मरोडफली के फायदे और नुकसान गुण और उपयोग | Marod Fali Benefits and Side Effects in Hindi

मरोडफली क्या है ? marod fali in hindi

मरोडफली एक छोटे झाड़ी नुमा वृक्ष में लगने वाली फली का नाम है । यह फली रस्सी की तरह बल खाई हुई होती है इसीलिए इसे मरोड़फली कहते हैं । यह सारे भारत में, विशेषतः मध्य और पश्चिमी भारत के उष्ण वनों में पैदा होती है । इस का वृक्ष 5 से 15 फुट ऊंचा होता है । इसके पत्ते गोलाकार 3-4 इंच लम्बे और 2-3 इंच चौड़े होते हैं, फूल लाल रंग के होते हैं और हरी भरी हालत में फलियां हरी और सूखने पर काली हो जाती हैं । मार्च में पतझड़ हो जाती है और अप्रेल मास तक फूल और अक्टूबर से जून तक फल लगते हैं।

मरोडफली का विभिन्न भाषाओं के नाम :

संस्कृत – आवर्तनी । हिन्दी – मरोड़फली । मराठी – केवण । गुजराती – मरड़ासिंग । बंगला – आंत मोड़ा । तेलुगु – बालंबिरी । तामिल – बालंपुरी, वलम्पिरी। कन्नड़ – पेदा मुरि । मलयालम – ईश्वरमुरि । उड़िया – मुरमुरिया । पंजाबी – कुपासी । उर्दू – मरोड़फली । इंगलिश – इण्डियन स्क्रू-ट्री (indian screw tree) लैटिन – हेलिक्टेरस इसोरा (Helicteres isora) ।

मरोडफली के औषधीय गुण :

✶मरोड़फली हलकी, रूखी, कसैली, कटु और शीतल है ,
✶यह अतिसार दूर करने वाली,
✶कफ व पित्त का शमन करने वाली,
✶कफ निकालने वाली,
✶खुजली तथा कृमि को नष्ट करने वाली है।

मरोडफली के फायदे हिंदी में : marod fali benefits in hindi

marod fali ke fayde in hindi
इस वृक्ष की छाल, जड़ और फल का उपयोग किया जाता है । यह मुख्य रूप से उदर रोगों को दूर करने में लाभकारी है ।
इसका काढ़ा बनाने के लिए दो कप पानी में फली डाल कर उबालें । जब पानी आधा कप बचे तब उतार कर छान लें । यही काढ़ा है ।

1- पेट दर्द में मरोडफली के फायदे :
मरोड़ फली का काढ़ा बना कर बच्चों को एक – एक छोटा चम्मच, दिन में तीन बार पिलाने से पेट दर्द दूर हो जाता है ( और पढ़ेपेट दर्द के 10 रामबाण घरेलु उपचार )

2-पेट के कृमि में मरोडफली के फायदे :
मरोड़ फली और बायबिडंग का काढ़ा बना लें। इसे बच्चों को 1-1 छोटा
चम्मच सुबह शाम पिलाने से पेट के कीड़े मर कर मल के साथ निकल जाते हैं ।

3- अफारा में मरोडफली के फायदे :
पेट फूलना और तनाव मालूम देना ‘अफारा’ कहलाता है । मरोड़फली का बारीक पिसा चूर्ण और पिसा हुआ काला नमक – दोनों बराबर मात्रा में ले कर मिला लें। यह चूर्ण 5 ग्राम कुनकुने पानी के साथ फांकने से अफारा और पेट दर्द दूर होता है

4-अतिसार में मरोडफली के फायदे :
मरोडफली, अतीस और इन्द्रजौ – तीनों को अलगअलग कूट पीस महीन चूर्ण करके मिला लें । इसे तीन बार छान कर शीशी में भर लें । ठण्डे पानी के साथ 1-1 चम्मच चूर्ण, दिन में तीन बार लेने से अतिसार यानी बारबार पतले दस्त लगना बन्द हो जाता है। ( और पढ़ेदस्त रोकने के 33 घरेलु उपाय )

5-डकार में मरोडफली के फायदे :
मरोड़फली के फल का चूर्ण लगभग 2 से 3 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से डकार, अफारा (पेट में गैस) और पेट का दर्द कम होकर लाभ मिलता है।

6- वमन (उल्टी) में मरोडफली के फायदे :
6 ग्राम मरोड़फली का चूर्ण चावलों के पानी में मिलाकर उसमें थोड़ा-सा शहद मिलाकर पीने से हर प्रकार की उल्टी बंद हो जाती है। ( और पढ़ेउल्टी के कारण व रोकने के 37 घरेलु उपचार)

7- आमातिसार में मरोडफली के फायदे :
आमातिसार (दस्त के साथ ऑव आना) के रोग ठीक करने के लिए डेढ़ ग्राम से 3 ग्राम मरोड़फली की छाल या फल सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिलता है।

8- खूनी अतिसार में मरोडफली के फायदे :
15 ग्राम मरोड़फली को पानी में भिगो दें। फिर उसको पानी में मसलकर पानी को छानकर सेवन करने से कफ (बलगम) और खूनी दस्त (रक्तातिसार) समाप्त हो जाता है।

9- चेहरे के दाग-धब्बे में मरोडफली के फायदे :
मरोड़फली के फल को पीसकर लगाने से दाग-धब्बे तथा खाज-खुजली ठीक हो जाती है। ( और पढ़ेचेहरे की झाइयाँ दूर करने के 39 घरेलू उपचार)

मरोडफली के नुकसान : marod fali side effect in hindi

मरोडफली का अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें यह नुकसानदायक हो सकता है । इसे आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार सटीक खुराक समय की सीमित अवधि के लिए लें।

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