मरोडफली के फायदे, गुण, उपयोग और नुकसान – Marod Fali Benefits and Side Effects in Hindi

Last Updated on August 5, 2022 by admin

मरोडफली क्या है ? marod fali in hindi

मरोडफली एक छोटे झाड़ी नुमा वृक्ष में लगने वाली फली का नाम है । यह फली रस्सी की तरह बल खाई हुई होती है इसीलिए इसे मरोड़फली कहते हैं । यह सारे भारत में, विशेषतः मध्य और पश्चिमी भारत के उष्ण वनों में पैदा होती है । इस का वृक्ष 5 से 15 फुट ऊंचा होता है । इसके पत्ते गोलाकार 3-4 इंच लम्बे और 2-3 इंच चौड़े होते हैं, फूल लाल रंग के होते हैं और हरी भरी हालत में फलियां हरी और सूखने पर काली हो जाती हैं । मार्च में पतझड़ हो जाती है और अप्रेल मास तक फूल और अक्टूबर से जून तक फल लगते हैं।

मरोडफली का विभिन्न भाषाओं में नाम :

  • संस्कृत – आवर्तनी ।
  • हिन्दी – मरोड़फली ।
  • मराठी – केवण ।
  • गुजराती – मरड़ासिंग ।
  • बंगला – आंत मोड़ा ।
  • तेलुगु – बालंबिरी ।
  • तामिल – बालंपुरी, वलम्पिरी।
  • कन्नड़ – पेदा मुरि ।
  • मलयालम – ईश्वरमुरि ।
  • उड़िया – मुरमुरिया ।
  • पंजाबी – कुपासी ।
  • उर्दू – मरोड़फली ।
  • इंगलिश – इण्डियन स्क्रू-ट्री (indian screw tree)
  • लैटिन – हेलिक्टेरस इसोरा (Helicteres isora) ।

मरोडफली के औषधीय गुण :

  • मरोड़फली हलकी, रूखी, कसैली, कटु और शीतल है ,
  • यह अतिसार दूर करने वाली,
  • कफ व पित्त का शमन करने वाली,
  • कफ निकालने वाली,
  • खुजली तथा कृमि को नष्ट करने वाली है।

मरोडफली के फायदे हिंदी में : marod fali ke fayde in hindi

इस वृक्ष की छाल, जड़ और फल का उपयोग किया जाता है । यह मुख्य रूप से उदर रोगों को दूर करने में लाभकारी है ।
इसका काढ़ा बनाने के लिए दो कप पानी में फली डाल कर उबालें । जब पानी आधा कप बचे तब उतार कर छान लें । यही काढ़ा है ।

1. पेट दर्द में मरोडफली के फायदे : मरोड़ फली का काढ़ा बना कर बच्चों को एक – एक छोटा चम्मच, दिन में तीन बार पिलाने से पेट दर्द दूर हो जाता है ( और पढ़े – पेट दर्द के 10 रामबाण घरेलु उपचार )

2. पेट के कृमि में मरोडफली के फायदे : मरोड़ फली और बायबिडंग का काढ़ा बना लें। इसे बच्चों को 1-1 छोटा
चम्मच सुबह शाम पिलाने से पेट के कीड़े मर कर मल के साथ निकल जाते हैं ।

3. अफारा में मरोडफली के फायदे : पेट फूलना और तनाव मालूम देना ‘अफारा’ कहलाता है । मरोड़फली का बारीक पिसा चूर्ण और पिसा हुआ काला नमक – दोनों बराबर मात्रा में ले कर मिला लें। यह चूर्ण 5 ग्राम कुनकुने पानी के साथ फांकने से अफारा और पेट दर्द दूर होता है

4. अतिसार में मरोडफली के फायदे : मरोडफली, अतीस और इन्द्रजौ – तीनों को अलगअलग कूट पीस महीन चूर्ण करके मिला लें । इसे तीन बार छान कर शीशी में भर लें । ठण्डे पानी के साथ 1-1 चम्मच चूर्ण, दिन में तीन बार लेने से अतिसार यानी बारबार पतले दस्त लगना बन्द हो जाता है। ( और पढ़े –दस्त रोकने के 33 घरेलु उपाय )

5. डकार में मरोडफली के फायदे : मरोड़फली के फल का चूर्ण लगभग 2 से 3 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से डकार, अफारा (पेट में गैस) और पेट का दर्द कम होकर लाभ मिलता है।

6. वमन (उल्टी) में मरोडफली के फायदे : 6 ग्राम मरोड़फली का चूर्ण चावलों के पानी में मिलाकर उसमें थोड़ा-सा शहद मिलाकर पीने से हर प्रकार की उल्टी बंद हो जाती है। ( और पढ़े – उल्टी के कारण व रोकने के 37 घरेलु उपचार)

7. आमातिसार में मरोडफली के फायदे : आमातिसार (दस्त के साथ ऑव आना) के रोग ठीक करने के लिए डेढ़ ग्राम से 3 ग्राम मरोड़फली की छाल या फल सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिलता है।

8. खूनी अतिसार में मरोडफली के फायदे : 15 ग्राम मरोड़फली को पानी में भिगो दें। फिर उसको पानी में मसलकर पानी को छानकर सेवन करने से कफ (बलगम) और खूनी दस्त (रक्तातिसार) समाप्त हो जाता है।

9. चेहरे के दाग-धब्बे में मरोडफली के फायदे : मरोड़फली के फल को पीसकर लगाने से दाग-धब्बे तथा खाज-खुजली ठीक हो जाती है। ( और पढ़े – चेहरे की झाइयाँ दूर करने के 39 घरेलू उपचार)

मरोडफली के नुकसान : marod fali side effect in hindi

मरोडफली का अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें यह नुकसानदायक हो सकता है । इसे आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार सटीक खुराक समय की सीमित अवधि के लिए लें।

(अस्वीकरण : दवा, उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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