मंडप कुण्ड सिद्धि – Mandapa Kund Sidhi
इस किताब के बारे में
मण्डपकुण्डसिद्धि एक तांत्रिक-सिद्धि पर आधारित संस्कृत ग्रंथ है, जिसका हिन्दी व्याख्यान महर्षि अभय कात्यायन ने किया है। प्रकाशन चौदम्बा सूर्यभारती प्रकाशन, वाराणसी से हुआ है और यह चौबीसवीं सूर्यभारती प्रथमाला का भाग है। पुस्तक संस्कृत-हिन्दी दोनों भाषाओं में है और इसमें लगभग १३२ पृष्ठों का पाठ है।
पुस्तक में आग्नेय यन्त्र और मण्डप-कुण्ड सिद्धि की विधि का संस्कृत मूल पाठ के साथ हिन्दी अर्थ दिया गया है। इसमें बताया गया है कि किस प्रकार की साधना और यन्त्र-रचना के माध्यम से सिद्धि प्राप्त की जाती है। पुस्तक में नौ विभिन्न अग्नि-यन्त्रों के चित्र भी दिए गए हैं, जो पाठक को प्रक्रिया समझने में सहायक होते हैं।
तंत्र-शास्त्र और अग्नेय-साधना में रुचि रखने वाले अध्येताओं के लिए यह पुस्तक उपयोगी है। संस्कृत ज्ञान के विद्यार्थियों को हिन्दी व्याख्या के कारण यह ग्रंथ समझने में सरल लगेगा। प्राचीन तांत्रिक परंपरा का यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- मंडप तथा कुण्ड निर्माण की विधि
- यज्ञ-मंडप के माप तथा नियम
- सिद्धि तथा शुभता
- धार्मिक विधान
पुस्तक की मुख्य बातें
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