विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जो रक्त को शुद्ध कर रक्तविकार तथा इससे उत्पन्न होने वाले चर्म रोगों में लाभकारी है।

यदि रक्त और चर्म विकारों का समय रहते उचित इलाज न किया जाए तो ये बल और विस्तार में बढ़ जाते हैं और इनकी चिकित्सा कठिन साध्य हो जाती है और कभी-कभी ये असाध्य भी हो जाते हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि रक्त एवं चर्म विकारों में विलम्ब और लापरवाही करना ठीक नहीं है।

रक्त शोधकारिष्ट के घटक द्रव्य : Rakta shodhakarishta Ingredients in Hindi

✦ अनन्तमूल – 250 ग्राम
✦ मुनक्का – 250 ग्राम
✦ उशवा -125 ग्राम
✦ कचनार की छाल -125 ग्राम
✦ खैर की अन्तर छाल -125 ग्राम
✦ चोबचीनी- -125 ग्राम
✦ छोटी कटेली – 50 ग्राम
✦ इन्द्रायण की जड़ – 50 ग्राम
✦ सिरस की छाल – 50 ग्राम
✦ मंजिष्ठा – 50 ग्राम
✦ चिरायता – 50 ग्राम
✦ पित्तपापड़ा – 50 ग्राम
✦ गिलोय – 50 ग्राम
✦ मुण्डी – 50 ग्राम
✦ सरफोंका – 50 ग्राम
✦ उन्नाब – 50 ग्राम
✦ शतावरी – 50 ग्राम
✦ बबूल की छाल – 50 ग्राम
✦ जवासा की जड़ – 50 ग्राम
✦ देवदारु की छाल – 50 ग्राम
✦ नीम की छाल – 50 ग्राम
✦ बकायन की छाल – 50 ग्राम
✦ साढ़े बारह लिटर पानी
✦ गुड़ सवा किलो
✦ शहद सात सौ ग्राम
✦ घांस के फूल 125 ग्राम,
✦ रक्त चन्दन का चूर्ण 60 ग्राम
✦ पीपल -10 ग्राम
✦ दालचीनी -10 ग्राम
✦ तेजपात -10 ग्राम
✦ इलायची -10 ग्राम
✦ नागकेशर-10 ग्राम

रक्त शोधकारिष्ट बनाने की विधि :

अनन्तमूल से लेकर बकायन की छाल तक के द्रव्यों को मोटा मोटा कूट कर साढ़े बारह लिटर पानी में डालकर उबालें और जब पानी चौथाई भाग बचे तब उतार कर ठण्डा कर लें और मसल कर छान लें। अब इसमें गुड़, शहद आदि द्रव्य डाल कर मुख मुद्रा करके बरतन बन्द करके एक मास तक रख कर छान लें और बोतलों में भर लें।

उपलब्धता : यह योग इसी नाम से बना बनाया बाज़ार में मिलता है।

सेवन विधि :

इसकी 1 से 2 बड़ी चम्मच एक कप पानी में मिलाकर दोनों वक्त के भोजन उपरान्त सेवन करना चाहिए।

रक्त शोधकारिष्ट के फायदे और उपयोग : Rakta shodhakarishta Benefits in Hindi

1- यह अरिष्ट रक्त में मौजूद कीटाणुओं और विषाक्त तत्वों को नष्ट करके खून को साफ करने लिए प्रसिद्ध है।

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2- रक्त शोधकारिष्ट त्वचा के लाल काले धब्बे व चकत्ते दूर करता है ।

3- सन्धिवात ,कुष्ठ, वातरक्त, रक्तविकार एवं फोड़े फुसी आदि व्याधियों को नष्ट करने में यह योग बहुत गुणकारी सिद्ध होता है।

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(दवा को वैद्यकीय सलाहनुसार सेवन करें)