तरबूज खाने के 21 बड़े फायदे | Tarbuj (Tarbooz) Khane ke labh

तरबूज क्या है ? : Watermelon in Hindi

गर्मी के मौसम में तरबूज शरीर को शीतलता, ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है|गर्मियों में यह आपको शीतलता ही प्रदान नहीं करता, बल्कि सेहतमंद भी रखता है| इसमें 92% पानी रहता है जो गर्मी से राहत दिलाने में बहुत मदद करता है| आप तरबूज के स्वास्थ्यवर्द्धक गुणों के बारे में जानकर आश्चर्य में पड़ जायेंगे|

तरबूज खाने के फायदे और उपयोग : Tarbuj (Tarbooz) ke Fayde

१. पेशाब करने में कष्ट (मूत्रकृच्छ या जलन) और पथरी(Kidney Stone) :

  • तरबूज के बीज के फायदे-तरबूज के बीजों को गर्म पानी मे पीसकर छानकर पी लें| इससे पेशाब करने पर होने वाले कष्ट दूर हो जाते हैं| इसके सेवन से पथरी गलकर पेशाब के द्वारा बाहर निकल जाती है|
  • तरबूज की जड़ को ताजे पानी में पीसकर उसे तीन बार छानकर कम से कम 10 दिनों तक रोज खायें इससे पथरी गलकर बाहर निकल जाती है|

२. मुंह के छाले : तरबूज के छिलके जलाकर उसकी राख को छालों पर लगाने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं|

३. कब्ज(Constipation) : तरबूज कुछ दिनों तक सेवन करने से पेट की कब्ज की समस्या खत्म हो जाती है|

४. त्वचा के जहरीले छाले : तरबूज के अंदर के गूदे को त्वचा के जहरीले छाले पर लगाकर पट्टी बांधने से छाले ठीक हो जाते हैं|

५. सिर दर्द (Headache):

  • सिर में दर्द गर्मी के कारण हो तो तरबूज(Tarbooz) के गूदा रस पीए इससे दर्द ठीक हो जाता है |
  • मिश्री को तरबूज के रस में मिलाकर पीने से सिर दर्द खत्म हो जाता है|

६. आंवरक्त (खूनी पेचिश/Bloody diarrhea) : पेचिश के रोगी को तरबूजा खिलाने से शरीर के अंदर मलदोष दूर होकर खूनी पेचिश ठीक हो जाती है| इसे रोगी को सेवन कराने के बाद पानी बिल्कुल भी न पिलाएं|

७. जलोदर (पेट में पानी जमा होना) : तरबूजा को खाने से पेशाब खुलकर आता है जिसके फलस्वरूप जलोदर ठीक हो जाता है|

८. रक्तप्रदर (खूनी प्रदर) : 10-10 ग्राम तरबूज के लाल बीज और मिश्री को पीसकर पानी के साथ खाने से रक्त प्रदर ठीक हो जाता है|

९. उपदंश (फिरंग) : पके हुए तरबूज में एक चौकोर टुकड़ा काटकर निकाल लें फिर तरबूज के कटे हुए भाग में से कुछ उसके गूदा को और निकाल लें| इसके बाद इसमें 250 ग्राम चीनी भरकर ऊपर से वही टुकड़ा रखकर उसका मुंह बंद कर दें और रात के समय इसे ओस में रख दें| सुबह के समय इसके अंदर का पानी पीएं| इस प्रकार से उपचार प्रतिदिन कुछ दिनों तक करने से उपदंश रोग ठीक हो जाता है|

१०. एलर्जी : यदि गर्मियों का मौसम चल रहा हो तो तरबूज के रस में कालानमक डालकर पीने से एलर्जी दूर होती है|

११. उच्च रक्तचाप (हाईब्लड प्रेशर/high blood pressure) :

  • इसका सेवन उक्त रक्तचाप को बढ़ने से भी रोकता है|
  • Tarbooz khane ke labhउच्च रक्तचाप में तरबूज के बीज के फायदे- तरबूज के बीज की गिरी और सफेद खसखस अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा मिलाकर रख लें| फिर इसमें से 3 ग्राम की मात्रा सुबह-शाम खाली पेट पानी के साथ लें| इससे रक्तचाप कम होता है और रात में नींद अच्छी आती है| सिर दर्द भी दूर हो जाता है| इसके सेवन से रक्तवाहिनियों की कठोरता घटने लगती है और खून की खराबी भी दूर होती है व रक्तवाहिनियां मुलायम और लचकीली बनने लगती है| इसका प्रयोग आवश्यकतानुसार चार से पांच सप्ताह तक करना चाहिए|
  • तरबूज के बीजों के रस में एक तत्व होता है जिसे कुरकुर पोसाइट्रिन कहते हैं| इसका असर गुर्दो पर भी पड़ता है| इससे उच्च रक्तचाप कम हो जाता है| इसके अलावा टखनों के पास की सूजन भी ठीक हो जाती है|
  • 1 कप तरबूज के रस में 1 चुटकी सेंधानमक डालकर पीने से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) कम होता है|

१२. होंठ फटना : तरबूजे (Tarbooz)के बीज को पानी में पीसकर होंठों अथवा जीभ पर मलने से `होठ तथा जीभ का फटना` ठीक हो जाता है|

१३•सूजन:

  • लगभग 50 मिलीलीटर तरबूज के रस में लगभग 2 ग्राम कालीमिर्च के चूर्ण को मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करने से सूजन (शोथ) दूर हो जाती है|
  • तरबूज के बीजों का रस या जूस पीने से गुर्दों की खराबी के कारण होने वाली सूजन खत्म हो जाती है|

१४. वहम (भ्रम) और पागलपन (Madness):

  • तरबूज का 1 कप रस, 1 कप गाय का दूध व मिश्री 30 ग्राम मिलाकर 1 सफेद कांच की बोतल में भर दें| इस बोतल को रात के समय में खुले आकाश (चांदनी) में किसी सुरक्षित जगह पर रख दें| सुबह के समय में इसे रोगी को पिलाएं| इस प्रयोग को लगातार 21 दिन तक करते रहने से पागलपन व वहम दूर हो जाता है|
  • 10 ग्राम तरबूज के बीजों को छीलकर उसकी गिरी को निकाल लें| इस गिरी को शाम के समय में पानी में डालकर रख दें और फिर सुबह में इन गिरियों को जल में पीसकर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर सेवन करने से उन्माद या पागलपन ठीक हो जाता है|

१५. जोड़ों का दर्द: तरबूज(Tarbuj) का रस पीने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है|

१६. मन (उल्टी) होना : भोजन के बाद अगर कलेजे में जलन होकर उल्टी आ रही हो तो सुबह-सुबह 1 गिलास तरबूज का रस मिश्री मिलाकर पीने से लाभ मिलता है|

१७. ज्वर (बुखार/fever) : यदि धूप में चलने के कारण ज्वर (बुखार) हो जाए तो तरबूज का सेवन करने से बुखार ठीक हो जाता है|

१८. सूखी खांसी (Dry cough): सूखी खांसी होने पर तरबूज का सेवन करने से सूखी खांसी ठीक हो जाती है|

१९. इन्द्रिय (लिंग) में घाव और मूत्र में जलन : तरबूत का रस किसी बर्तन में लेकर उसे रात के समय में ओस में रख दें और सुबह के समय में इसमें चीनी मिलाकर पी जाएं| इसका सेवन प्रतिदिन करने से लिंग का घाव और मूत्र की जलन नष्ट हो जाती है

२०. नंपुसकता (नामर्दी/Impotency) : तरबूज के बीजों की गिरी 6 ग्राम तथा मिश्री 6 ग्राम को एक साथ चबाकर खाने और ऊपर से दूध पीने से शरीर में ताकत की वृद्धि होती है जिसके फलस्वरूप नपुंसकता खत्म होती है|

२१ सौंदर्य: तरबूज के लाल गूदेदार छिल्कों को हाथ-पैर, गर्दन व चेहरे पर रगड़ने से सौंदर्य निखरता है।

तरबूज के नुकसान : Tarbuj ke Nuksan

तरबूज का रस दमे के मरीजों को नहीं पीना चाहिए|

(उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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