रोज़मर्रे की कहानियां | ROZMARRA KI KAHANIYAN
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
रोज़मर्रे की कहानियाँ होलगर पुक्क की कृति का हिन्दी संस्करण है, जिसमें चित्र और कहानी दोनों शामिल हैं। प्रथम संस्करण सितम्बर 2003 में निकला, इसके बाद जनवरी 2008 और अगस्त 2012 में दो पुनर्मुद्रण हुए; प्रथम संस्करण की कीमत 20 रुपये रखी गई थी। प्रकाशन अनुराग पुस्तक, टेहरी (उत्तराखंड) से हुआ और मुद्रण तेजार टाइप सेटिंग, गोविंदनगर, लखनऊ से कराया गया।
पुस्तक में छह कहानियाँ संग्रहित हैं — विशाल हिमगोला, चन्दू की चिट्ठी, शेर, एक उजाली सुमेर को, रानी माँ नीले और गुलाबदंती, तथा रानी और मात्रा। पहली कहानी विशाल हिमगोला में राजू के हिमगोला बनाने की प्रवृत्ति से बात शुरू होती है, जिसमें बड़ी चीज़ करने की उमंग और छोटी चीज़ को ठुकराने की सोच दोनों दिखाई गई हैं, और कहानी अंत में एक अस्पष्ट लेकिन सुन्दर मोड़ लेती है। पृष्ठों पर सरल रेखा-चित्र बनाए गए हैं।
यह किताब बच्चों के लिए बनी छोटी और सुन्दर कहानियों की पुस्तक है, जो हिन्दी सरल भाषा में लिखी गई हैं। बच्चे कहानियाँ सुनते और पढ़ते हुए अपनी कल्पनाशक्ति को विकसित कर सकते हैं। छोटे बजट में छपी होने के कारण यह संग्रह आज भी सरलता और सुलभता के कारण पढ़ने योग्य है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- रोज़मर्रा की कहानियाँ
- शिक्षाप्रद तथा रोचक
- जीवन-मूल्य
- सरल भाषा
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
हास्य सुधूपास्यम् (डॉ. प्रश्य मित्र शास्त्री) – Hasya Sudhyupasyam
नवीन पन्नेरी बाल कथाएँ गुरु नानक देव (भाग 3) – Navin Paneeri Baal Kathaye
नवीं पन्नेरी – Navin Paneeri Baal Kathaye
अंडे से चूजा | FROM EGG TO CHICK
तोता | TOTA
वांका | VANKA
नाव चली | NAV CHALI
धम्मक धम | DHAMMAK DHAM