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प्राच्य और पाश्चात्य -स्वामी विवेकानंद | Prachya Aur Pashchatya -Swami Vivekananda

श्रेणी: PDF Booksश्रेणी: Swami Vivekanandaसाइज़: 8 mbडाउनलोड: 3,804व्यू: 2,898

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इस किताब के बारे में

प्राच्य और पाश्चात्य नामक पुस्तक का शीर्षक-पृष्ठ स्वामी विवेकानन्द के नाम से है और उस पर (न्यू संस्करण) अंकित है। प्रकाशक श्रीरामकृष्ण आश्रम, नागपुर (मध्यप्रदेश) है और पुस्तक उसी आश्रम की श्रीरामकृष्ण-विवेकानन्द-स्मृतिग्रन्थमाला की दूसरी पुस्तक (पुस्त-द्वया) के रूप में छपी है। प्राक्कथन स्वामी भास्करश्रेयनन्द, अध्यक्ष श्रीरामकृष्ण आश्रम, नागपुर-१ ने लिखा है और मुद्रक रे. वा. पाखड़ा द्वारा सेंट्रल इंडिया प्रिंटिंग प्रेस, लिंगो वर्कर्स लि. (सिविल लाइंस, नागपुर) में हुई है।

पुस्तक का आरंभ नियेदन नामक अंतिम पृष्ठ से होता है, जिसमें बताया गया है कि यह पुस्तक हिन्दी जगत के समक्ष पहले प्रकाशित हुई थी और अब उसका चतुर्थ संस्करण मुद्रणाधीन है। इसमें लिच्छनी दूर्वा, रजनीकान्त सेब तथा महात्मा जी के आत्मानुभव आदि विषयों पर विवेकानन्द जी ने अपने अनुभव के आधार पर लिखा है। पाठ में यह भी कहा गया है कि संसार-सम्बन्धी आलोचना का कार्य केवल आत्मानुभव-आधारी पुस्तक में ही सार्थक हो सकता है।

स्वामी विवेकानन्द के ये प्रबंध हिन्दी साहित्य में विचार-मथन के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं और आज भी समाज-सुधार के प्रश्नों पर इनकी चर्चा जारी है। प्राच्य और पाश्चात्य में भारतीय दर्शन और पाश्चात्य विचार-धारा की तुलनात्मक समीक्षा की गई है, जो पाठकों की तुलनात्मक दृष्टि को प्रशस्त करती है। श्रीरामकृष्ण आश्रम की यह स्मृतिग्रन्थमाला विवेकानन्द जी के अन्य ग्रन्थों के साथ उपलब्ध है।

यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।

कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।

📖 पुस्तक के अंदर क्या है —
  • पूर्व तथा पश्चिम की संस्कृति
  • दोनों की विशेषताएँ तथा तुलना
  • स्वामी जी के विचार
  • प्रेरक व्याख्या

पुस्तक की मुख्य बातें

📕पूरी पुस्तक, एक ही PDF मेंपूरा ग्रंथ, बिना टूटे
🕉️सरल हिंदी भाषाआसान शब्दों में सामग्री
📚PDF Books विषय की पुस्तकसंबंधित जानकारी एक जगह
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