संस्कृत शास्त्र मंजूषा - Sanskrit Shastra Manjusha
📖 मुफ़्त PDF

संस्कृत शास्त्र मंजूषा – Sanskrit Shastra Manjusha

श्रेणी: PDF Booksश्रेणी: Vedantaसाइज़: 195.7 mbडाउनलोड: 3,750व्यू: 6,888

बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।

⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँ
✔ कोई लॉगिन नहीं✔ 100% मुफ़्त✔ सीधे डाउनलोड

इस किताब के बारे में

संस्कृत शास्त्र-मञ्जूषा नामक पुस्तक के शीर्षक-पृष्ठ पर उपशीर्षक संस्कृतविद्ययस्य सर्वांसां परिज्ञाणं कृते अंकित है। लेखक डॉ. उदयशंकर झा हैं। प्रकाशक चौखम्भा सुरकारती प्रकाशन, वाराणसी है और यह पुस्तक चौखम्भा पुराणी प्रकाशन श्रृंखला की 536वीं पुस्तक है। प्रकाशन-पृष्ठ पर प्रथम संस्करण 2012 और मूल्य 300 रुपये अंकित हैं, तथा मुद्रण का काम डी.एल. ऑफसेट, दिल्ली ने किया है।

पुस्तक का आवरण स्पष्ट कराता है कि यह संस्कृत की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है। इसमें बी.जी.सी. नेट, भू.जी.सी. कोच, सी.एस.एस., बी.ए.एस., आई.ए.एस., पी.एच.डी., सहायक प्राध्यापक, राजस्थानीय प्रशासनिक सेवा तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जैसी परीक्षाओं से जुड़ी आवश्यक सामग्री — व्याकरण, कोश, धनुर्वचन, प्रकरण और साहित्य-सामग्री — एकत्र की गई है।

श्रृंखला की 536वीं पुस्तक होने के कारण यह संस्कृत-अध्ययन के परंपरागत पाठ्यक्रम का हिस्सा माना जाता है। प्रशस्तवादु डॉ. परनवीर राहा, कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने 26 अक्टूबर 2011 को इसे प्रशस्त किया तथा इसमें चयनित अध्ययन-सामग्री के साथ अभ्यास-उपयोगी पाठ उपलब्ध कराने पर बल दिया। संस्कृत के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी संदर्भ है।

यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।

कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।

📖 पुस्तक के अंदर क्या है —
  • आत्मा तथा ब्रह्म का स्वरूप
  • जगत् की उत्पत्ति, माया तथा अद्वैत
  • साधना, ध्यान तथा आत्मज्ञान के सोपान
  • उपनिषद् तथा गीता का सार

पुस्तक की मुख्य बातें

📕पूरी पुस्तक, एक ही PDF मेंपूरा ग्रंथ, बिना टूटे
🕉️सरल हिंदी भाषाआसान शब्दों में सामग्री
📚PDF Books विषय की पुस्तकसंबंधित जानकारी एक जगह
📱मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ेंकिसी भी PDF ऐप में

डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम

1डाउनलोड बटन दबाएँऊपर दिए बटन पर क्लिक करें।
2फ़ाइल सेव करेंPDF आपके फ़ोन/कंप्यूटर में सेव हो जाएगी।
3पढ़ना शुरू करेंकिसी भी PDF ऐप में खोलिए — इंटरनेट की ज़रूरत नहीं।

डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ

🙏 यह पुस्तक साझा करें

इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।

🙏 यह पुस्तक जनकल्याण के उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है। पसंद आए तो ऊपर दिए बटन से दूसरों के साथ भी साझा कीजिए — इसी तरह और किताबें सब तक पहुँचेंगी।
Share to...